{"_id":"5ce6fb34bdec22076e31b0a1","slug":"155864151113-aligarh-news70","type":"story","status":"publish","title_hn":"मतदान से लेकर मतगणना तक कड़े इम्तिहान में पुलिस पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मतदान से लेकर मतगणना तक कड़े इम्तिहान में पुलिस पास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व लोकसभा चुनाव के दौरान जनपद की सुरक्षा व्यवस्था की डोर संभालने वाली पुलिस ने मतगणना से लेकर मतदान तक के कड़े इम्तिहान को बखूबी से पास किया। पुलिस की प्लानिंग इस कदर रही कि असामाजिक तत्वों को उसे भेदने का मौका ही नहीं मिला।
मतदान जितना शांति पूर्ण हुआ, उतनी ही मतगणना के दौरान भी शांति रही। हाई अलर्ट के दौरान जनपद की जनता ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाला और किसी भी असामाजिक तत्व को अशांति फैलाने नहीं दी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया शांति पूर्ण ढंग से निपटने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
मतगणना की बात करें तो सिर्फ धनीपुर मंडी (मतगणना स्थल) में एक एएसपी, पांच सीओ, 18 इंस्पेक्टर, 14 एसओ, 160 एसआई, 5 महिला एसआई, 176 हैड कांस्टेबिल, 686 कांस्टेबिल, 124 महिला कांस्टेबिल, 8 ट्रैफिक गार्ड, 24 ट्रैफिक पुलिस के सिपाही, पांच प्लाटून पीएसी, नौ सेक्शन पैरा मिलिट्री एवं एक कंपनी आरएएफ की कंपनी तैनात रही।
विज्ञापन
मार्ग के दोनों ओर बैरिके टिंग लगाकर वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया। वहीं, चप्पे-चप्पे पर निगाह रखने के लिए खुफिया पुलिस को भी सादा वर्दी में तैनात किया गया। इधर, एक सप्ताह पूर्व से ही खुफिया पुलिस ने जनपद के अलग-अलग इलाकों से जीत-हार को लेकर जनता के मूड पर इनपुट जुटाना शुरू कर दिया था।
भाजपाइयों के जश्न पर रही निगाह
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने को लेकर दोपहर में स्थिति साफ होने के बाद भाजपाइयों के जश्न मनाने की सूचना पर पुलिस ने दौड़ लगानी शुरू कर दी। समर्थकों के जश्न पर कड़ी निगाह रखी गई। अधिक शोरशराबा करने पर कई भाजपाइयों को पकड़कर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया।
विज्ञापन
लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व लोकसभा चुनाव के दौरान जनपद की सुरक्षा व्यवस्था की डोर संभालने वाली पुलिस ने मतगणना से लेकर मतदान तक के कड़े इम्तिहान को बखूबी से पास किया। पुलिस की प्लानिंग इस कदर रही कि असामाजिक तत्वों को उसे भेदने का मौका ही नहीं मिला।
मतदान जितना शांति पूर्ण हुआ, उतनी ही मतगणना के दौरान भी शांति रही। हाई अलर्ट के दौरान जनपद की जनता ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाला और किसी भी असामाजिक तत्व को अशांति फैलाने नहीं दी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया शांति पूर्ण ढंग से निपटने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
मतगणना की बात करें तो सिर्फ धनीपुर मंडी (मतगणना स्थल) में एक एएसपी, पांच सीओ, 18 इंस्पेक्टर, 14 एसओ, 160 एसआई, 5 महिला एसआई, 176 हैड कांस्टेबिल, 686 कांस्टेबिल, 124 महिला कांस्टेबिल, 8 ट्रैफिक गार्ड, 24 ट्रैफिक पुलिस के सिपाही, पांच प्लाटून पीएसी, नौ सेक्शन पैरा मिलिट्री एवं एक कंपनी आरएएफ की कंपनी तैनात रही।
विज्ञापन
मार्ग के दोनों ओर बैरिके टिंग लगाकर वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया। वहीं, चप्पे-चप्पे पर निगाह रखने के लिए खुफिया पुलिस को भी सादा वर्दी में तैनात किया गया। इधर, एक सप्ताह पूर्व से ही खुफिया पुलिस ने जनपद के अलग-अलग इलाकों से जीत-हार को लेकर जनता के मूड पर इनपुट जुटाना शुरू कर दिया था।
भाजपाइयों के जश्न पर रही निगाह
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने को लेकर दोपहर में स्थिति साफ होने के बाद भाजपाइयों के जश्न मनाने की सूचना पर पुलिस ने दौड़ लगानी शुरू कर दी। समर्थकों के जश्न पर कड़ी निगाह रखी गई। अधिक शोरशराबा करने पर कई भाजपाइयों को पकड़कर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया।