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रोक के बावजूद बाब-ए-सैयद पर दिया धरना, हंगामा
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:28 AM IST
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रोक के बावजूद बाब-ए-सैयद पर धरना, हंगामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू में बीवॉक पाठ्यक्रम में दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं होने से आक्रोशित छात्रों ने कैंपस में विरोध मार्च निकालकर इंतजामिया के खिलाफ नारेबाजी की। वह भी उस परिस्थिति में जब एएमयू प्रशासन द्वारा कैंपस में कासगंज प्रकरण के बाद धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। प्रदर्शन के बाद छात्र उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर बाब-ए-सैयद पर धरना पर भी बैठ गए।
एएमयू में कई वर्षों से बीवॉक पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है। इस वर्ष दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं होने से छात्रों में आक्रोश है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि यूजीसी द्वारा फंड रोक दिये जाने के कारण अब बीवॉक कोर्स को संचालित करना संभव नहीं है।
छात्र संघ उपाध्यक्ष इंतजामिया पर सम्मानजनक व्यवहार नहीं करने का आरोप भी लगा रहे हैं। बुधवार को छात्र मौलाना आजाद लाइब्रेरी में जमा हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए बाब-ए-सैयद पर पहुंचे। छात्र कुलपति की तानाशाही नहीं चलेगी, हॉलों में खाने की व्यवस्था दुरुस्त करो आदि नारे लगा रहे थे।
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बाब-ए-सैयद पर पहुंचकर उपाध्यक्ष धरने पर बैठ गए। छात्र कुलपति को धरना स्थल पर बुलाने की मांग कर रहे थे। यह भी कह रहे थे कि छात्रों से कुलपति क्यों नहीं मिल सकते। काफी देर हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान पहुंचे और उपाध्यक्ष को कुलपति से वार्ता कराई।
उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर ने कहा कि कुलपति ने बीवॉक कोर्स संचालित कराने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही हॉलों में डायनिंग एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुधारने एवं एनेक्सी में डायनिंग की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने बताया कि उपाध्यक्ष कुछ छात्रों के साथ आए थे, इसलिए मैं उसे न तो धरना और न ही प्रदर्शन मानता हूं। कुलपति से बातचीत कराने के बाद छात्र संतुष्ट होकर वापस चले गए।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू में बीवॉक पाठ्यक्रम में दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं होने से आक्रोशित छात्रों ने कैंपस में विरोध मार्च निकालकर इंतजामिया के खिलाफ नारेबाजी की। वह भी उस परिस्थिति में जब एएमयू प्रशासन द्वारा कैंपस में कासगंज प्रकरण के बाद धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। प्रदर्शन के बाद छात्र उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर बाब-ए-सैयद पर धरना पर भी बैठ गए।
एएमयू में कई वर्षों से बीवॉक पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है। इस वर्ष दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं होने से छात्रों में आक्रोश है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि यूजीसी द्वारा फंड रोक दिये जाने के कारण अब बीवॉक कोर्स को संचालित करना संभव नहीं है।
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छात्र संघ उपाध्यक्ष इंतजामिया पर सम्मानजनक व्यवहार नहीं करने का आरोप भी लगा रहे हैं। बुधवार को छात्र मौलाना आजाद लाइब्रेरी में जमा हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए बाब-ए-सैयद पर पहुंचे। छात्र कुलपति की तानाशाही नहीं चलेगी, हॉलों में खाने की व्यवस्था दुरुस्त करो आदि नारे लगा रहे थे।
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बाब-ए-सैयद पर पहुंचकर उपाध्यक्ष धरने पर बैठ गए। छात्र कुलपति को धरना स्थल पर बुलाने की मांग कर रहे थे। यह भी कह रहे थे कि छात्रों से कुलपति क्यों नहीं मिल सकते। काफी देर हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान पहुंचे और उपाध्यक्ष को कुलपति से वार्ता कराई।
उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर ने कहा कि कुलपति ने बीवॉक कोर्स संचालित कराने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही हॉलों में डायनिंग एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुधारने एवं एनेक्सी में डायनिंग की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने बताया कि उपाध्यक्ष कुछ छात्रों के साथ आए थे, इसलिए मैं उसे न तो धरना और न ही प्रदर्शन मानता हूं। कुलपति से बातचीत कराने के बाद छात्र संतुष्ट होकर वापस चले गए।