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सैटेलाइट बस स्टैंड पर बस कम, धूल है ज्यादा
Updated Sat, 03 Nov 2018 02:20 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सारसौल चौराहे पर खुला नया सैटेलाइट बस स्टैंड पर इन दिनों यात्री बस न होने व चलने वाले वाहनों से उड़ने वाली धूल से परेशान हैं। बड़े बुजुर्ग व सांस की बीमारी वाले लोगों के लिए यह धूल ज्यादा दिक्कत देती है। वहीं राहगीरों ने बताया कि आने वाले समय में यह बस स्टैंड काफी लाभकारी सिद्ध होगा।
बता दें कि हाल ही में सारसौल चौराहे पर नया बस स्टैंड खोला गया। जिसका नाम सैटेलाइट बस स्टैंड रखा गया है। इस समय यह बस स्टैंड आधी अधूरी व्यवस्थाओं पर ही चल रहा है। लोगों के संज्ञान में लाने के लिए बस ड्राइवरों को यहां बस घुमाने के बारे में भी कहा गया है, लेकिन कई बस चालक ऐसे भी हैं जो अपनी बसों को बस स्टैंड पर लाने की बजाए सीधे अपने गंतव्य को निकल जाते हैं।
वहीं जो बसें यहां आती हैं। वह पूरे बस स्टैंड परिसर में धूल उड़ाती रहती हैं। इस वजह से बुजुर्ग व सांस की बीमारी वाले लोग खासे परेशान रहते हैं। हालांकि अभी यात्रियों को यहां से आवागमन में कई दिक्कतों का भी सामना भी करना पड़ रहा है। लेकिन आने वाले समय में यह बहुत ही कारगर बस स्टैंड साबित होगा।
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खैर के प्रेमपाल ने बताया कि शहर के अंदर जाम अधिक रहता है। सारी बसें यदि यहां से चालू हो जाएंगी तो शहर का जाम कम होगा। वहीं कोल क्षेत्र के रहने वाले रहीमुद्दीन ने बताया कि धूल के कणों के बीच सांस लेने में दिक्कत होती है। निगम के अधिकारियों के लिए इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
यात्रियों के बोल
बस स्टैंड परिसर में धूल उड़ने से सभी को परेशानी है, लेकिन सबसे ज्यादा बच्चों को दिक्कत हो रही है। अधिकारियों को फिलहाल यहां पानी का छिड़काव तो कराना ही चाहिए। - आयशा सिद्दीकी, जमालपुर
- रसलगंज चौराहे से टिर्री वाला गांव की बस पकड़वाने के लिए ले आया, लेकिन यहां से पता चला कि सारसौल चौराहा पार करने के बाद ही चंडौस की बस मिलेगी। जब पढ़े लिखे का यह हाल है तो अनपढ़ का क्या होगा।
- महेश चंद्र शर्मा, अमृतपुर चंडौस
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सारसौल चौराहे पर खुला नया सैटेलाइट बस स्टैंड पर इन दिनों यात्री बस न होने व चलने वाले वाहनों से उड़ने वाली धूल से परेशान हैं। बड़े बुजुर्ग व सांस की बीमारी वाले लोगों के लिए यह धूल ज्यादा दिक्कत देती है। वहीं राहगीरों ने बताया कि आने वाले समय में यह बस स्टैंड काफी लाभकारी सिद्ध होगा।
बता दें कि हाल ही में सारसौल चौराहे पर नया बस स्टैंड खोला गया। जिसका नाम सैटेलाइट बस स्टैंड रखा गया है। इस समय यह बस स्टैंड आधी अधूरी व्यवस्थाओं पर ही चल रहा है। लोगों के संज्ञान में लाने के लिए बस ड्राइवरों को यहां बस घुमाने के बारे में भी कहा गया है, लेकिन कई बस चालक ऐसे भी हैं जो अपनी बसों को बस स्टैंड पर लाने की बजाए सीधे अपने गंतव्य को निकल जाते हैं।
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वहीं जो बसें यहां आती हैं। वह पूरे बस स्टैंड परिसर में धूल उड़ाती रहती हैं। इस वजह से बुजुर्ग व सांस की बीमारी वाले लोग खासे परेशान रहते हैं। हालांकि अभी यात्रियों को यहां से आवागमन में कई दिक्कतों का भी सामना भी करना पड़ रहा है। लेकिन आने वाले समय में यह बहुत ही कारगर बस स्टैंड साबित होगा।
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खैर के प्रेमपाल ने बताया कि शहर के अंदर जाम अधिक रहता है। सारी बसें यदि यहां से चालू हो जाएंगी तो शहर का जाम कम होगा। वहीं कोल क्षेत्र के रहने वाले रहीमुद्दीन ने बताया कि धूल के कणों के बीच सांस लेने में दिक्कत होती है। निगम के अधिकारियों के लिए इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
यात्रियों के बोल
बस स्टैंड परिसर में धूल उड़ने से सभी को परेशानी है, लेकिन सबसे ज्यादा बच्चों को दिक्कत हो रही है। अधिकारियों को फिलहाल यहां पानी का छिड़काव तो कराना ही चाहिए। - आयशा सिद्दीकी, जमालपुर
- रसलगंज चौराहे से टिर्री वाला गांव की बस पकड़वाने के लिए ले आया, लेकिन यहां से पता चला कि सारसौल चौराहा पार करने के बाद ही चंडौस की बस मिलेगी। जब पढ़े लिखे का यह हाल है तो अनपढ़ का क्या होगा।
- महेश चंद्र शर्मा, अमृतपुर चंडौस