{"_id":"59a0821e4f1c1b5a768b45ff","slug":"161503691294-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएनए टेस्ट से होगा 30 साल पहले हुई नाइंसाफी का इंसाफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएनए टेस्ट से होगा 30 साल पहले हुई नाइंसाफी का इंसाफ
Updated Sat, 26 Aug 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएनए टेस्ट से होगा 30 साल पहले हुई नाइंसाफी का इंसाफ
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
30 वर्ष पहले अपने और अपनी मां के साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ एक व्यक्ति ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और खुद को उसी परिवार का साबित करने के लिए याचिका दायर की। अब अदालत ने युवक के पिता का डीएनए टेस्ट कराने का आदेश देते हुए 30 अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
गभाना के गांव जमालपुर शिया का रहने वाले दीपक कुमार का कहना है कि 1984 में उसकी मां की शादी हुई थी और शादी के तीन साल बाद उसका जन्म हुआ था। उस समय उसके पिता और उनके परिजनों ने एक रंगीन टीवी और स्कूटर की मांग की थी। जिसे देने में उसके नाना ने असमर्थता जतायी।
इसके बाद उसके पिता ने उसे अपना बेटा मानने से इनकार कर दिया और दूसरी शादी कर ली। दूसरी शादी से भी एक बेटा और एक बेटी है। पिछले दिनों दीपक ने अदालत में याचिका दायर कर हक की मांग की।
विज्ञापन
इस पर अदालत ने दोनों पक्षों को सुना। अब 18 अगस्त को हुई मामले की सुनवाई में अदालत ने निर्देश दिया है कि पिता को डीएनए टेस्ट के लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज में जाना है। जिसकी रिपोर्ट 30 अगस्त तक अदालत को सौंपी जाए। दीपक का कहना है कि इस निर्देश के बाद अब दूसरे पक्ष से उसे धमकियां मिल रही हैं। उसने अदालत से अपनी जान माल की सुरक्षा की गुहार की है।
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
30 वर्ष पहले अपने और अपनी मां के साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ एक व्यक्ति ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और खुद को उसी परिवार का साबित करने के लिए याचिका दायर की। अब अदालत ने युवक के पिता का डीएनए टेस्ट कराने का आदेश देते हुए 30 अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
गभाना के गांव जमालपुर शिया का रहने वाले दीपक कुमार का कहना है कि 1984 में उसकी मां की शादी हुई थी और शादी के तीन साल बाद उसका जन्म हुआ था। उस समय उसके पिता और उनके परिजनों ने एक रंगीन टीवी और स्कूटर की मांग की थी। जिसे देने में उसके नाना ने असमर्थता जतायी।
विज्ञापन
इसके बाद उसके पिता ने उसे अपना बेटा मानने से इनकार कर दिया और दूसरी शादी कर ली। दूसरी शादी से भी एक बेटा और एक बेटी है। पिछले दिनों दीपक ने अदालत में याचिका दायर कर हक की मांग की।
विज्ञापन
इस पर अदालत ने दोनों पक्षों को सुना। अब 18 अगस्त को हुई मामले की सुनवाई में अदालत ने निर्देश दिया है कि पिता को डीएनए टेस्ट के लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज में जाना है। जिसकी रिपोर्ट 30 अगस्त तक अदालत को सौंपी जाए। दीपक का कहना है कि इस निर्देश के बाद अब दूसरे पक्ष से उसे धमकियां मिल रही हैं। उसने अदालत से अपनी जान माल की सुरक्षा की गुहार की है।