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महिला अस्पताल की सीएमएस के खिलाफ अपहरण का मुकदमा
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
अल्ट्रासाउंड में दो बच्चे, लेकिन प्रसव में एक ही बच्चा होने के मामले में जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही एक अज्ञात नर्स को भी मुकदमे में शामिल किया गया है। इस मामले में अल्ट्रासाउंड डीडी अस्पताल में हुए थे जबकि प्रसव महिला अस्पताल में हुआ था। मामले में जांच कमेटी 15 जून को सुनवाई कर रही है।
थाना क्वार्सी क्षेत्र के हेवतपुर की रहने वाले सतेंद्र ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उसकी पत्नी संगीता को प्रसव पीड़ा होने पर मोहनलाल गौतम महिला जिला अस्पताल लाया गया था। इससे पहले उसने पत्नी के तीन अल्ट्रासाउंड कराए थे। तीनों में दो बच्चों के होने की पुष्टि की गई थी। 9 जून को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को जिला महिला अस्पताल लाया गया।
यहां पर पत्नी का प्रसव सामान्य तरीके से हुआ। उसके दो बच्चे हुए। लेकिन पत्नी को एक ही बच्चा दिया गया। पत्नी ने सतेंद्र को बताया कि एक बच्चे को स्टाफ ने एक नर्स को दे दिया। इसकी शिकायत जब अस्पताल की सीएमएस से की तो उन्होंने भी उल्टे शिकायत करने वाले को ही डांट दिया। इससे साफ है कि बच्चे की चोरी में उनका भी कुछ षड्यंत्र है। इस मामले की रिपोर्ट धारा 336 और 120 बी के तहत दर्ज की गई है।
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शनिवार को चार डाक्टरों का पैनल सीएमओ आफिस में बैठेगा। पैनल इस मामले में तय करेगा कि कौन सही है और कौन गलत। इसके बाद पुलिस कार्यवाही की दिशा तय होनी चाहिए
- डॉ. गीता प्रधान, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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अल्ट्रासाउंड में दो बच्चे, लेकिन प्रसव में एक ही बच्चा होने के मामले में जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही एक अज्ञात नर्स को भी मुकदमे में शामिल किया गया है। इस मामले में अल्ट्रासाउंड डीडी अस्पताल में हुए थे जबकि प्रसव महिला अस्पताल में हुआ था। मामले में जांच कमेटी 15 जून को सुनवाई कर रही है।
थाना क्वार्सी क्षेत्र के हेवतपुर की रहने वाले सतेंद्र ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उसकी पत्नी संगीता को प्रसव पीड़ा होने पर मोहनलाल गौतम महिला जिला अस्पताल लाया गया था। इससे पहले उसने पत्नी के तीन अल्ट्रासाउंड कराए थे। तीनों में दो बच्चों के होने की पुष्टि की गई थी। 9 जून को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को जिला महिला अस्पताल लाया गया।
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यहां पर पत्नी का प्रसव सामान्य तरीके से हुआ। उसके दो बच्चे हुए। लेकिन पत्नी को एक ही बच्चा दिया गया। पत्नी ने सतेंद्र को बताया कि एक बच्चे को स्टाफ ने एक नर्स को दे दिया। इसकी शिकायत जब अस्पताल की सीएमएस से की तो उन्होंने भी उल्टे शिकायत करने वाले को ही डांट दिया। इससे साफ है कि बच्चे की चोरी में उनका भी कुछ षड्यंत्र है। इस मामले की रिपोर्ट धारा 336 और 120 बी के तहत दर्ज की गई है।
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शनिवार को चार डाक्टरों का पैनल सीएमओ आफिस में बैठेगा। पैनल इस मामले में तय करेगा कि कौन सही है और कौन गलत। इसके बाद पुलिस कार्यवाही की दिशा तय होनी चाहिए
- डॉ. गीता प्रधान, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल