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सऊदी में फंसा अलीगढ़ के इंजीनियर की वापसी हुई
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:16 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सऊदी अरब में फंसे अलीगढ़ के इंजीनियर सरवर अंसारी की अलीगढ़ सकुशल वापसी हो गई है। वह तीन महीने से वहां फंसे हुए थे। सरवर के मामले को विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद करने वाले पोर्टल इंडियन हेल्प डेस्क के माध्यम से विदेश मंत्रालय तक पहुंचाया गया है। यह पोर्टल अलीगढ़ से संचालित होता है। सरवर के घर पर आने से उसके घर में खुशियों का माहौल है।
इंडियन हेल्प डेस्क संचालित करने वाले दुबई में रह रहे अलीगढ़ के निवासी रूपेश पाठक ने बताया कि मई महीने में अमिर निशा में रहने वाले सरवर अंसारी उमराह के लिए गए थे। वहां पर अपनी तीर्थ यात्रा समाप्त करने के बाद वापसी के लिए एयरपोर्ट पर औपचारिकताएं पूरी करवा रहे थे।
वहीं पर उनका इमीग्रेशन अधिकारी के साथ कुछ विवाद हो गया। जिसके बाद हालात ऐसे बने कि उनको वहीं रुकना पड़ा। सरवर के भाई आरिफ अंसारी ने बताया कि सऊदी पुलिस ने सारे मामले निपटा कर सरवर को 7 सितंबर को वहां से रवाना किया। उसके बाद सरवर 8 सितंबर को अलीगढ़ अपने घर सुरक्षित पहुंच गया।
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चूंकि उमराह के तुरंत बाद हज शुरू हो गया था और कोई भी कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसीलिए उसके वापस आने में देरी हो रही थी। हज समाप्त होते ही सरवर को सकुशल भारत वापस भेज दिया गया।
सरवर की मां शमशीया खातून ने विदेशों में फंसे भारतीयों को निकालने में मदद करने वाले रूपेश पाठक की संस्था हेल्प डेस्क इंडियन से संपर्क साधा था। जिसके बाद रूपेश पाठक ने प्रारंभिक कार्यवाही शुरू की साथ ही भारतीय दूतावास को अवगत कराया।
रूपेश पाठक ने बताया की अलीगढ़ निवासी शाहिद शकील और फराज, जो सऊदी अरब में नौकरी करते हैं उनका अहम योगदान रहा है। क्योंकि सरवर की हर जानकारी उन दोनों के माध्यम से ही मिल पाना संभव हो पाया था।
रूपेश पाठक ने गंगा जमुनी तहजीब जिंदा की
इंडियन हेल्प डेस्क पोर्टल चलाने वाले रूपेश पाठक को हरितिमा पर्यावरण संस्था ने उनके अलीगढ़ आने पर सम्मानित करने का फैसला किया है। सुबोध नंदन शर्मा ने कहा कि रूपेश पाठक ने ऐसे अन्य फंसे हुए लोगों की भी मदद की है। ऐसा करके उन्होंने अलीगढ़ की गंगा जमुनी तहजीब को ही जिंदा रखने का काम किया है। नागरिक चेतना समिति ने भी रूपेश पाठक का अभिनंदन करने की घोषणा की है।
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सऊदी अरब में फंसे अलीगढ़ के इंजीनियर सरवर अंसारी की अलीगढ़ सकुशल वापसी हो गई है। वह तीन महीने से वहां फंसे हुए थे। सरवर के मामले को विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद करने वाले पोर्टल इंडियन हेल्प डेस्क के माध्यम से विदेश मंत्रालय तक पहुंचाया गया है। यह पोर्टल अलीगढ़ से संचालित होता है। सरवर के घर पर आने से उसके घर में खुशियों का माहौल है।
इंडियन हेल्प डेस्क संचालित करने वाले दुबई में रह रहे अलीगढ़ के निवासी रूपेश पाठक ने बताया कि मई महीने में अमिर निशा में रहने वाले सरवर अंसारी उमराह के लिए गए थे। वहां पर अपनी तीर्थ यात्रा समाप्त करने के बाद वापसी के लिए एयरपोर्ट पर औपचारिकताएं पूरी करवा रहे थे।
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वहीं पर उनका इमीग्रेशन अधिकारी के साथ कुछ विवाद हो गया। जिसके बाद हालात ऐसे बने कि उनको वहीं रुकना पड़ा। सरवर के भाई आरिफ अंसारी ने बताया कि सऊदी पुलिस ने सारे मामले निपटा कर सरवर को 7 सितंबर को वहां से रवाना किया। उसके बाद सरवर 8 सितंबर को अलीगढ़ अपने घर सुरक्षित पहुंच गया।
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चूंकि उमराह के तुरंत बाद हज शुरू हो गया था और कोई भी कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसीलिए उसके वापस आने में देरी हो रही थी। हज समाप्त होते ही सरवर को सकुशल भारत वापस भेज दिया गया।
सरवर की मां शमशीया खातून ने विदेशों में फंसे भारतीयों को निकालने में मदद करने वाले रूपेश पाठक की संस्था हेल्प डेस्क इंडियन से संपर्क साधा था। जिसके बाद रूपेश पाठक ने प्रारंभिक कार्यवाही शुरू की साथ ही भारतीय दूतावास को अवगत कराया।
रूपेश पाठक ने बताया की अलीगढ़ निवासी शाहिद शकील और फराज, जो सऊदी अरब में नौकरी करते हैं उनका अहम योगदान रहा है। क्योंकि सरवर की हर जानकारी उन दोनों के माध्यम से ही मिल पाना संभव हो पाया था।
रूपेश पाठक ने गंगा जमुनी तहजीब जिंदा की
इंडियन हेल्प डेस्क पोर्टल चलाने वाले रूपेश पाठक को हरितिमा पर्यावरण संस्था ने उनके अलीगढ़ आने पर सम्मानित करने का फैसला किया है। सुबोध नंदन शर्मा ने कहा कि रूपेश पाठक ने ऐसे अन्य फंसे हुए लोगों की भी मदद की है। ऐसा करके उन्होंने अलीगढ़ की गंगा जमुनी तहजीब को ही जिंदा रखने का काम किया है। नागरिक चेतना समिति ने भी रूपेश पाठक का अभिनंदन करने की घोषणा की है।