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ठेकेदारों ने टेंडरों का किया बहिष्कार
Updated Thu, 13 Jul 2017 01:31 AM IST
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ठेकेदारों ने टेंडरों का किया बहिष्कार
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन ने बुधवार को नगर निगम के खुलने वाले करीब 2.5 करोड़ रुपये के टेंडरों का बहिष्कार कर दिया। इसके चलते शहर में होने वाले विभिन्न प्रकार के विकास कार्यों की शुरुआत ही नहीं हो सकी। एसोसिएशन ने एलान किया है कि आगे भी खुलने वाले टेंडरों का बहिष्कार किया जाएगा। एसोसिएशन का कहना है कि नगर निगम उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील रुख नहीं अपना रहा है।
नगर निगम ठेकेदारों की मांग है कि पुरानी दरों के मुताबिक टेंडर नहीं दिए जाएं। पुरानी निविदा के मूल्य काफी कम हैं। दूसरी बात यह है कि जीएसटी लागू होने की स्थिति में भी नगर निगम तस्वीर साफ करे। अभी तक नगर निगम के पास जीएसटी को लेकर कोई सर्कुलर नहीं आया है। अगर ठेकेदार टेंडर ले लेते हैं और जीएसटी के मुताबिक कार्य करना हुआ तो उनके समक्ष बेहद असहज स्थिति पैदा हो जाएगी।
इसी के चलते ठेकेदार बहिष्कार की मुद्रा में रहे और किसी ने भी टेंडर नहीं लिया। इसके चलते 2.5 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले सड़क, इंटरलाकिंग, नाली आदि के निर्माण कार्यों की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी। बहिष्कार करने वालों में एसोसिएशन के संरक्षक मनवीर चौधरी, अध्यक्ष मुकर्रम खां, रवि गौतम, राशिद आलम, अशोक कुमार, धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन ने बुधवार को नगर निगम के खुलने वाले करीब 2.5 करोड़ रुपये के टेंडरों का बहिष्कार कर दिया। इसके चलते शहर में होने वाले विभिन्न प्रकार के विकास कार्यों की शुरुआत ही नहीं हो सकी। एसोसिएशन ने एलान किया है कि आगे भी खुलने वाले टेंडरों का बहिष्कार किया जाएगा। एसोसिएशन का कहना है कि नगर निगम उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील रुख नहीं अपना रहा है।
नगर निगम ठेकेदारों की मांग है कि पुरानी दरों के मुताबिक टेंडर नहीं दिए जाएं। पुरानी निविदा के मूल्य काफी कम हैं। दूसरी बात यह है कि जीएसटी लागू होने की स्थिति में भी नगर निगम तस्वीर साफ करे। अभी तक नगर निगम के पास जीएसटी को लेकर कोई सर्कुलर नहीं आया है। अगर ठेकेदार टेंडर ले लेते हैं और जीएसटी के मुताबिक कार्य करना हुआ तो उनके समक्ष बेहद असहज स्थिति पैदा हो जाएगी।
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इसी के चलते ठेकेदार बहिष्कार की मुद्रा में रहे और किसी ने भी टेंडर नहीं लिया। इसके चलते 2.5 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले सड़क, इंटरलाकिंग, नाली आदि के निर्माण कार्यों की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी। बहिष्कार करने वालों में एसोसिएशन के संरक्षक मनवीर चौधरी, अध्यक्ष मुकर्रम खां, रवि गौतम, राशिद आलम, अशोक कुमार, धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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