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बुझेगी नहीं गंगाशरण के आखों की रोशनी
Updated Tue, 16 Oct 2018 02:16 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
मैरिस रोड स्थित महावीर पार्क निवासी आर्यसमाजी गंगाशरण गोयल की आंखें उनकी इच्छा के मुताबिक जेएन मेडिकल कालेज में दान कर दी गईं। वह अपने बच्चों को समाज सेवा करना सिखा कर गए। बच्चों ने इसके साथ ही मानव उपकार संस्था तथा तथा आर्य समाज की विभिन्न शाखाओं को सहायता राशि उपलब्ध करायी है।
गंगाशरण गोयल अपनी धर्मपत्नी शशीप्रभा गोयल के साथ आर्य समाज की विभिन्न शाखाओं से जुड़कर तथा समाज की विभिन्न संस्थाओं के माध्यमों से समाजसेवा कर रहे थे। 10 अक्तूबर को उनका निधन हो गया। शशीप्रभा ने विदेशों में नौकरी कर रहे अपने बच्चों को सूचना दी। कुलदीप गोयल को उन्होंने अपने बच्चों के आने तक पति के शव को अंतिम संस्कार के लिये सुरक्षित रखने का अनुरोध किया। जिस पर मानव उपकार संस्था के संस्थाध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी ने शव सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया। तीनों बच्चों ने पिता की इच्छानुसार उनकी आंखें जेएम मेडिकल कालेज को दान करायीं। इसके बाद शोक सभा का आयोजन हुआ। बच्चे मानव उपकार संस्था की कार्य से इतना प्रसन्न हुए कि एक लाख रुपये का चेक देकर संस्था के कार्य के लिए मदद की। इसके साथ ही अलीगढ़ से लेकर सासनी एवं नोएडा की आर्यसमाज की 10 विभिन्न शाखाओं को बीस-बीस हजार रुपये दान में दिए।
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मैरिस रोड स्थित महावीर पार्क निवासी आर्यसमाजी गंगाशरण गोयल की आंखें उनकी इच्छा के मुताबिक जेएन मेडिकल कालेज में दान कर दी गईं। वह अपने बच्चों को समाज सेवा करना सिखा कर गए। बच्चों ने इसके साथ ही मानव उपकार संस्था तथा तथा आर्य समाज की विभिन्न शाखाओं को सहायता राशि उपलब्ध करायी है।
गंगाशरण गोयल अपनी धर्मपत्नी शशीप्रभा गोयल के साथ आर्य समाज की विभिन्न शाखाओं से जुड़कर तथा समाज की विभिन्न संस्थाओं के माध्यमों से समाजसेवा कर रहे थे। 10 अक्तूबर को उनका निधन हो गया। शशीप्रभा ने विदेशों में नौकरी कर रहे अपने बच्चों को सूचना दी। कुलदीप गोयल को उन्होंने अपने बच्चों के आने तक पति के शव को अंतिम संस्कार के लिये सुरक्षित रखने का अनुरोध किया। जिस पर मानव उपकार संस्था के संस्थाध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी ने शव सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया। तीनों बच्चों ने पिता की इच्छानुसार उनकी आंखें जेएम मेडिकल कालेज को दान करायीं। इसके बाद शोक सभा का आयोजन हुआ। बच्चे मानव उपकार संस्था की कार्य से इतना प्रसन्न हुए कि एक लाख रुपये का चेक देकर संस्था के कार्य के लिए मदद की। इसके साथ ही अलीगढ़ से लेकर सासनी एवं नोएडा की आर्यसमाज की 10 विभिन्न शाखाओं को बीस-बीस हजार रुपये दान में दिए।
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