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लापरवाही : दो सौ लोगों को कर दिया होम क्वारंटीन
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कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर की जा रही कसरत पर कुछ अधिकारियों की लापरवाही से पानी फेरा जा रहा है। शुक्रवार को जिलाधिकारी को शिकायत मिली कि डेडिकेटेड मेडिकल टीम की ओर से की जा रही थर्मल स्क्त्रस्ीनिंग के दौरान जिन लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें होम क्वारंटीन किया जा रहा है। अब तक करीब ऐसे दो सौ लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को फटकार लगाई। साथ ही इन सभी लोगों को ग्राम पंचायत या वार्ड के सरकारी-निजी स्कूल, मैरिज होम, पंचायतघर आदि में क्वारंटीन करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी की ओर से गठित डेडिकेटेड मेडिकल टीम घर-घर जाकर लोगों की स्क्त्रस्ीनिंग का काम कर रही है। इस दौरान वह लोगों की ट्रेवल हिस्ट्री का भी पता लगा रही है। अगर, कोई व्यक्ति हाल में बाहर से लौटा है तो उसे होम क्वारंटीन करने का नियम है। वहीं, किसी में सर्दी, खांसी, जुकाम के लक्षण हैं तो उसे स्कूल, पंचायतघर या मैरिज होम में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में भेजने का नियम है। इन सेंटरों की व्यवस्था, खाने-पीने के इंतजाम के लिए सभी एसडीएम को पांच-पांच लाख रुपये भी दिए गए हैं। मगर, टीम द्वारा लापरवाही बरतते हुए सर्दी, खांसी, जुकाम के लक्षण वाले लोगों को भी परिवार के सदस्यों के साथ होम क्वारंटीन कर दिया जा रहा है। करीब ऐसे 200 लोगों को अब तक होम क्वारंटीन किया जा चुका है। मामला जैसे ही जिलाधिकारी के संज्ञान में आया उन्होंने सभी एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही शनिवार सुबह तक इन सभी लोगों को क्वारंटीन सेंटर में शिफ्ट कर इनके नियमित परीक्षण, खाने-पीने के इंतजाम आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए।
थर्मामीटर मुंह में डालकर नापा तापमान तो होगी कार्रवाई
मेडिकल टीम में लगाए गए स्वास्थ्य कर्मियों के संबंध में शुक्रवार को शिकायत मिली कि टीम में शामिल सदस्य स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बुखार की जांच के लिए थर्मामीटर संबंधित व्यक्ति के मुंह में डालकर तापमान ले रहे हैं। तापमान लेने के बाद थर्मामीटर को सिर्फ कपड़े से साफ करने के बाद दूसरे व्यक्ति की इसी प्रकार जांच शुरू कर दे रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण के फैलने की संभावना है। इस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देशित किया कि इन टीमों को सख्त तौर पर निर्देशित किया जाए कि किसी भी हाल में लोगों के मुंह में थर्मामीटर डालकर तापमान न मापा जाए। तापमान मांपने को थर्मामीटर एक साफ कपड़े में लपेटकर संबंधित व्यक्ति के अंडरआर्म में लगाया जाए। तापमान लेने के बाद उक्त थर्मामीटर को सैनिटाइज कर किसी अन्य व्यक्ति पर इस्तेमाल किया जाए।
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7499 लोग होम क्वारंटीन से किए गए मुक्त
पूरी तरह कोरोना मुक्त देश के चुनिंदा जनपदों में शुमार अलीगढ़ के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। कोरोना के शक में होम क्वारंटीन किए गए 20138 लोगों में से 7499 लोगों को 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूर्ण करने के बाद मुक्त कर दिया गया है। मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए आंगनबाड़ी, आशा, लेखपाल, चौकीदार, बीट कॉन्स्टेबल, शिक्षक समेत आठ लोगों की टीम का बड़ा योगदान रहा। समूचे जनपद में 2245 टीमों ने काम किया।
स्क्रीनिंग प्रोग्राम के तहत 175631 परिवारों का सर्वे किया गया। इस दौरान मामूली खांसी, जुखाम, बुखार के 420 मरीज मिले। टीमों ने उन सभी के स्वास्थ्य की जांच की। कोरोना के शक में जिले के विभिन्न अस्पतालों में क्वारंटीन 153 लोगों में से 83 लोग डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। 20138 संदिग्ध लोगों को होम क्वारंटीन किया गया था। इनमें से 7499 मरीजों को 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूर्ण करने के बाद मुक्त कर दिया है। कुल 311 उपचार किट वितरित की गई।
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जिलाधिकारी की ओर से गठित डेडिकेटेड मेडिकल टीम घर-घर जाकर लोगों की स्क्त्रस्ीनिंग का काम कर रही है। इस दौरान वह लोगों की ट्रेवल हिस्ट्री का भी पता लगा रही है। अगर, कोई व्यक्ति हाल में बाहर से लौटा है तो उसे होम क्वारंटीन करने का नियम है। वहीं, किसी में सर्दी, खांसी, जुकाम के लक्षण हैं तो उसे स्कूल, पंचायतघर या मैरिज होम में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में भेजने का नियम है। इन सेंटरों की व्यवस्था, खाने-पीने के इंतजाम के लिए सभी एसडीएम को पांच-पांच लाख रुपये भी दिए गए हैं। मगर, टीम द्वारा लापरवाही बरतते हुए सर्दी, खांसी, जुकाम के लक्षण वाले लोगों को भी परिवार के सदस्यों के साथ होम क्वारंटीन कर दिया जा रहा है। करीब ऐसे 200 लोगों को अब तक होम क्वारंटीन किया जा चुका है। मामला जैसे ही जिलाधिकारी के संज्ञान में आया उन्होंने सभी एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही शनिवार सुबह तक इन सभी लोगों को क्वारंटीन सेंटर में शिफ्ट कर इनके नियमित परीक्षण, खाने-पीने के इंतजाम आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए।
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थर्मामीटर मुंह में डालकर नापा तापमान तो होगी कार्रवाई
मेडिकल टीम में लगाए गए स्वास्थ्य कर्मियों के संबंध में शुक्रवार को शिकायत मिली कि टीम में शामिल सदस्य स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बुखार की जांच के लिए थर्मामीटर संबंधित व्यक्ति के मुंह में डालकर तापमान ले रहे हैं। तापमान लेने के बाद थर्मामीटर को सिर्फ कपड़े से साफ करने के बाद दूसरे व्यक्ति की इसी प्रकार जांच शुरू कर दे रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण के फैलने की संभावना है। इस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देशित किया कि इन टीमों को सख्त तौर पर निर्देशित किया जाए कि किसी भी हाल में लोगों के मुंह में थर्मामीटर डालकर तापमान न मापा जाए। तापमान मांपने को थर्मामीटर एक साफ कपड़े में लपेटकर संबंधित व्यक्ति के अंडरआर्म में लगाया जाए। तापमान लेने के बाद उक्त थर्मामीटर को सैनिटाइज कर किसी अन्य व्यक्ति पर इस्तेमाल किया जाए।
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7499 लोग होम क्वारंटीन से किए गए मुक्त
पूरी तरह कोरोना मुक्त देश के चुनिंदा जनपदों में शुमार अलीगढ़ के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। कोरोना के शक में होम क्वारंटीन किए गए 20138 लोगों में से 7499 लोगों को 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूर्ण करने के बाद मुक्त कर दिया गया है। मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए आंगनबाड़ी, आशा, लेखपाल, चौकीदार, बीट कॉन्स्टेबल, शिक्षक समेत आठ लोगों की टीम का बड़ा योगदान रहा। समूचे जनपद में 2245 टीमों ने काम किया।
स्क्रीनिंग प्रोग्राम के तहत 175631 परिवारों का सर्वे किया गया। इस दौरान मामूली खांसी, जुखाम, बुखार के 420 मरीज मिले। टीमों ने उन सभी के स्वास्थ्य की जांच की। कोरोना के शक में जिले के विभिन्न अस्पतालों में क्वारंटीन 153 लोगों में से 83 लोग डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। 20138 संदिग्ध लोगों को होम क्वारंटीन किया गया था। इनमें से 7499 मरीजों को 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूर्ण करने के बाद मुक्त कर दिया है। कुल 311 उपचार किट वितरित की गई।