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5 दिन बाद... मदद और राहत का इंतजार
Updated Wed, 13 Sep 2017 02:03 AM IST
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5 दिन बाद... मदद और राहत का इंतजार
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
सारसौल के बीमा नगर मोहल्ले में पांच दिन बाद भी लोगाें को शासन या प्रशासन से किसी तरह की कोई आर्थिक मदद या राहत नहीं मिल सकी है। लोगों ने खुद ही अपने पैसों से क्षतिग्रस्त मकानों और दुकानों को बनवाना शुरू कर दिया है। पूरे मोहल्ले में सरकार और सिस्टम के खिलाफ बेहद तनाव और गुस्सा है, कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। ये हाल तब है जब घटना हुए पांच दिन हो रहे हैं।
कुल 120 घंटे बाद पुलिस ये तक नहीं बता सकी है कि विस्फोट की असली वजह क्या है..? आखिर कैसे इतना खतरनाक विस्फोट हुआ, जिससे 500 मीटर दूर तक के मकान दुकान कांप गए। कई मकानों के शीशे टूट गए और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रथमदृष्टया विस्फोट का कारण एलपीजी गैस सिलेंडर की लीकेज और उससे बने गैस क्लाउड को बताया गया है, लेकिन घटनास्थल पर मिला सिलेंडर दुरुस्त था। सिलेंडर फटे बिना इतना भीषण विस्फोट कैसे हो गया..? पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं है। अब फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आए तो शायद तस्वीर कुछ साफ हो सके।
इधर, मोहल्ले में क्षतिग्रस्त हुए मकान और दुकान बनवाये जाने लगे हैं। लोग अपने ही पैसों और कुछ लोगों की मदद से इनको बनवा रहे हैं। इतना नहीं इनके खानेपीने के लिए भी प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। हां, कांग्रेस और भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं और समाजसेवी संगठनों ने व्यक्तिगत रूप से जरूर इनकी कुछ मदद की है। जिससे इनके आंसू कुछ कम हुए हैं। जिला प्रशासन ने यहां हुए नुकसान का आकलन कराया था जिसमें लगभग 35 लाख का नुकसान सामने आया है। इसकी रिपोर्ट भी शासन को जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई मदद नहीं दी गई है। जिलाधिकारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष से इस संबंध में आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
सारसौल के बीमा नगर मोहल्ले में पांच दिन बाद भी लोगाें को शासन या प्रशासन से किसी तरह की कोई आर्थिक मदद या राहत नहीं मिल सकी है। लोगों ने खुद ही अपने पैसों से क्षतिग्रस्त मकानों और दुकानों को बनवाना शुरू कर दिया है। पूरे मोहल्ले में सरकार और सिस्टम के खिलाफ बेहद तनाव और गुस्सा है, कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। ये हाल तब है जब घटना हुए पांच दिन हो रहे हैं।
कुल 120 घंटे बाद पुलिस ये तक नहीं बता सकी है कि विस्फोट की असली वजह क्या है..? आखिर कैसे इतना खतरनाक विस्फोट हुआ, जिससे 500 मीटर दूर तक के मकान दुकान कांप गए। कई मकानों के शीशे टूट गए और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रथमदृष्टया विस्फोट का कारण एलपीजी गैस सिलेंडर की लीकेज और उससे बने गैस क्लाउड को बताया गया है, लेकिन घटनास्थल पर मिला सिलेंडर दुरुस्त था। सिलेंडर फटे बिना इतना भीषण विस्फोट कैसे हो गया..? पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं है। अब फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आए तो शायद तस्वीर कुछ साफ हो सके।
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इधर, मोहल्ले में क्षतिग्रस्त हुए मकान और दुकान बनवाये जाने लगे हैं। लोग अपने ही पैसों और कुछ लोगों की मदद से इनको बनवा रहे हैं। इतना नहीं इनके खानेपीने के लिए भी प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। हां, कांग्रेस और भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं और समाजसेवी संगठनों ने व्यक्तिगत रूप से जरूर इनकी कुछ मदद की है। जिससे इनके आंसू कुछ कम हुए हैं। जिला प्रशासन ने यहां हुए नुकसान का आकलन कराया था जिसमें लगभग 35 लाख का नुकसान सामने आया है। इसकी रिपोर्ट भी शासन को जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई मदद नहीं दी गई है। जिलाधिकारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष से इस संबंध में आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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