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25 प्रधानाचार्यों के निलंबन में हीलाहवाली
Updated Sun, 01 Oct 2017 05:32 PM IST
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25 प्रधानाचार्यों के निलंबन में हीलाहवाली
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
प्राइवेट परीक्षा दिलाने में गड़बड़ी करने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश शासन ने तो जारी कर दिया है, लेकिन इसे अमलीजामा पहनाने में हीलाहवाली की जा रही है। अभी इन दोषी प्रधानाचार्यों व परीक्षा सहायकों का ब्योरा ही परिषद को नहीं भेजा गया है।
वर्ष 2016-17 में जिले से काफी परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड परीक्षा के प्राइवेट फॉर्म भरे थे। कई अग्रसारण केंद्रों से इन फॉर्मों को अग्रसारित कराया गया था। 25 कें द्रों से यह फॉर्म आधे-अधूरे प्रमाण पत्रों के साथ भरवा दिए गए थे।
इन्हें परीक्षा में शामिल भी करा दिया गया, लेकिन जब शासन तक इस मामले की शिकायत की गई तो शासन ने करीब 20 हजार परीक्षार्थियों के रिजल्ट रोक दिए। यहां 25 केंद्रों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के आदेश शासन द्वारा दे दिए गए। साथ ही इन विद्यालयों के परीक्षा सहायकों का अन्य जिलों में तबादला करने के आदेश दिए गए।
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यह केंद्र 10 साल तक परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे। शासन ने करीब दो सप्ताह पहले यह आदेश जारी कर दिए। क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रधानाचार्य और परीक्षा सहायकों के नाम मांगे थे, लेकिन अभी तक ब्योरा नहीं भेजा गया है।
डीआईओएस धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि शासन का जो जनरल आर्डर था, वह तो उन्हें मिल गया है। कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय कार्यालय से कुछ अहम जानकारियां मांगी गई थीं। वह जल्द ही भिजवा दी जाएंगी। उसके बाद जो निर्देश होगा। उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
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ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
प्राइवेट परीक्षा दिलाने में गड़बड़ी करने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश शासन ने तो जारी कर दिया है, लेकिन इसे अमलीजामा पहनाने में हीलाहवाली की जा रही है। अभी इन दोषी प्रधानाचार्यों व परीक्षा सहायकों का ब्योरा ही परिषद को नहीं भेजा गया है।
वर्ष 2016-17 में जिले से काफी परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड परीक्षा के प्राइवेट फॉर्म भरे थे। कई अग्रसारण केंद्रों से इन फॉर्मों को अग्रसारित कराया गया था। 25 कें द्रों से यह फॉर्म आधे-अधूरे प्रमाण पत्रों के साथ भरवा दिए गए थे।
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इन्हें परीक्षा में शामिल भी करा दिया गया, लेकिन जब शासन तक इस मामले की शिकायत की गई तो शासन ने करीब 20 हजार परीक्षार्थियों के रिजल्ट रोक दिए। यहां 25 केंद्रों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के आदेश शासन द्वारा दे दिए गए। साथ ही इन विद्यालयों के परीक्षा सहायकों का अन्य जिलों में तबादला करने के आदेश दिए गए।
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यह केंद्र 10 साल तक परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे। शासन ने करीब दो सप्ताह पहले यह आदेश जारी कर दिए। क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रधानाचार्य और परीक्षा सहायकों के नाम मांगे थे, लेकिन अभी तक ब्योरा नहीं भेजा गया है।
डीआईओएस धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि शासन का जो जनरल आर्डर था, वह तो उन्हें मिल गया है। कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय कार्यालय से कुछ अहम जानकारियां मांगी गई थीं। वह जल्द ही भिजवा दी जाएंगी। उसके बाद जो निर्देश होगा। उसके आधार पर कार्रवाई होगी।