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होटलों पर अब बर्तन पोटाश मिश्रित पानी से धुलेंगे
Updated Tue, 22 Aug 2017 01:31 AM IST
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नालों के पास से हटेंगी खाने की ढकेलें
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
दिन प्रतिदिन बढ़ रही खानपान में खराब गुणवत्ता की शिकायतों के बाद अब नगर निगम होटल और रैस्टोरेंटों के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित सरकारी गजट 1992 की नियमावली को सख्ती से लागू करेगा। इस नियमावली में एक नियम यह भी है कि होटलों में खाने के बर्तन इस्तेमाल के बाद पोटास मिश्रित पानी में धोए जाएंगे। साथ ही सड़क की पटरी या नाले के ऊपर किसी भी प्रकार के भोजनालय को स्थायी या अस्थायी निर्माण को चालू रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
किसी अतिक्रमण भवन पर कोई भोजनालय आदि स्थापित नहीं हो सकेगा। जबकि हकीकत में शहर में देखा जाए तो अधिकांश कचौड़ी की ढकेलें और रोटी के ढाबे नालों के पास ही हैं।
नगर निगम में कुछ दिनों से नागरिक संगठनों और आम लोगों की ओर से शिकायत आ रही हैं कि कुछ ठेल ढकेल वाले, कचौड़ी, मोमोज वाले बेहद खराब गुणवत्ता की खाद्य सामग्री का प्रयोग कर रहे हैं। इस बात को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने अपने सभी अधीनस्थों के साथ बैठक की और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित सरकारी गजट 1992 की नियमावली का अध्ययन किया गया। इसके नियमों में जो प्रावधान हैं। उनको लेकर अभी तक नगर निगम ने सख्ती नहीं की थी।
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लेकिन अब इस नियमावली को सख्ती से लागू किया जाएगा। इस नियमावली में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए साफ सफाई और खाना पकाने की स्थितियों को लेकर बेहद सख्त निर्देश हैं। नगर निगम का मानना है कि इसके लागू होने के बाद न सिर्फ साफ सफाई की स्थिति में सुधार आएगा, बल्कि खाने की गुणवत्ता भी सुधरेगी।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
दिन प्रतिदिन बढ़ रही खानपान में खराब गुणवत्ता की शिकायतों के बाद अब नगर निगम होटल और रैस्टोरेंटों के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित सरकारी गजट 1992 की नियमावली को सख्ती से लागू करेगा। इस नियमावली में एक नियम यह भी है कि होटलों में खाने के बर्तन इस्तेमाल के बाद पोटास मिश्रित पानी में धोए जाएंगे। साथ ही सड़क की पटरी या नाले के ऊपर किसी भी प्रकार के भोजनालय को स्थायी या अस्थायी निर्माण को चालू रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
किसी अतिक्रमण भवन पर कोई भोजनालय आदि स्थापित नहीं हो सकेगा। जबकि हकीकत में शहर में देखा जाए तो अधिकांश कचौड़ी की ढकेलें और रोटी के ढाबे नालों के पास ही हैं।
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नगर निगम में कुछ दिनों से नागरिक संगठनों और आम लोगों की ओर से शिकायत आ रही हैं कि कुछ ठेल ढकेल वाले, कचौड़ी, मोमोज वाले बेहद खराब गुणवत्ता की खाद्य सामग्री का प्रयोग कर रहे हैं। इस बात को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने अपने सभी अधीनस्थों के साथ बैठक की और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित सरकारी गजट 1992 की नियमावली का अध्ययन किया गया। इसके नियमों में जो प्रावधान हैं। उनको लेकर अभी तक नगर निगम ने सख्ती नहीं की थी।
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लेकिन अब इस नियमावली को सख्ती से लागू किया जाएगा। इस नियमावली में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए साफ सफाई और खाना पकाने की स्थितियों को लेकर बेहद सख्त निर्देश हैं। नगर निगम का मानना है कि इसके लागू होने के बाद न सिर्फ साफ सफाई की स्थिति में सुधार आएगा, बल्कि खाने की गुणवत्ता भी सुधरेगी।