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मुनि तरुण सागर महाराज को दी विनयांजलि
Updated Mon, 03 Sep 2018 02:32 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जैन समाज के क्रांतिकारी मुनि तरुण सागर महाराज के निधन पर श्री लख्मीचंद पांडया खंडेलवाल दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट में जैन व जैनेतर समाज की ओर से रविवार को विनयांजलि सभा हुई। राजीव जैन, मुनेश जैन, विपिन स्वरूप जैन ने कहा कि जीने की कला सिखाने वाले समाधि कला भी सिखा गए। चेतन अवस्था में अपने जीवन को सम्यक, उत्कृष्ट व आदर्श समाधि मरण के लिए ले जाना श्रमण संस्कृति को बहुत ऊंचाई प्रदान करता हैं।
मुनि तरुण सागर ने अपने नाम के अनुरूप ही तरुण रहते हुए शरीर त्यागा। नरेश जैन व अशोक चौधरी ने कहा एक ऐसी विभूति को खोया है जिन्होंने ‘भगवान महावीर के जिओ और जीने के संदेश’ को देश के साथ विदेश में पहुंचाया। ज्ञानेंद्र कुमार जैन ने कहा कि उनके कड़वे प्रवचन की 20 लाख प्रतियां, गिनीज बुक में नाम देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हैं।
इस दौरान अरुण जैन, प्रद्मन जैन, विजय जैन, कैलाश जैन, मुकेश जैन, नीरज जैन, दीपक जैन, नरेंद्र जैन, सुभाष जैन, राकेश जैन, महेंद्र जैन, अजय जैन, उमेश जैन, मिलाप जैन, राजीव जैन, गरिमा जैन, रंजू जैन, अरुणा जैन, प्रीति जैन, राशि जैन, नविता जैन, सरिता जैन, शीला जैन के अलावा तीन सौ समाज के लोग मौजूद थे।
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जैन समाज के क्रांतिकारी मुनि तरुण सागर महाराज के निधन पर श्री लख्मीचंद पांडया खंडेलवाल दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट में जैन व जैनेतर समाज की ओर से रविवार को विनयांजलि सभा हुई। राजीव जैन, मुनेश जैन, विपिन स्वरूप जैन ने कहा कि जीने की कला सिखाने वाले समाधि कला भी सिखा गए। चेतन अवस्था में अपने जीवन को सम्यक, उत्कृष्ट व आदर्श समाधि मरण के लिए ले जाना श्रमण संस्कृति को बहुत ऊंचाई प्रदान करता हैं।
मुनि तरुण सागर ने अपने नाम के अनुरूप ही तरुण रहते हुए शरीर त्यागा। नरेश जैन व अशोक चौधरी ने कहा एक ऐसी विभूति को खोया है जिन्होंने ‘भगवान महावीर के जिओ और जीने के संदेश’ को देश के साथ विदेश में पहुंचाया। ज्ञानेंद्र कुमार जैन ने कहा कि उनके कड़वे प्रवचन की 20 लाख प्रतियां, गिनीज बुक में नाम देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हैं।
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इस दौरान अरुण जैन, प्रद्मन जैन, विजय जैन, कैलाश जैन, मुकेश जैन, नीरज जैन, दीपक जैन, नरेंद्र जैन, सुभाष जैन, राकेश जैन, महेंद्र जैन, अजय जैन, उमेश जैन, मिलाप जैन, राजीव जैन, गरिमा जैन, रंजू जैन, अरुणा जैन, प्रीति जैन, राशि जैन, नविता जैन, सरिता जैन, शीला जैन के अलावा तीन सौ समाज के लोग मौजूद थे।
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