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पेडो की छांव में मां की आंचल का अहसास
Updated Mon, 30 Apr 2018 02:04 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
भीषण गर्मी में पेड़ों की छांव मां के आंचल की तरह है। एएमयू 11वीं एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा देने आए 20 हजार से अधिक छात्र एवं अभिभावकों ने इस बात को महसूस किया है। एएमयू कैंपस की हरियाली से बच्चों को परीक्षा दिलाने पहुंचे अभिभावकों को बेहद राहत मिली। वे लोग यहां से पौधे लगाकर अपने आसपास के वातावरण को हरा-भरा बनाने का संकल्प लेकर लौटे।
एएमयू 11वीं विज्ञान एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा रविवार को 40 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी। अलीगढ़ में 20 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। अलीगढ़ ही नहीं बल्कि कई प्रदेश एवं शहरों के छात्र देेने अपने अभिभावकों के साथ आए थे।
बहुत से लोग तो ऐसे थे कि रात भर के सफर के बाद सुबह में अलीगढ़ पहुंचे थे। सुबह 10 बजे से परीक्षा प्रारंभ हो गई। चिलचिलाती धूप में दो घंटे का इंतजार अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी समस्या थी।
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एएमयू कैंपस में हरियाली से अभिभावकों को बड़ी राहत मिली। कई तो छांव में घास पर लेट गए। पेड़ की छांव एवं शीतल हवा से उन्हें बड़ी राहत मिली।
गुड़गांव से बेटी को परीक्षा दिलाने पहुंचे नदीम का कहना है कि वह कई शहरों में परीक्षा दिलाने गए हैं, लेकिन जो बात एएमयू में है, दूसरी जगह नहीं। भीषण गर्मी में यहां की हरियाली मां के आंचल की तरह है। कक्षा 8 में पढ़ने वाला नदीम का पुत्र अब्दुल समद कहता है कि हरे पेड़-पौधे एवं ठंडी हवा अच्छी लगती है। थकावट दूर हो जाती है।
पानी-शर्बत का इंतजाम
परीक्षार्थी एवं अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्रों एवं कैंपस में ठंडा पानी, शर्बत एवं कुर्सी आदि का इंतजाम किया गया था। एएमयू एनएसएस इकाई, सोच बियांड दी इमेजिनेशन, एएमयू छात्र संघ, कर्मचारी संघ, यूनिटी फाउंडेशन, आईएसओ आदि द्वारा पानी एवं शर्बत का इंतजाम किया गया था। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में भी स्वयं सेवक मदद कर रहे थे। गर्मी में पानी का इंतजाम होने से लोग राहत महसूस कर रहे थे। छात्रावास में छात्रों को ठहराने का भी इंतजाम किया गया था।
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भीषण गर्मी में पेड़ों की छांव मां के आंचल की तरह है। एएमयू 11वीं एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा देने आए 20 हजार से अधिक छात्र एवं अभिभावकों ने इस बात को महसूस किया है। एएमयू कैंपस की हरियाली से बच्चों को परीक्षा दिलाने पहुंचे अभिभावकों को बेहद राहत मिली। वे लोग यहां से पौधे लगाकर अपने आसपास के वातावरण को हरा-भरा बनाने का संकल्प लेकर लौटे।
एएमयू 11वीं विज्ञान एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा रविवार को 40 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी। अलीगढ़ में 20 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। अलीगढ़ ही नहीं बल्कि कई प्रदेश एवं शहरों के छात्र देेने अपने अभिभावकों के साथ आए थे।
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बहुत से लोग तो ऐसे थे कि रात भर के सफर के बाद सुबह में अलीगढ़ पहुंचे थे। सुबह 10 बजे से परीक्षा प्रारंभ हो गई। चिलचिलाती धूप में दो घंटे का इंतजार अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी समस्या थी।
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एएमयू कैंपस में हरियाली से अभिभावकों को बड़ी राहत मिली। कई तो छांव में घास पर लेट गए। पेड़ की छांव एवं शीतल हवा से उन्हें बड़ी राहत मिली।
गुड़गांव से बेटी को परीक्षा दिलाने पहुंचे नदीम का कहना है कि वह कई शहरों में परीक्षा दिलाने गए हैं, लेकिन जो बात एएमयू में है, दूसरी जगह नहीं। भीषण गर्मी में यहां की हरियाली मां के आंचल की तरह है। कक्षा 8 में पढ़ने वाला नदीम का पुत्र अब्दुल समद कहता है कि हरे पेड़-पौधे एवं ठंडी हवा अच्छी लगती है। थकावट दूर हो जाती है।
पानी-शर्बत का इंतजाम
परीक्षार्थी एवं अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्रों एवं कैंपस में ठंडा पानी, शर्बत एवं कुर्सी आदि का इंतजाम किया गया था। एएमयू एनएसएस इकाई, सोच बियांड दी इमेजिनेशन, एएमयू छात्र संघ, कर्मचारी संघ, यूनिटी फाउंडेशन, आईएसओ आदि द्वारा पानी एवं शर्बत का इंतजाम किया गया था। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में भी स्वयं सेवक मदद कर रहे थे। गर्मी में पानी का इंतजाम होने से लोग राहत महसूस कर रहे थे। छात्रावास में छात्रों को ठहराने का भी इंतजाम किया गया था।