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मास्टर डाटा अपडेशन के लिए कालेज संचालकों को अंतिम मौका
Updated Thu, 27 Jul 2017 01:58 AM IST
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मास्टर डाटा अपडेशन के लिए कालेज संचालकों को अंतिम मौका
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। जिले के डिग्री कालेजों को मास्टर डाटा अपडेशन के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। संचालकों को 30 जुलाई तक हरसूरत में मास्टर डाटा अपडेट कर समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दे दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अंतिम तिथि तक डाटा अपलोड न करने वाले संचालकों के विरुद्घ शासन को लिखा जाएगा। इस मामले में उन्होंने 28 जुलाई को विकास भवन में संचालकों की बैठक बुलाई है।
अपने छात्रों को छात्रवृत्ति दिलाने के लिए कालेज संचालकों को अपनी संस्था से संबंधित मान्यता, पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम वार सीटों की उपलब्धता डिजीटल हस्ताक्षरों से लाक करनी होती है। जनपद के करीब 233 डिग्री कालेजों में से मात्र 108 कालेजों ने अब तक मास्टर डाटा अपडेट किया है।
डाटा अपलोड न होने से संबंधित संस्था का छात्र यदि छात्रवृत्ति आवेदन आनलाइन प्रस्तुत करता भी है, तो कोर्स प्रदर्शित न होने के कारण उसका आवेदन स्वत: ही निरस्त हो जाएगा और उसे छात्रवृत्ति अथवा शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिल सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह ने सभी को नोटिस जारी कर दिया है। इधर संस्थाओं के गैर जिम्मेदाराना रुख से नाराज सीडीओ दिनेश चंद्र ने सभी संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि उनकी लापरवाही से किसी भी छात्र अथवा छात्रा की छात्रवृत्ति रुकी तो उसके विरुद्घ शासन को लिखा जाएगा।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। जिले के डिग्री कालेजों को मास्टर डाटा अपडेशन के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। संचालकों को 30 जुलाई तक हरसूरत में मास्टर डाटा अपडेट कर समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दे दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अंतिम तिथि तक डाटा अपलोड न करने वाले संचालकों के विरुद्घ शासन को लिखा जाएगा। इस मामले में उन्होंने 28 जुलाई को विकास भवन में संचालकों की बैठक बुलाई है।
अपने छात्रों को छात्रवृत्ति दिलाने के लिए कालेज संचालकों को अपनी संस्था से संबंधित मान्यता, पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम वार सीटों की उपलब्धता डिजीटल हस्ताक्षरों से लाक करनी होती है। जनपद के करीब 233 डिग्री कालेजों में से मात्र 108 कालेजों ने अब तक मास्टर डाटा अपडेट किया है।
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डाटा अपलोड न होने से संबंधित संस्था का छात्र यदि छात्रवृत्ति आवेदन आनलाइन प्रस्तुत करता भी है, तो कोर्स प्रदर्शित न होने के कारण उसका आवेदन स्वत: ही निरस्त हो जाएगा और उसे छात्रवृत्ति अथवा शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिल सकेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह ने सभी को नोटिस जारी कर दिया है। इधर संस्थाओं के गैर जिम्मेदाराना रुख से नाराज सीडीओ दिनेश चंद्र ने सभी संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि उनकी लापरवाही से किसी भी छात्र अथवा छात्रा की छात्रवृत्ति रुकी तो उसके विरुद्घ शासन को लिखा जाएगा।
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