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भाजपा कार्यकर्ता मायूस
Updated Fri, 04 Aug 2017 01:42 AM IST
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सपा-बसपा नेताओं के आने से भाजपा कार्यकर्ता मायूस
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
विधान सभा चुनाव में बखिया उधेड़ने वाले बसपा एवं सपा के दिग्गज नेता शीर्ष नेताओं को विश्वास में लेकर भले ही भाजपा में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं में इसको लेकर मायूसी एवं आक्रोश हैं। कुछ तो दबी जुबान यह भी कहने लगे है कि उनकी वर्षों की मेहनत एवं वैचारिक लड़ाई को एक ही झटके में मोथरा कर दिया गया। जन संपर्क के दौरान लोगों द्वारा पूछे जा रहे तीखे सवालों का जवाब किसी नेता के पास नहीं हैं।
वेद प्रचार समिति के अध्यक्ष मनोज शैली का कहना है कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को पूर्ण बहुमत देकर कांग्रेस, सपा एवं बसपा जैसी सांप्रदायिक एवं जातिपात का जहर घोलकर नफरत फैलाने वाली पार्टियों के विकल्प के रूप में चुना और यह उम्मीद की कि समाज को बुराइयों से छुटकारा मिल जाएगा।
लेकिन जिस तरह सपा एवं बसपा के दिग्गजों को शामिल किया जा रहा है और जो तर्क दिये जा रहे हैं, उससे नैतिकता भी शर्मा जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के आने का उद्देश्य सुशासन एवं राष्ट्रवादी एजेंडे का हिस्सा बनना नहीं है बल्कि अपना अस्तित्व एवं घोटालों की जांच से स्वयं को बचाना है।
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मनोज शैली का कहना है कि सपा-बसपा नेता जब प्रत्यक्ष युद्ध में हार गए तो घुसपैठिया बनकर वार करने की साजिश कर रहे हैं। यह सावधान रहने का समय है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में आरएसएस के पूर्व प्रचारक गरुडध्वज उपाध्याय ने प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष से लेकर तमाम नेताओं को पत्र लिखकर विरोध जता चुके हैं।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
विधान सभा चुनाव में बखिया उधेड़ने वाले बसपा एवं सपा के दिग्गज नेता शीर्ष नेताओं को विश्वास में लेकर भले ही भाजपा में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं में इसको लेकर मायूसी एवं आक्रोश हैं। कुछ तो दबी जुबान यह भी कहने लगे है कि उनकी वर्षों की मेहनत एवं वैचारिक लड़ाई को एक ही झटके में मोथरा कर दिया गया। जन संपर्क के दौरान लोगों द्वारा पूछे जा रहे तीखे सवालों का जवाब किसी नेता के पास नहीं हैं।
वेद प्रचार समिति के अध्यक्ष मनोज शैली का कहना है कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को पूर्ण बहुमत देकर कांग्रेस, सपा एवं बसपा जैसी सांप्रदायिक एवं जातिपात का जहर घोलकर नफरत फैलाने वाली पार्टियों के विकल्प के रूप में चुना और यह उम्मीद की कि समाज को बुराइयों से छुटकारा मिल जाएगा।
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लेकिन जिस तरह सपा एवं बसपा के दिग्गजों को शामिल किया जा रहा है और जो तर्क दिये जा रहे हैं, उससे नैतिकता भी शर्मा जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के आने का उद्देश्य सुशासन एवं राष्ट्रवादी एजेंडे का हिस्सा बनना नहीं है बल्कि अपना अस्तित्व एवं घोटालों की जांच से स्वयं को बचाना है।
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मनोज शैली का कहना है कि सपा-बसपा नेता जब प्रत्यक्ष युद्ध में हार गए तो घुसपैठिया बनकर वार करने की साजिश कर रहे हैं। यह सावधान रहने का समय है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में आरएसएस के पूर्व प्रचारक गरुडध्वज उपाध्याय ने प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष से लेकर तमाम नेताओं को पत्र लिखकर विरोध जता चुके हैं।