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दो आईटीआई संस्थानों की जांच, उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:02 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
सादाबाद। जिले में अब संचालित निजी क्षेत्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की जांच शुरू हो गई है। गुरुवार को सादाबाद के दो आईटीआई संस्थानों की जांच डायट प्राचार्य ऋचा गुप्ता और आरआई डीसी पौरुष ने संयुक्त रूप से की। जांच से इन संस्थानों के कर्मियों में खलबली मची रही।
शासन के संज्ञान में आया है कि प्रदेश में संचालित निजी क्षेत्र औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान या तो धरातल पर स्थित नहीं है या केवल उनके बोर्ड टांगे गए हैं अथवा एक से अधिक शिक्षण संस्थाएं एक ही भवन में संचालित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र के आईटीआई शिक्षण संस्थान द्वारा ऐसा कृत्य अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि को हड़पने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसी वजह से जिलेभर में डीएम के आदेश के बाद आईटीआई संस्थानों की जांच की जा रही है।
सादाबाद तहसील के लिए बनाई गई जांच समिति में शामिल डायट प्राचार्य ऋचा गुप्ता और आरआई डीसी पौरुष पिछले दिनों पांच निजी आईटीआई संस्थानों की जांच कर चुके है। गुरुवार को टीम ने दो और आईटीआई कंजौली स्थित कैप्टन प्यारेलाल आईटीआई और गजानन आईटीआई मई का निरीक्षण किया। जांच में देखा गया कि संस्थान धरातल पर है या नहीं, संस्थान को एनसीवीटी या अन्य किसी सक्षम विभाग से मान्यता प्राप्त है या नहीं।
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आईटीआई जिस परिसर में संचालित है, क्या उस परिसर में अन्य किसी नाम से या उसी नाम से कोई संस्थान संचालित है। भवन निर्धारित मानकानुसार है या नहीं। पर्याप्त रोशनी, शौचालय आदि की व्यवस्था है या नहीं आदि बिंदुओं पर जांच की गई। समिति द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। इधर, जांच से अन्य आईटीआई संस्थानों में भी खलबली मची रही।
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सादाबाद। जिले में अब संचालित निजी क्षेत्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की जांच शुरू हो गई है। गुरुवार को सादाबाद के दो आईटीआई संस्थानों की जांच डायट प्राचार्य ऋचा गुप्ता और आरआई डीसी पौरुष ने संयुक्त रूप से की। जांच से इन संस्थानों के कर्मियों में खलबली मची रही।
शासन के संज्ञान में आया है कि प्रदेश में संचालित निजी क्षेत्र औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान या तो धरातल पर स्थित नहीं है या केवल उनके बोर्ड टांगे गए हैं अथवा एक से अधिक शिक्षण संस्थाएं एक ही भवन में संचालित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र के आईटीआई शिक्षण संस्थान द्वारा ऐसा कृत्य अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि को हड़पने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसी वजह से जिलेभर में डीएम के आदेश के बाद आईटीआई संस्थानों की जांच की जा रही है।
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सादाबाद तहसील के लिए बनाई गई जांच समिति में शामिल डायट प्राचार्य ऋचा गुप्ता और आरआई डीसी पौरुष पिछले दिनों पांच निजी आईटीआई संस्थानों की जांच कर चुके है। गुरुवार को टीम ने दो और आईटीआई कंजौली स्थित कैप्टन प्यारेलाल आईटीआई और गजानन आईटीआई मई का निरीक्षण किया। जांच में देखा गया कि संस्थान धरातल पर है या नहीं, संस्थान को एनसीवीटी या अन्य किसी सक्षम विभाग से मान्यता प्राप्त है या नहीं।
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आईटीआई जिस परिसर में संचालित है, क्या उस परिसर में अन्य किसी नाम से या उसी नाम से कोई संस्थान संचालित है। भवन निर्धारित मानकानुसार है या नहीं। पर्याप्त रोशनी, शौचालय आदि की व्यवस्था है या नहीं आदि बिंदुओं पर जांच की गई। समिति द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। इधर, जांच से अन्य आईटीआई संस्थानों में भी खलबली मची रही।