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खेड़ा खुशखबर से स्वच्छ गांव स्वच्छ जिला योजना का सूत्रपात
Updated Fri, 27 Jul 2018 02:04 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण का सूत्रपात ब्लाक लोधा की ग्राम पंचायत खेड़ा खुशखबर से हो गई। डीएम ने सुबह साढ़े छह बजे गांव पहुंचकर पहले गलियों का भ्रमण कर गली व नालियों की सफाई व्यवस्था देखी। नालियां चोक होने व गलियों में गंदगी पाये जाने पर अधिकारियों के साथ स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई की और फावड़े से सिल्ट निकाली।
डीएम ने इस दौरान लोगों से आह्वान किया कि यदि हर व्यक्ति अपने घर और घर के सामने सड़क एवं गलियों की सफाई नियमित रूप से करे तो कहीं भी जलभराव एवं गंदगी नहीं होगी। मात्र सफाई कर्मियों पर आश्रित रहना सही नहीं है। सफाई कर्मियों पर विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, सार्वजनिक स्थल आदि की सफाई के साथ-साथ गांव की सफाई की भी जिम्मेदारी है।
एक महिला ने शिकायत की कि मेरे घर के सामने के खाली प्लाट में आसपास के लोग कचड़े के साथ-साथ जानवरों का मल-मूत्र भी डालते हैं, जिससे गंदगी और बदबू फैलती है। डीएम ने ग्राम प्रधान को खाली प्लाटों एवं अन्य जगहों पर कूड़ा-कचरा डालने वाले व्यक्तियों को नोटिस जारी करते हुए दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाने के निर्देश दिए। जानवरों के मल-मूत्र एवं ठोस अपशिष्टों का निस्तारण खेतों में या बर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए पिट तैयार करने को कहा।
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निर्माणाधीन गली में एक व्यक्ति द्वारा लगाई दीवार से काम रुकने के मामले में डीएम ने लेखपाल एवं ग्राम सचिव को इनकी भूमि की दो दिन में पैमाइश कराने के निर्देश दिए। स्पष्ट कहा कि यदि दीवार गली में बनी है और अवैध है तो उसे गिराकर निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए।
ग्राम प्रधान ने बताया कि यहां तालाब पर कुछ लोगों द्वारा पक्के मकानों निर्माण कर कब्जा किया गया है, जिससे तालाब का सौंदर्यीकरण करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि आबादी की भूमि यदि उपलब्ध हो तो उन्हें आवंटित कर वहां से हटा कर अन्य जगह बसाया जाए।
ग्राम प्रधान को निर्देश दिए कि गांव ओडीएफ हो चुका है इसका पुन: सत्यापन कर लिया जाए। आवश्यकतानुसार सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाय। शिकायत मिली कि घरों में शौचालय रहते हुए कुछ लोग खुले में ही शौच जा रहे हैं। डीएम ने ग्राम प्रधान को ग्राम निगरानी समिति को पुन: सक्रिय करते हुए प्रात: 5 बजे से गांव के चारों तरफ ऐसे लोगों की निगरानी को लगाने को कहा। उन्होंने लोगों से एक पौधा अवश्य लगाने की अपील की।
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स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण का सूत्रपात ब्लाक लोधा की ग्राम पंचायत खेड़ा खुशखबर से हो गई। डीएम ने सुबह साढ़े छह बजे गांव पहुंचकर पहले गलियों का भ्रमण कर गली व नालियों की सफाई व्यवस्था देखी। नालियां चोक होने व गलियों में गंदगी पाये जाने पर अधिकारियों के साथ स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई की और फावड़े से सिल्ट निकाली।
डीएम ने इस दौरान लोगों से आह्वान किया कि यदि हर व्यक्ति अपने घर और घर के सामने सड़क एवं गलियों की सफाई नियमित रूप से करे तो कहीं भी जलभराव एवं गंदगी नहीं होगी। मात्र सफाई कर्मियों पर आश्रित रहना सही नहीं है। सफाई कर्मियों पर विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, सार्वजनिक स्थल आदि की सफाई के साथ-साथ गांव की सफाई की भी जिम्मेदारी है।
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एक महिला ने शिकायत की कि मेरे घर के सामने के खाली प्लाट में आसपास के लोग कचड़े के साथ-साथ जानवरों का मल-मूत्र भी डालते हैं, जिससे गंदगी और बदबू फैलती है। डीएम ने ग्राम प्रधान को खाली प्लाटों एवं अन्य जगहों पर कूड़ा-कचरा डालने वाले व्यक्तियों को नोटिस जारी करते हुए दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाने के निर्देश दिए। जानवरों के मल-मूत्र एवं ठोस अपशिष्टों का निस्तारण खेतों में या बर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए पिट तैयार करने को कहा।
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निर्माणाधीन गली में एक व्यक्ति द्वारा लगाई दीवार से काम रुकने के मामले में डीएम ने लेखपाल एवं ग्राम सचिव को इनकी भूमि की दो दिन में पैमाइश कराने के निर्देश दिए। स्पष्ट कहा कि यदि दीवार गली में बनी है और अवैध है तो उसे गिराकर निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए।
ग्राम प्रधान ने बताया कि यहां तालाब पर कुछ लोगों द्वारा पक्के मकानों निर्माण कर कब्जा किया गया है, जिससे तालाब का सौंदर्यीकरण करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि आबादी की भूमि यदि उपलब्ध हो तो उन्हें आवंटित कर वहां से हटा कर अन्य जगह बसाया जाए।
ग्राम प्रधान को निर्देश दिए कि गांव ओडीएफ हो चुका है इसका पुन: सत्यापन कर लिया जाए। आवश्यकतानुसार सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाय। शिकायत मिली कि घरों में शौचालय रहते हुए कुछ लोग खुले में ही शौच जा रहे हैं। डीएम ने ग्राम प्रधान को ग्राम निगरानी समिति को पुन: सक्रिय करते हुए प्रात: 5 बजे से गांव के चारों तरफ ऐसे लोगों की निगरानी को लगाने को कहा। उन्होंने लोगों से एक पौधा अवश्य लगाने की अपील की।