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सोमवार को 19 शवों का हुआ अंतिम संस्कार, थककर भागे मजदूर
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नुमाइश शमशान घाट में कोरोना से हुई मौत के बाद होता अंतिम संस्कार।
- फोटो : CITY OFFICE
नुमाइश मैदान स्थित श्मशान घाट में सोमवार को 19 शवों का अंतिम संस्कार हुआ। इन शवों में मेरठ, लखनऊ और मुरादाबाद के भी तीन शव शामिल हैं। रविवार-सोमवार सुबह चार बजे तक शव जलाने के बाद परेशान लेबर ने दिन में जैसे तैसे काम किया। सोमवार को काम नहीं हो पाया तो रात नौ बजे लेबर थक हारकर भाग गई। 10 अप्रैल से 26 अप्रैल तक अंतिम संस्कार वाले शवों की संख्या 110 पर पहुंच गई है।
नुमाइश मैदान के श्मशान घाट में सिर्फ अलीगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के आ रहे शवों का भी अंतिम संस्कार किया जा रहा है। मानव उपकार संस्था इन शवों का अंतिम संस्कार करने में जुटी हुई है। सोमवार को एक और तस्वीर देखने को मिली कि यहां अधिकांश वही लोग शव लेकर आ रहे हैं, जो अंतिम संस्कार करने से बच रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की वजह से रिश्तेदार भी शव से दूरी बना रहे हैं। मानव उपकार संस्था के संस्थापक अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी ने बताया कि सोमवार रात आठ बजे तक 19 शव आए थे। सासनी का एक व्यक्ति शव लाने की कह रहा था।
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चूंकि तीन-चार शव पहले से ही रखे थे, इसीलिए उन्हें सुबह आने के लिए कह दिया है। उन्होंने बताया कि निजी तौर पर लेबर रखी है। रविवार-सोमवार तड़के तक सभी काम करते रहे। अंतिम संस्कार करते करते थक गए तो घर चले गए हैं। 10 अप्रैल से लेकर 26 अप्रैल तक अंतिम संस्कार वाले शवों की संख्या 110 पर पहुंच गई है।
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नुमाइश मैदान के श्मशान घाट में सिर्फ अलीगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के आ रहे शवों का भी अंतिम संस्कार किया जा रहा है। मानव उपकार संस्था इन शवों का अंतिम संस्कार करने में जुटी हुई है। सोमवार को एक और तस्वीर देखने को मिली कि यहां अधिकांश वही लोग शव लेकर आ रहे हैं, जो अंतिम संस्कार करने से बच रहे हैं।
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कोरोना संक्रमण की वजह से रिश्तेदार भी शव से दूरी बना रहे हैं। मानव उपकार संस्था के संस्थापक अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी ने बताया कि सोमवार रात आठ बजे तक 19 शव आए थे। सासनी का एक व्यक्ति शव लाने की कह रहा था।
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चूंकि तीन-चार शव पहले से ही रखे थे, इसीलिए उन्हें सुबह आने के लिए कह दिया है। उन्होंने बताया कि निजी तौर पर लेबर रखी है। रविवार-सोमवार तड़के तक सभी काम करते रहे। अंतिम संस्कार करते करते थक गए तो घर चले गए हैं। 10 अप्रैल से लेकर 26 अप्रैल तक अंतिम संस्कार वाले शवों की संख्या 110 पर पहुंच गई है।