फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   अलीगढ़ में महापौर के भाई को अस्पताल में इलाज के बदले मिले धक्के

अलीगढ़ में महापौर के भाई को अस्पताल में इलाज के बदले मिले धक्के

Sat, 22 Jul 2017 02:07 AM IST
Updated Sat, 22 Jul 2017 02:07 AM IST
विज्ञापन
अलीगढ़ में महापौर के भाई को अस्पताल में इलाज के बदले मिले धक्के
जिला अस्पताल में महापौर के भाई को इलाज के बदले मिले धक्के
विज्ञापन


ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

महापौर शकुंतला भारती के भाई ओम प्रकाश मधुकर को जिला अस्पताल में इलाज के बजाय धक्के मिले। ओम प्रकाश को धक्के मारकर वार्ड से बाहर निकालने की कोशिश की गई। जबरदस्ती डिस्चार्ज स्लिप बना दी गई। शुक्रवार को ओम प्रकाश ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ यह आरोप लगाया, तो बताते समय उनकी आंखों से आंसू छलक उठे।

खैर रोड पर पशु चिकित्सालय के पीछे रहने वाले ओम प्रकाश डायबिटीज, सांस और ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। उनकी उम्र 65 वर्ष के आसपास है। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को हालत बिगड़ने पर उन्हें मलखान सिंह जिला अस्पताल के वार्ड संख्या चार में बेड संख्या 12 पर भर्ती किया गया।
विज्ञापन


इसके बाद इसी वार्ड में उनके परिचित का बेटा आया। उसे साधारण बुखार था। लेकिन एक फार्मेसिस्ट ने अस्पताल में जगह नहीं होने की बात कहते हुए उसे रेफर के लिए लिख दिया। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन और ओम प्रकाश के बीच जबरदस्त नोकझोंक भी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ओम प्रकाश का कहना है कि कुछ दिन पहले उनके भाई प्रेम बाबू की तबियत खराब होने पर जिला अस्पताल के एक डाक्टर ने उनकी किडनी खराब बता कर बरेली रेफर कर दिया था। प्रेम बाबू ने बरेली जाकर उपचार कराया, तो उनकी किडनी सही थीं।

इस बात को लेकर उनकी डाक्टर से तीखी नोकझोंक हुई। जिसका बदला डाक्टर ने उन्हें जबरन वार्ड से धक्के देकर निकालने की कोशिश के रूप में लिया।

साधारण बुखार से पीड़ित बच्चे को यहां डाक्टर की जगह फार्मेसिस्ट रेफर कर रहा है। मेरे पास स्लिप मौजूद है। यह घोर लापरवाही है। यही बात डाक्टर साहब से कह दी, तो वे भड़क गए और मुझे भी जबरन बाहर करने लगे। - ओम प्रकाश, महापौर के भाई

जिन डॉ. एसके वर्मा पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह यहां सिंगल फिजीशियन हैं और प्रतिदिन करीब 200 मरीज देखते हैं। जो भी आरोप हैं, उनके संबंध में कोई भी यहां आकर वस्तु स्थिति देख सकता है। किसी पर भी आरोप लगाना बहुत आसान होता है। - डॉ. वीके गुप्ता, सीएमएस, मलखान सिंह जिला अस्पताल


जिला अस्पताल में मरीजों की उपेक्षा की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कई बार वहां निरीक्षण में खामियां मिली हैं। जिला अस्पताल प्रशासन को यह आखिरी चेतावनी है कि वह अपनी कार्यशैली में सुधार कर ले, नहीं तो कार्रवाई होगी। - डॉ. गीता प्रधान, अपर निदेशक स्वास्थ्य
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed