{"_id":"5ab2c29c4f1c1bae758b6c93","slug":"181521664668-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक से धोखाधड़ी कर निकाले 9.80 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक से धोखाधड़ी कर निकाले 9.80 लाख रुपये
Updated Thu, 22 Mar 2018 02:07 AM IST
विज्ञापन
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
दो माह पहले बैंक से हुई लाखों की ठगी का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। पीड़ित ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर घटना के खुलासे की मांग की है।
थाना बन्नादेवी के इलियासपुर सारसौल निवासी सन्ने खां पुत्र रसीद खां ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसका एक खाता केनरा बैंक की सारसौल शाखा में है।
18 जनवरी 2018 कोे जब वह बैंक में डेढ़ लाख रुपये चेक से निकालने के लिए गया तो वहां बैंक कर्मियों ने उसका चेक पास करने से मना कर दिया और यह कहा कि उसके खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं है, जबकि इससे पहले उसने चेक से ही तीन लाख व डेढ़ लाख रुपये निकाले थे।
उसके बाद भी उसके खाते में 10 लाख रुपये की धनराशि होेनी चाहिए। पूछताछ में बैंक के स्टाफ ने उसे बताया कि उसके खाते से 27 दिसंबर 2017 को 9 लाख 80 हजार रुपये चेक से निकाले गए हैं।
विज्ञापन
साथ ही उसे यह भी बताया गया कि इस धनराशि का भुगतान किसी ज्वेलर को सोना खरीदने के लिए किया गया है। पीड़ित का कहना है कि इतनी बड़ी धनराशि के निकल जाने की उसे न तो फोन से कोई सूचना दी गई और न ही इसका कोई मेसेज उस पर आया।
उसने किसी चेक पर कोई हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं। उसने आरोप लगाया है कि उसके फर्जी हस्ताक्षर से बैंक कर्मियों की मिलीभगत से यह धनराशि धोखाधड़ी कर निकाली गई है। उसने 12 जनवरी को इसका मुकदमा बन्नादेवी थाने में दर्ज भी कराया था, लेकिन अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
विज्ञापन
दो माह पहले बैंक से हुई लाखों की ठगी का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। पीड़ित ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर घटना के खुलासे की मांग की है।
थाना बन्नादेवी के इलियासपुर सारसौल निवासी सन्ने खां पुत्र रसीद खां ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसका एक खाता केनरा बैंक की सारसौल शाखा में है।
18 जनवरी 2018 कोे जब वह बैंक में डेढ़ लाख रुपये चेक से निकालने के लिए गया तो वहां बैंक कर्मियों ने उसका चेक पास करने से मना कर दिया और यह कहा कि उसके खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं है, जबकि इससे पहले उसने चेक से ही तीन लाख व डेढ़ लाख रुपये निकाले थे।
विज्ञापन
उसके बाद भी उसके खाते में 10 लाख रुपये की धनराशि होेनी चाहिए। पूछताछ में बैंक के स्टाफ ने उसे बताया कि उसके खाते से 27 दिसंबर 2017 को 9 लाख 80 हजार रुपये चेक से निकाले गए हैं।
विज्ञापन
साथ ही उसे यह भी बताया गया कि इस धनराशि का भुगतान किसी ज्वेलर को सोना खरीदने के लिए किया गया है। पीड़ित का कहना है कि इतनी बड़ी धनराशि के निकल जाने की उसे न तो फोन से कोई सूचना दी गई और न ही इसका कोई मेसेज उस पर आया।
उसने किसी चेक पर कोई हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं। उसने आरोप लगाया है कि उसके फर्जी हस्ताक्षर से बैंक कर्मियों की मिलीभगत से यह धनराशि धोखाधड़ी कर निकाली गई है। उसने 12 जनवरी को इसका मुकदमा बन्नादेवी थाने में दर्ज भी कराया था, लेकिन अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।