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एएमयू - निशाने पर रही भाजपा सरकार-ᄋᄂ₩ᅦU¢₩
Updated Wed, 31 Jan 2018 02:32 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
‘तिरंगा हमारी शान है’, ‘हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई’ जैसे स्लोगन लिखी तख्तियों के साथ मार्च कर रहे एएमयू के छात्रों ने मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल उठाने वाले लोगों को भी करारा जवाब दिया। हालांकि इस दौरान भाजपा, संघ, मोदी एवं योगी सरकार के खिलाफ भी नारे लगे। यह सवाल भी उठाया गया कि देश के सबसे बड़े दुश्मन चीन के खिलाफ भाजपाई मुर्दाबाद के नारे क्यों नहीं लगाते।
कासगंज दंगे के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों के मार्च का नजारा भाजपा या आरएसएस से जुड़े संगठनों के तिरंगा जुलूस की तरह ही था।
बस फर्क यह था कि इसमें भाजपा, संघ, मोदी एवं योगी आदि के खिलाफ नारे लग रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जताया कि उन्हें हिंदुस्तान एवं तिरंगा से हमेशा बेहद प्यार रहा है।
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छात्र नेताओं ने सवाल उठाया कि हिंदुस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन चीन है। भाजपाई ‘चीन मुर्दाबाद’ के नारे क्यों नहीं लगाते। मुस्लिम इलाकों में जाकर चिढ़ाने के पीछे के कारणों को समझना होगा।
भाजपा सरकार पर दंगा फैलाने का आरोप भी छात्र नेताओं ने लगाए। कासगंज दंगे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए। छात्रों के निशाने पर यूपी पुलिस भी रही। उसके खिलाफ भी खूब नारे लगाए गए।
‘पाकिस्तान’ पर फिसली जुबान
मार्च के दौरान एक युवक ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगा दिया। दरअसल रजिस्ट्रार कार्यालय के पहले प्रदर्शन सभा को संबोधित करने जब एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन पहुंचे तो एक छात्र की जुबान फिसल गई। वह ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का उच्चारण कर गया। लेकिन पूरा नारा लगाने से पहले वह संभल गया और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाने लगा। इसी शोरगुल में एक युवक धीरे से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ भी बोल गया। इस संबंध में फैजुल हसन का कहना है कि मानवीय भूल के कारण ऐसा हुआ। दरअसल युवक की जुबान तो फिसली पर उसने तुरंत सुधार कर लिया।
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‘तिरंगा हमारी शान है’, ‘हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई’ जैसे स्लोगन लिखी तख्तियों के साथ मार्च कर रहे एएमयू के छात्रों ने मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल उठाने वाले लोगों को भी करारा जवाब दिया। हालांकि इस दौरान भाजपा, संघ, मोदी एवं योगी सरकार के खिलाफ भी नारे लगे। यह सवाल भी उठाया गया कि देश के सबसे बड़े दुश्मन चीन के खिलाफ भाजपाई मुर्दाबाद के नारे क्यों नहीं लगाते।
कासगंज दंगे के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों के मार्च का नजारा भाजपा या आरएसएस से जुड़े संगठनों के तिरंगा जुलूस की तरह ही था।
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बस फर्क यह था कि इसमें भाजपा, संघ, मोदी एवं योगी आदि के खिलाफ नारे लग रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जताया कि उन्हें हिंदुस्तान एवं तिरंगा से हमेशा बेहद प्यार रहा है।
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छात्र नेताओं ने सवाल उठाया कि हिंदुस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन चीन है। भाजपाई ‘चीन मुर्दाबाद’ के नारे क्यों नहीं लगाते। मुस्लिम इलाकों में जाकर चिढ़ाने के पीछे के कारणों को समझना होगा।
भाजपा सरकार पर दंगा फैलाने का आरोप भी छात्र नेताओं ने लगाए। कासगंज दंगे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए। छात्रों के निशाने पर यूपी पुलिस भी रही। उसके खिलाफ भी खूब नारे लगाए गए।
‘पाकिस्तान’ पर फिसली जुबान
मार्च के दौरान एक युवक ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगा दिया। दरअसल रजिस्ट्रार कार्यालय के पहले प्रदर्शन सभा को संबोधित करने जब एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन पहुंचे तो एक छात्र की जुबान फिसल गई। वह ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का उच्चारण कर गया। लेकिन पूरा नारा लगाने से पहले वह संभल गया और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाने लगा। इसी शोरगुल में एक युवक धीरे से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ भी बोल गया। इस संबंध में फैजुल हसन का कहना है कि मानवीय भूल के कारण ऐसा हुआ। दरअसल युवक की जुबान तो फिसली पर उसने तुरंत सुधार कर लिया।