{"_id":"5ae62c674f1c1b05418b728e","slug":"171525034087-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉ. देवेंद्र ने अमेरिका में पढ़ा शोध पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉ. देवेंद्र ने अमेरिका में पढ़ा शोध पत्र
Updated Mon, 30 Apr 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पुलिस लाइन में पुलिस चिकित्सालय में वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने ‘इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ कांफ्रेंस’ अटलांटा (अमेरिका) में शोध पत्र पढ़कर पुलिस महकमे, प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है।
डॉ. देवेंद्र के अनुसार शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए 69 देशों के डॉक्टरों ने आवेदन किया था, लेकिन इसमें 24 देशों के डॉक्टरों के शोध पत्र चुने गए, जबकि भारत से वह अकेले थे, जिन्हें शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया। डॉ. देवेंद्र का जन्म सोरों (कासगंज) में हुआ था।
उन्होंने शेरवानी इंटर कॉलेज नेवली से इंटर तक की पढ़ाई की। इसके बाद एमबीबीएस व एमडी की पढ़ाई रूस से की। डॉ. देवेंद्र की उपलब्धि के लिए एसएसपी राजेश पांडेय व सीएमओ डॉ. मदन लाल अग्रवाल ने बधाई दी है।
विज्ञापन
झारखंड से अटलांटा तक सफर
डॉ. देवेंद्र वर्ष 2009 में प्रादेशिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा में आ गए। उनकी पहली तैनाती एटा में रही। वर्ष 2012 में उन्हें पुलिस लाइन के पुलिस चिकित्सालय भेजा गया। डॉ. देवेंद्र ने बताया कि भारत सरकार ने दक्षता के लिए विज्ञापन निकाला था, उसे भर दिया और उनका चयन दो साल तक के प्रशिक्षण के लिए हो गया।
उनका चयन नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल दिल्ली में हो गया। झारखंड के गुमला जिले के सिकोई आदिवासी गांव में मनुष्य व पशुओं की अचानक मौत हो रही थी, जिसकी जांच के लिए उन्हें टीम के साथ भेजा गया। जांच में एंथ्रेक्स बीमारी का पता चला। मृत्यु का कारण, लक्षण, बचाव पर शोध किया। यही शोध अमेरिका में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
पुलिस लाइन में पुलिस चिकित्सालय में वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने ‘इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ कांफ्रेंस’ अटलांटा (अमेरिका) में शोध पत्र पढ़कर पुलिस महकमे, प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है।
डॉ. देवेंद्र के अनुसार शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए 69 देशों के डॉक्टरों ने आवेदन किया था, लेकिन इसमें 24 देशों के डॉक्टरों के शोध पत्र चुने गए, जबकि भारत से वह अकेले थे, जिन्हें शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया। डॉ. देवेंद्र का जन्म सोरों (कासगंज) में हुआ था।
विज्ञापन
उन्होंने शेरवानी इंटर कॉलेज नेवली से इंटर तक की पढ़ाई की। इसके बाद एमबीबीएस व एमडी की पढ़ाई रूस से की। डॉ. देवेंद्र की उपलब्धि के लिए एसएसपी राजेश पांडेय व सीएमओ डॉ. मदन लाल अग्रवाल ने बधाई दी है।
विज्ञापन
झारखंड से अटलांटा तक सफर
डॉ. देवेंद्र वर्ष 2009 में प्रादेशिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा में आ गए। उनकी पहली तैनाती एटा में रही। वर्ष 2012 में उन्हें पुलिस लाइन के पुलिस चिकित्सालय भेजा गया। डॉ. देवेंद्र ने बताया कि भारत सरकार ने दक्षता के लिए विज्ञापन निकाला था, उसे भर दिया और उनका चयन दो साल तक के प्रशिक्षण के लिए हो गया।
उनका चयन नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल दिल्ली में हो गया। झारखंड के गुमला जिले के सिकोई आदिवासी गांव में मनुष्य व पशुओं की अचानक मौत हो रही थी, जिसकी जांच के लिए उन्हें टीम के साथ भेजा गया। जांच में एंथ्रेक्स बीमारी का पता चला। मृत्यु का कारण, लक्षण, बचाव पर शोध किया। यही शोध अमेरिका में प्रस्तुत किया।