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अलीगढ़... फिल्म पद्मावती का न हो यूपी में प्रदर्शन
Updated Sat, 11 Nov 2017 02:22 AM IST
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फिल्म पदमावती का न हो यूपी में प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
फिल्म पदमावती को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने राज्यमंत्री सुरेश राणा को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण द्वारा अभिनीत फिल्म पदमावती में भारतीय व राजपूतों के इतिहास से छेड़छाड़ कर इसमें रानी पदमावती का चित्रण गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि फिल्म के ट्रेलर में ही एक गाने में रानी को बेढंगे वस्त्रों में दिखाया गया है, जबकि क्षत्रिय रानियां कभी महलों व दरबारों में नृत्य नहीं करती थी। राजपूतों और उनकी रानियों की छवि धूमिल करने की मानसिकता से इस फिल्म का निर्माण किया गया है।
ज्ञापन में मंत्री से मांग की गई है कि इस फिल्म को यूपी और जिले के किसी भी सिनेमा हॉल में न चलाया जाए। ज्ञापन में मंत्री से अपेक्षा की गई है कि वह क्षत्रिय समाज की बात सीएम तक पहुंचाएंगे।
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साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि फिल्म को यूपी या अलीगढ़ में कभी भी किसी हॉल में प्रदर्शित किया गया तो क्षत्रिय समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन देने वालों में कमल प्रताप सिंह एडवोकेट, अनुज प्रताप सिंह, दुष्यंत सिंह, सौरभ तोमर, आदर्श राज सिंह, सत्येंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, अभिषेक सिंह, वरुण राघव, अखिलेंद्र सिंह राहुल आदि थे।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
फिल्म पदमावती को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने राज्यमंत्री सुरेश राणा को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण द्वारा अभिनीत फिल्म पदमावती में भारतीय व राजपूतों के इतिहास से छेड़छाड़ कर इसमें रानी पदमावती का चित्रण गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि फिल्म के ट्रेलर में ही एक गाने में रानी को बेढंगे वस्त्रों में दिखाया गया है, जबकि क्षत्रिय रानियां कभी महलों व दरबारों में नृत्य नहीं करती थी। राजपूतों और उनकी रानियों की छवि धूमिल करने की मानसिकता से इस फिल्म का निर्माण किया गया है।
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ज्ञापन में मंत्री से मांग की गई है कि इस फिल्म को यूपी और जिले के किसी भी सिनेमा हॉल में न चलाया जाए। ज्ञापन में मंत्री से अपेक्षा की गई है कि वह क्षत्रिय समाज की बात सीएम तक पहुंचाएंगे।
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साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि फिल्म को यूपी या अलीगढ़ में कभी भी किसी हॉल में प्रदर्शित किया गया तो क्षत्रिय समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन देने वालों में कमल प्रताप सिंह एडवोकेट, अनुज प्रताप सिंह, दुष्यंत सिंह, सौरभ तोमर, आदर्श राज सिंह, सत्येंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, अभिषेक सिंह, वरुण राघव, अखिलेंद्र सिंह राहुल आदि थे।