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बदले वक्त में पढ़ी जुमे की नमाज
Updated Sun, 04 Mar 2018 01:56 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाल्रा, अलीगढ़।
तीन मस्जिदों में जुमे की नमाज बदले वक्त में पढ़ी गई। इन मस्जिदों के अलावा ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद में अमन चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
अब्दुल करीम चौराहा स्थित हलवाइन मस्जिद में खुतबा दोपहर 1 की बजाय 1:30 बजे हुआ। इमाम हाफिज इफ्तिखार अहमद ने नमाज पढ़ाई। फूल चौराहा स्थित मोती मस्जिद में भी खुतबा दोपहर 1:30 बजे हुआ।
इसमें नमाज हाफिज मुदीउर्रहमान जामई ने पढ़ाई, जबकि अहले हदीस मस्जिद पुरानी कोतवाली (कुंजीलाल के सामने) में खुतबे के वक्त में एक घंटा आगे बढ़ा दिया।
यहां इमामत हाफिज जमीउर्रहमान जामई ने की। खुतबा दोपहर 1:30 बजे से हुआ। अब्दुल करीम चौराहा स्थित मस्जिद को तिरपाल और कपड़े से पूरी तरह ढक दिया गया था, ताकि रंग के छींटे न पड़ सकें।
बहरहाल, नमाज से पहले और बाद में शांतिपूर्वक माहौल रहा। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। गौरतलब हो कि दो मार्च को होली पड़ने के कारण जुमे की नमाज के वक्त में बदलाव किया गया था।
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यह बदलाव शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने मस्जिदों के मुतवल्ली से राय मशविरा करने के बाद किया था। शहर मुफ्ती ने नमाजियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए नमाज का समय एक घंटे आगे बढ़ा दिया गया था।
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तीन मस्जिदों में जुमे की नमाज बदले वक्त में पढ़ी गई। इन मस्जिदों के अलावा ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद में अमन चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
अब्दुल करीम चौराहा स्थित हलवाइन मस्जिद में खुतबा दोपहर 1 की बजाय 1:30 बजे हुआ। इमाम हाफिज इफ्तिखार अहमद ने नमाज पढ़ाई। फूल चौराहा स्थित मोती मस्जिद में भी खुतबा दोपहर 1:30 बजे हुआ।
इसमें नमाज हाफिज मुदीउर्रहमान जामई ने पढ़ाई, जबकि अहले हदीस मस्जिद पुरानी कोतवाली (कुंजीलाल के सामने) में खुतबे के वक्त में एक घंटा आगे बढ़ा दिया।
यहां इमामत हाफिज जमीउर्रहमान जामई ने की। खुतबा दोपहर 1:30 बजे से हुआ। अब्दुल करीम चौराहा स्थित मस्जिद को तिरपाल और कपड़े से पूरी तरह ढक दिया गया था, ताकि रंग के छींटे न पड़ सकें।
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बहरहाल, नमाज से पहले और बाद में शांतिपूर्वक माहौल रहा। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। गौरतलब हो कि दो मार्च को होली पड़ने के कारण जुमे की नमाज के वक्त में बदलाव किया गया था।
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यह बदलाव शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने मस्जिदों के मुतवल्ली से राय मशविरा करने के बाद किया था। शहर मुफ्ती ने नमाजियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए नमाज का समय एक घंटे आगे बढ़ा दिया गया था।