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सरकार के सुधरने पर ही रुक सकती है नकल
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:52 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आगरा रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में मंगलवार को माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा का जनपदीय सम्मेलन आयोजित हुआ। जिसमें वक्ताओं ने मुख्य रूप से नकल पर नकेल कसने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद यहां सर्व सम्मित से जिलाध्यक्ष का चुनाव संपन्न हुआ।
बता दें कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को और उग्र बनाने के लिए लखनऊ में आयोजित धरना प्रदर्शन को और मजबूत करना था। वहीं शासन-प्रशासन द्वारा नकल पर नकेल कसने की पिछले साल की कार्रवाई से कालेज संचालक, प्रबंधक, प्रधानाचार्यों के स्वर सरकार से मुखर होते जा रहे हैं।
वक्ताओं ने यहां नकल का ठीकरा सरकार पर फोड़ा। संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव ने कहा कि पिछले साल लेन-देन के बाद नकल रोकने के लिए विभिन्न कार्रवाईयां की गईं।
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अगर सरकार को नकल रोकनी है तो स्वयं अपने आप में सुधार करना होगा। सरकार के विभिन्न मंत्री प्रशासन से रुपयों की डिमांड करते हैं। इन रुपयों को विद्यालय प्रबंधक व प्रधानाचार्य एकत्रित करके जिला स्तरीय अधिकारियों तक पहुंचाते हैं। अगर मंत्री अधिकारियों से रुपये ही नहीं मांगेंगे तो बिना लेन-देन के हम ही नकल को रोक देंगे।
अगर रुपये लेकर सेंटर बनाए जाएंगे तो नकल को कोई नहीं रोक सकता है। कहा कि हम सभी मिलकर प्रांतीय स्तर पर धरना आयोजित कर एक बार सरकार को और चेताएंगे, अगर कोई भी सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं।
प्रदेश महामंत्री नीरज शर्मा ने पत्र जारी कर कहा कि शहर से बाहर होने के कारण सम्मेलन में शामिल नहीं हो सका, लेकिन उनकी मंशा है कि महासभा द्वारा लखनऊ में किए जा रहे धरने में अधिक से अधिक संख्या में शिक्षक पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष आरपी सिंह, रुबीना कुरैशी, छोटेलाल यादव, लाल बहादुर यादव, सत्यराम यादव, सतीश राजपूत, मनीष शुक्ला, सुनील यादव, अनुरुद्ध यादव, ठा. मंगल सिंह, बिजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
नीरज यादव बने अध्यक्ष
सम्मेलन के दौरान जिलाध्यक्ष का चुनाव आयोजित किया गया। यहां कुछ लोगों ने नीरज यादव को जिलाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। इस पर सभा में अधिकतर लोगों ने सहमति जता दी। इसके बाद सभी की सहमति के अनुसार नीरज यादव को जिलाध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की गई। इस पर सभी पदाधिकारियों ने नीरज का माला पहनाकर स्वागत सम्मान किया।
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आगरा रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में मंगलवार को माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा का जनपदीय सम्मेलन आयोजित हुआ। जिसमें वक्ताओं ने मुख्य रूप से नकल पर नकेल कसने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद यहां सर्व सम्मित से जिलाध्यक्ष का चुनाव संपन्न हुआ।
बता दें कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को और उग्र बनाने के लिए लखनऊ में आयोजित धरना प्रदर्शन को और मजबूत करना था। वहीं शासन-प्रशासन द्वारा नकल पर नकेल कसने की पिछले साल की कार्रवाई से कालेज संचालक, प्रबंधक, प्रधानाचार्यों के स्वर सरकार से मुखर होते जा रहे हैं।
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वक्ताओं ने यहां नकल का ठीकरा सरकार पर फोड़ा। संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव ने कहा कि पिछले साल लेन-देन के बाद नकल रोकने के लिए विभिन्न कार्रवाईयां की गईं।
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अगर सरकार को नकल रोकनी है तो स्वयं अपने आप में सुधार करना होगा। सरकार के विभिन्न मंत्री प्रशासन से रुपयों की डिमांड करते हैं। इन रुपयों को विद्यालय प्रबंधक व प्रधानाचार्य एकत्रित करके जिला स्तरीय अधिकारियों तक पहुंचाते हैं। अगर मंत्री अधिकारियों से रुपये ही नहीं मांगेंगे तो बिना लेन-देन के हम ही नकल को रोक देंगे।
अगर रुपये लेकर सेंटर बनाए जाएंगे तो नकल को कोई नहीं रोक सकता है। कहा कि हम सभी मिलकर प्रांतीय स्तर पर धरना आयोजित कर एक बार सरकार को और चेताएंगे, अगर कोई भी सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं।
प्रदेश महामंत्री नीरज शर्मा ने पत्र जारी कर कहा कि शहर से बाहर होने के कारण सम्मेलन में शामिल नहीं हो सका, लेकिन उनकी मंशा है कि महासभा द्वारा लखनऊ में किए जा रहे धरने में अधिक से अधिक संख्या में शिक्षक पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष आरपी सिंह, रुबीना कुरैशी, छोटेलाल यादव, लाल बहादुर यादव, सत्यराम यादव, सतीश राजपूत, मनीष शुक्ला, सुनील यादव, अनुरुद्ध यादव, ठा. मंगल सिंह, बिजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
नीरज यादव बने अध्यक्ष
सम्मेलन के दौरान जिलाध्यक्ष का चुनाव आयोजित किया गया। यहां कुछ लोगों ने नीरज यादव को जिलाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। इस पर सभा में अधिकतर लोगों ने सहमति जता दी। इसके बाद सभी की सहमति के अनुसार नीरज यादव को जिलाध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की गई। इस पर सभी पदाधिकारियों ने नीरज का माला पहनाकर स्वागत सम्मान किया।