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अलीगढ़ में फॉरेंसिक एक्सपर्ट तय करेंगे तौसीफ को कितनी दूरी से लगी गोली
Updated Thu, 07 Sep 2017 01:55 AM IST
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फॉरेंसिक एक्सपर्ट तय करेगा तौसीफ को लगी गोली की दूरी
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू के ओटी मैनेजमेंट छात्र तौसीफ को सर जियाउद्दीन हॉल में गोली कितनी दूरी से लगी थी, इसका फैसला फॉरेंसिक एक्सपर्ट तय करेगा। यही वजह है कि अभी शक में नामजद किए गए तीनों छात्रों को क्लीनचिट नहीं दी जा रही है। इसके लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज आदि परीक्षण के लिए भेजेगी।
इसमें फॉरेंसिक के स्थानीय डॉक्टर के अलावा सूबे के इकलौते बैलेस्टिक एक्सपर्ट की मदद भी साक्ष्यों को लखनऊ भेजकर ली जाएगी। हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर यही कह रहे हैं कि चार से पांच फीट दूरी से यह गोली चली है।
बदायूं के ककराला निवासी छात्र तौसीफ को शुक्रवार को संदिग्ध हालत में गोली लगी थी और जेएन मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में तौसीफ के परिजनों ने सिटी स्कूल के 11वीं के छात्र नबील हसन और बीए द्वितीय वर्ष के छात्र मो. अकबर व बाहरी रिजवान को शक में नामजद कर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि पुलिस ने अपनी जांच में इसे एक्सीडेंट माना है। पुलिस को जो जानकारी हुई है, उसके अनुसार तौफीस हाथ में पिस्टल लेकर घुमा रहा था। तभी अचानक चल गई।
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मगर पोस्टमार्टम व मेडिकल परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि तौसीफ के जिस स्थान पर गोली लगी, वहां ब्लैकनिंग (नजदीक से गोली लगने पर होने वाला काला घेरा), टैटनिंग (नजदीक से गोली लगने पर घाव के आसपास बनने वाले चकते) और गोली का शरीर से निकास भी नहीं है। ऐसे में इसके एक्सीडेंट माने जाने पर संशय है। डॉक्टर मान रहे हैं कि चार से पांच फीट दूरी से गोली चली होगी। तभी ब्लैकनिंग, टैटनिंग और गोली निकास नहीं है। ऐसे में पुलिस इस मामले में अब फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद लेने जा रही है।
इस संबंध में स्थानीय फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ-साथ आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक सहायक की राय ली जाएगी। साथ में लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में प्रदेश के एकमात्र बैलेस्टिक फायरिंग एक्सपर्ट की राय भी ली जाएगी। इसके लिए उनसे संपर्क किया जा रहा है और उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज, शव के फोटो, हथियार आदि भेजा जाएगा।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान के अनुसार अभी हिरासत में लिए गए छात्रों को क्लीनचिट नहीं है। इसके लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट से राय मशविरा कर निर्णय लिया जाएगा।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू के ओटी मैनेजमेंट छात्र तौसीफ को सर जियाउद्दीन हॉल में गोली कितनी दूरी से लगी थी, इसका फैसला फॉरेंसिक एक्सपर्ट तय करेगा। यही वजह है कि अभी शक में नामजद किए गए तीनों छात्रों को क्लीनचिट नहीं दी जा रही है। इसके लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज आदि परीक्षण के लिए भेजेगी।
इसमें फॉरेंसिक के स्थानीय डॉक्टर के अलावा सूबे के इकलौते बैलेस्टिक एक्सपर्ट की मदद भी साक्ष्यों को लखनऊ भेजकर ली जाएगी। हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर यही कह रहे हैं कि चार से पांच फीट दूरी से यह गोली चली है।
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बदायूं के ककराला निवासी छात्र तौसीफ को शुक्रवार को संदिग्ध हालत में गोली लगी थी और जेएन मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में तौसीफ के परिजनों ने सिटी स्कूल के 11वीं के छात्र नबील हसन और बीए द्वितीय वर्ष के छात्र मो. अकबर व बाहरी रिजवान को शक में नामजद कर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि पुलिस ने अपनी जांच में इसे एक्सीडेंट माना है। पुलिस को जो जानकारी हुई है, उसके अनुसार तौफीस हाथ में पिस्टल लेकर घुमा रहा था। तभी अचानक चल गई।
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मगर पोस्टमार्टम व मेडिकल परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि तौसीफ के जिस स्थान पर गोली लगी, वहां ब्लैकनिंग (नजदीक से गोली लगने पर होने वाला काला घेरा), टैटनिंग (नजदीक से गोली लगने पर घाव के आसपास बनने वाले चकते) और गोली का शरीर से निकास भी नहीं है। ऐसे में इसके एक्सीडेंट माने जाने पर संशय है। डॉक्टर मान रहे हैं कि चार से पांच फीट दूरी से गोली चली होगी। तभी ब्लैकनिंग, टैटनिंग और गोली निकास नहीं है। ऐसे में पुलिस इस मामले में अब फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद लेने जा रही है।
इस संबंध में स्थानीय फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ-साथ आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक सहायक की राय ली जाएगी। साथ में लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में प्रदेश के एकमात्र बैलेस्टिक फायरिंग एक्सपर्ट की राय भी ली जाएगी। इसके लिए उनसे संपर्क किया जा रहा है और उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज, शव के फोटो, हथियार आदि भेजा जाएगा।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान के अनुसार अभी हिरासत में लिए गए छात्रों को क्लीनचिट नहीं है। इसके लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट से राय मशविरा कर निर्णय लिया जाएगा।