{"_id":"5ab80e574f1c1ba6768b7a55","slug":"171522011735-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो लाइसेंसी रिवाल्वर संग सोनू गौतम गैंग का लुटेरा गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो लाइसेंसी रिवाल्वर संग सोनू गौतम गैंग का लुटेरा गिरफ्तार
Updated Mon, 26 Mar 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिले में लुटेरों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत अब सासनी गेट पुलिस को सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कुख्यात अपराधी सोनू गौतम गैंग को हथियार सप्लाई करने वाला एक लुटेरा गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से दो लाइसेंसी रिवाल्वर व भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं। इनमें से एक रिवाल्वर उसने छह साल पहले क्वार्सी इलाके में एक गैस एजेंसी संचालक से लूटी थी, जबकि एक रिवाल्वर उसे एक गन हाउस मालिक ने लूटपाट के लिए दी थी। इसके बदले वह इससे लूट में से हिस्सा लेता था। गन हाउस संचालक सहित उसके अन्य साथी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश में जुटी है। पकड़ा गया आरोपी मडराक थाने के हेड मुंशी का बेटा है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि हाल में ही सासनी गेट इलाके में कई स्थानों पर हुई हवाई फायरिंग आदि घटनाओं को लेकर थाना पुलिस प्रयासरत थी। इसी दौरान शनिवार को रिमांड पर लिए गए एक फायरिंग के आरोपी फाइनेंसर प्रेम सिंह के भाई जीतू ठाकुर से जब अवैध हथियारों के आने के विषय में पूछा गया तो उसने अपने साथी अमित यादव पुत्र मडराक के हेड मुंशी रामसरन यादव निवासी पुष्प विहार कॉलोनी सासनीगेट का नाम बताया। उसने बताया कि वही सोनू गौतम को भी हथियार देता है।
इस जानकारी पर इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा व एसआई अतुल गौतम की टीम ने अमित यादव को घर पर दबिश देकर पकड़ लिया। इस दौरान वहां से तलाशी में दो लाइसेंसी रिवाल्वर, 42 कारतूस 32 बोर व 70 खोखे भी मिले। उसने पूछताछ में बताया कि यह रिवाल्वर उसे वर्ष 2012 में क्वार्सी इलाके की एडीए कॉलोनी में गैस एजेंसी संचालक सुनील शर्मा से अपने साथी अविनाश शर्मा निवासी कृष्णापुरी सासनी गेट व एक अन्य के साथ लूटी थी। उससे बैग भी लूटा गया था, जिसमें डेढ़ लाख रुपया भी मिला था।
विज्ञापन
दूसरी रिवाल्वर के बारे में बताया कि यह रिवाल्वर उसे उसके साथी अविनाश को देहली गेट स्थित अजीत गन हाउस के मालिक उदय निवासी जलालपुर देहली गेट ने लूट करने के लिए दी थी। गन हाउस संचालक लूट की घटनाओं में बराबर का हिस्सा लेता था। गन हाउस का मालिक ही उन्हें कारतूस उपलब्ध कराता था। पुलिस ने अविनाश व उदय की तलाश में जब दबिश दी तो वह फरार मिले। वहीं गन हाउस भी बंद मिला। एसएसपी के अनुसार अमित वर्ष 2013 में जानलेवा हमले के मुकदमे में जेल जा चुका है। उसकी खैर अड्डा जलालपुर पर बीयर शॉप है और वह प्रापर्टी डीलिंग का व्यापार भी करता है। अमित ने स्वीकारा कि वह अविनाश के माध्यम से सोनू गौतम के संपर्क में आया था। उसे हथियार देने का काम किया है। एसएसपी के अनुसार मडराक के हैड मुंशी को अपने बेटे की करतूतों की जानकारी थी। इसलिए उन पर भी कार्रवाई होगी, जबकि उन्हें पुलिस को बताना चाहिए था। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ प्रथम विशाल पांडेय भी मौजूद रहे।
गन हाउस पर लाइसेंसी परिवार ने जमा की थी रिवाल्वर
एसएसपी के अनुसार पुलिस की जांच में साफ हुआ है कि लोधा के गांव रसूलपुर निवासी गंगा सिंह के नाम से यह लाइसेंस पर चढ़ी हुई थी। गंगा सिंह की मौत के बाद करीब डेढ़ साल पहले उनके बेटे ने यह रिवाल्वर गन हाउस पर जमा करा दी थी, जबकि उनके बेटे ने उस लाइसेंस पर पिस्टल खरीदकर चढ़वा ली है। तब से यह रिवाल्वर दुकान पर जमा थी।
फेसबुक से हुआ खुलासा
सीओ प्रथम ने बताया कि हिंदू युवा वाहिनी भरत गोस्वामी पर हमले में जीतू ठाकुर की जब तलाश चल रही थी तब उसकी फेसबुक भी खंगाली गई। जिसमें अमित यादव को असलाह लेकर जीतू ठाकुर के साथ देखा गया था। तभी से यह तलाश शुरू कर दी गई कि यह आखिर यह असलाह उसके पास कहां से आए, जिसे लेकर जांच की गई तो सब कुछ सामने आ गया।
गन हाउसों पर कसा जाएगा शिकंजा
एसएसपी के अनुसार अब असलाह की दुकान वालों पर नजर रखी जाएगी। इतना ही नहीं उन पर यदि कोई कमी मिली तो जल्द कार्रवाई भी होगी। अजीत गन हाउस वाले के लिए डीएम को पत्रा लिखा जाएगा।
विज्ञापन
जिले में लुटेरों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत अब सासनी गेट पुलिस को सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कुख्यात अपराधी सोनू गौतम गैंग को हथियार सप्लाई करने वाला एक लुटेरा गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से दो लाइसेंसी रिवाल्वर व भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं। इनमें से एक रिवाल्वर उसने छह साल पहले क्वार्सी इलाके में एक गैस एजेंसी संचालक से लूटी थी, जबकि एक रिवाल्वर उसे एक गन हाउस मालिक ने लूटपाट के लिए दी थी। इसके बदले वह इससे लूट में से हिस्सा लेता था। गन हाउस संचालक सहित उसके अन्य साथी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश में जुटी है। पकड़ा गया आरोपी मडराक थाने के हेड मुंशी का बेटा है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि हाल में ही सासनी गेट इलाके में कई स्थानों पर हुई हवाई फायरिंग आदि घटनाओं को लेकर थाना पुलिस प्रयासरत थी। इसी दौरान शनिवार को रिमांड पर लिए गए एक फायरिंग के आरोपी फाइनेंसर प्रेम सिंह के भाई जीतू ठाकुर से जब अवैध हथियारों के आने के विषय में पूछा गया तो उसने अपने साथी अमित यादव पुत्र मडराक के हेड मुंशी रामसरन यादव निवासी पुष्प विहार कॉलोनी सासनीगेट का नाम बताया। उसने बताया कि वही सोनू गौतम को भी हथियार देता है।
विज्ञापन
इस जानकारी पर इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा व एसआई अतुल गौतम की टीम ने अमित यादव को घर पर दबिश देकर पकड़ लिया। इस दौरान वहां से तलाशी में दो लाइसेंसी रिवाल्वर, 42 कारतूस 32 बोर व 70 खोखे भी मिले। उसने पूछताछ में बताया कि यह रिवाल्वर उसे वर्ष 2012 में क्वार्सी इलाके की एडीए कॉलोनी में गैस एजेंसी संचालक सुनील शर्मा से अपने साथी अविनाश शर्मा निवासी कृष्णापुरी सासनी गेट व एक अन्य के साथ लूटी थी। उससे बैग भी लूटा गया था, जिसमें डेढ़ लाख रुपया भी मिला था।
विज्ञापन
दूसरी रिवाल्वर के बारे में बताया कि यह रिवाल्वर उसे उसके साथी अविनाश को देहली गेट स्थित अजीत गन हाउस के मालिक उदय निवासी जलालपुर देहली गेट ने लूट करने के लिए दी थी। गन हाउस संचालक लूट की घटनाओं में बराबर का हिस्सा लेता था। गन हाउस का मालिक ही उन्हें कारतूस उपलब्ध कराता था। पुलिस ने अविनाश व उदय की तलाश में जब दबिश दी तो वह फरार मिले। वहीं गन हाउस भी बंद मिला। एसएसपी के अनुसार अमित वर्ष 2013 में जानलेवा हमले के मुकदमे में जेल जा चुका है। उसकी खैर अड्डा जलालपुर पर बीयर शॉप है और वह प्रापर्टी डीलिंग का व्यापार भी करता है। अमित ने स्वीकारा कि वह अविनाश के माध्यम से सोनू गौतम के संपर्क में आया था। उसे हथियार देने का काम किया है। एसएसपी के अनुसार मडराक के हैड मुंशी को अपने बेटे की करतूतों की जानकारी थी। इसलिए उन पर भी कार्रवाई होगी, जबकि उन्हें पुलिस को बताना चाहिए था। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ प्रथम विशाल पांडेय भी मौजूद रहे।
गन हाउस पर लाइसेंसी परिवार ने जमा की थी रिवाल्वर
एसएसपी के अनुसार पुलिस की जांच में साफ हुआ है कि लोधा के गांव रसूलपुर निवासी गंगा सिंह के नाम से यह लाइसेंस पर चढ़ी हुई थी। गंगा सिंह की मौत के बाद करीब डेढ़ साल पहले उनके बेटे ने यह रिवाल्वर गन हाउस पर जमा करा दी थी, जबकि उनके बेटे ने उस लाइसेंस पर पिस्टल खरीदकर चढ़वा ली है। तब से यह रिवाल्वर दुकान पर जमा थी।
फेसबुक से हुआ खुलासा
सीओ प्रथम ने बताया कि हिंदू युवा वाहिनी भरत गोस्वामी पर हमले में जीतू ठाकुर की जब तलाश चल रही थी तब उसकी फेसबुक भी खंगाली गई। जिसमें अमित यादव को असलाह लेकर जीतू ठाकुर के साथ देखा गया था। तभी से यह तलाश शुरू कर दी गई कि यह आखिर यह असलाह उसके पास कहां से आए, जिसे लेकर जांच की गई तो सब कुछ सामने आ गया।
गन हाउसों पर कसा जाएगा शिकंजा
एसएसपी के अनुसार अब असलाह की दुकान वालों पर नजर रखी जाएगी। इतना ही नहीं उन पर यदि कोई कमी मिली तो जल्द कार्रवाई भी होगी। अजीत गन हाउस वाले के लिए डीएम को पत्रा लिखा जाएगा।