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जेल में सुसाइड मामले में सिपाही निलंबित
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:48 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला कारागार के अस्पताल में बंदी के सुसाइड मामले को शनिवार को तूल पकड़ने के बाद जिस सिपाही पर लापरवाही का आरोप लगाकर उसके खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई थी, उसे डीआईजी स्तर से निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधीक्षक कारागार आलोक सिंह ने उसके निलंबन की पुष्टि की है। इधर, इस मामले में सभी दस्तावेज सिटी मजिस्ट्रेट को मुहैया कराने की तैयारी भी पुलिस और कारागार प्रशासन के स्तर से चल रही है, ताकि जांच शुरू हो सके।
जोहराबाग निवासी टिर्री चालक मो. फुरकान पुत्र इस्लाम खां को क्वारसी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिसने शुक्रवार देर रात जेल अस्पताल के पीछे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की रैलिंग से लटककर सुसाइड कर लिया था। इस मामले में शनिवार को समस्त विपक्ष ने एकजुट होकर पुलिस पर पीटने और जेल में हत्या किए जाने का आरोप लगाकर हंगामा किया था।
हालांकि देर शाम पैनल से हुए पोस्टमार्टम में उसकी मौत हैंगिंग से होना स्पष्ट हो गया था, जिससे साफ हो गया था कि उसने सुसाइड किया है, फिर भी विपक्ष की मांग पर मामले में डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी है। इधर, इस मामले में अस्पताल की निगरानी ड्यूटी में लगे सिपाही महेंद्रपाल यादव के निलंबन की संस्तुति कर दी गई थी, जिसे डीआईजी कारागार के स्तर से निलंबित कर दिया गया है।
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जिला कारागार के अस्पताल में बंदी के सुसाइड मामले को शनिवार को तूल पकड़ने के बाद जिस सिपाही पर लापरवाही का आरोप लगाकर उसके खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई थी, उसे डीआईजी स्तर से निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधीक्षक कारागार आलोक सिंह ने उसके निलंबन की पुष्टि की है। इधर, इस मामले में सभी दस्तावेज सिटी मजिस्ट्रेट को मुहैया कराने की तैयारी भी पुलिस और कारागार प्रशासन के स्तर से चल रही है, ताकि जांच शुरू हो सके।
जोहराबाग निवासी टिर्री चालक मो. फुरकान पुत्र इस्लाम खां को क्वारसी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिसने शुक्रवार देर रात जेल अस्पताल के पीछे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की रैलिंग से लटककर सुसाइड कर लिया था। इस मामले में शनिवार को समस्त विपक्ष ने एकजुट होकर पुलिस पर पीटने और जेल में हत्या किए जाने का आरोप लगाकर हंगामा किया था।
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हालांकि देर शाम पैनल से हुए पोस्टमार्टम में उसकी मौत हैंगिंग से होना स्पष्ट हो गया था, जिससे साफ हो गया था कि उसने सुसाइड किया है, फिर भी विपक्ष की मांग पर मामले में डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी है। इधर, इस मामले में अस्पताल की निगरानी ड्यूटी में लगे सिपाही महेंद्रपाल यादव के निलंबन की संस्तुति कर दी गई थी, जिसे डीआईजी कारागार के स्तर से निलंबित कर दिया गया है।
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