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तमंचे के दम पर दिनदहाड़े फाइनेंस कर्मी को लूटा

Sat, 09 Sep 2017 12:55 AM IST
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:55 AM IST
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तमंचे के दम पर दिनदहाड़े फाइनेंस कर्मी को लूटा
तमंचे के दम पर दिनदहाड़े फाइनेंस कर्मी को लूटा
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

हरदुआगंज। हरदुआगंज थाना क्षेत्र में ढसन्ना गांव के पास शुक्रवार दोपहर करीब साढे़ बारह बजे निजी फाइनेंस कंपनी के एक कर्मचारी को बाइक सवार बदमाशों ने रोका और 68 हजार रुपये, मोबाइल, टैबलेट और बायोमैट्रिक मशीन लूटकर ले गए। उसका दूसरा साथी लुटेरों से बचकर भाग निकला और 100 नंबर पर सूचना दी जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन काफी पहले ही लुटेरे भाग चुके थे।

निजी क्षेत्र की फाइनेंस कंपनी जनलक्ष्मी देहात क्षेत्रों में समूह बनाकर ऋण मुहैया कराती है। मासिक किश्त के रूप में ऋण वसूली करती है। शुक्रवार दोपहर कंपनी की पीएसी स्थित शाख के दो कर्मचारी पंकज कुमार पुत्र मुनेश कुमार व पंकज शर्मा पुत्र जितेंद्र शर्मा हरदुआगंज थाना क्षेत्र के नया बांस इमलानी गांव से ऋण वसूली कर अलग-अलग बाइक से लौट रहे थे। दोनों ढसन्ना गांव के समीप पहुंचे तभी वहां घात लगाये बैठे दो बदमाशों ने तमंचे दिखाते हुए उन्हें रोका। पंकज को रोक लिया लेकिन पंकज शर्मा भाग निकला। उसने आगे जाकर पुलिस को सूचना दी। उधर पंकज के पास से बदमाशों ने बैग लूटा और भाग निकले। पंकज कुमार के अनुसार बैग में 68160 रुपये, एक टैबलेट, एक बायोमैट्रिक मशीन, दो मोबाइल, अन्य जरूरी सामान व कागजात थे। थाने में लूट की तहरीर दी गई है।
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तय तारीख की जानकारी थी बदमाशों को
पुलिस जांच के दौरान यह बात सामने आई कि बदमाशों को पता था कि शुक्रवार को यह कर्मचारी रुपये लेकर इस रास्ते से लौटेंगे। पीड़ित फाइनेंस कर्मियों ने बताया कि गांव-गांव के हिसाब से उन्होंने अलग-अलग तारीखें तय कर रखी हैं। तय तारीखों पर ही वह किश्त लेने पहुंचते हैं।
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100 बार में लगता है 100 नंबर
लुटे फाइनेंस कर्मी के साथी पंकज शर्मा के अनुसार बदमाशों से बचकर आगे जाने के बाद उसने 100 नंबर पर फोन मिलाया लेकिन फोन नहीं मिला। अनगिनत बार नंबर मिलाया तब जाकर पुलिस को सूचना दे पाया। समय रहते फोन लग जाता तो शायद बदमाशों की घेराबंदी हो सकती थी

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- निजी फाइनेंस कंपनियां मोटा ब्याज वसूलती हैं। पुलिस को सूचित किए बगैर ही उगाही करती हैं। ऐसे में इस तरह की घटना के लिए कंपनियां ही जिम्मेदार हैं। हालांकि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। - डा. विनोद कुमार, एसओ हरदुआगंज
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