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सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष को थाने से जमानत मिली

Sun, 01 Oct 2017 05:28 PM IST
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:28 PM IST
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सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष को थाने से जमानत मिली
सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष को मिली थाने से जमानत
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

डीएस डिग्री कॉलेज में एबीवीपी के संगठन मंत्री की पिटाई के प्रकरण में नामजद सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी को गिरफ्तारी के बाद थाने से ही जमानत दे दी गई। यह निर्णय सीसीटीवी में कैद गतिविधियों और उस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया गया, जिसमें संगठन मंत्री के किसी गंभीर चोट का उल्लेख नहीं हुआ है। हालांकि अभी इस मुकदमे में और भी लोग नामजद हैं और प्रॉक्टर पर भी हमला कराने का आरोप है। इन लोगों के विषय में कोई निर्णय नहीं हुआ है।

यह वाकया 13 सितंबर की दोपहर का है, जब सपा छात्र सभा के लोग वहां पार्टी की सदस्यता को लेकर जागरूकता कैंप लगाए बैठे थे। तभी पूर्व सीएम अखिलेश यादव के फोटो युक्त बैनर को लेकर वहां सपा छात्र नेताओं व एबीवीपी संगठन मंत्री में विवाद हुआ था। जब वह शिकायत लेकर प्राचार्य की ओर जा रहे थे। आरोप है कि तभी उन पर हमला हुआ था। इस हमले में उन्हें जमकर पीटा गया था। बाद में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा करते हुए प्रॉक्टर कार्यालय में घुसने, उसे फूंकने तक की कोशिश की थी। इस मामले में जो मुकदमा दर्ज कराया गया था, उसमें सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी सहित कई छात्र आरोपी बनाए गए थे और प्रॉक्टर पर हमला कराने व साजिश का आरोप था।
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मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस रंजीत चौधरी की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत थी। दो दिन पहले परीक्षा देने पहुंचे रंजीत की कॉलेज से गिरफ्तारी की कोशिश हुई थी। मगर वह पुलिस के आने से पहले निकल गए थे। मगर उनका तर्क था कि सीसीटीवी में देख लिया जाए। तब उनकी गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने अपने साथ मारपीट की तहरीर भी थाने में दी थी। वहीं क्षत्रिय महासभा प्रॉक्टर की नामजदगी को लेकर विरोध में थी। इन पहलुओं को देखकर एसएसपी ने मामले में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जांच कर कार्रवाई का निर्णय लिया था। इस पर गांधीपार्क पुलिस ने सीसीटीवी की फुटेज व मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन किया। इसमें स्पष्ट हुआ कि एबीवीपी संगठन मंत्री के गंभीर चोटें नहीं हैं। सीसीटीवी में भी रंजीत को झगड़ा करने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस आधार पर मुकदमे में से हमले की धाराएं हटाकर मात्र मारपीट आदि की धाराएं रखी गई हैं और सोमवार देर शाम रंजीत की गिरफ्तारी करने के बाद देर रात उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। इंस्पेक्टर गांधीपार्क रविंद्र सिंह ने इस कार्यवाही की पुष्टि की है।
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