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अपने देश और पीएम का नाम नहीं बता पाए स्कूली बच्चे
Updated Tue, 27 Nov 2018 12:37 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला सादाबाद (हाथरस)
सादाबाद। सरकारी सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए तमाम प्रयास कर रही है, लेकिन इनकी जमीनी हकीकत हैरान कर देने वाली है। एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने सोमवार को प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय करसौरा का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राएं न तो अपने देश का नाम ही बता सके और न ही प्रदेश के पीएम का। इसे लेकर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की और शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के निर्देश दिए। एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने बताया कि वह एमडीएम का निरीक्षण करने विद्यालय पहुंची थीं। दोनों विद्यालयों में खाने की गुणवत्ता बेहद खराब मिली। एसडीएम ने जब सब्जी को चखा तो सोयाबीन की सब्जी में मिर्च काफी तेज थीं। हल्दी काफी अधिक थी और सब्जी काफी पतली थी।
एनजीओ ने विद्यालय में खाना भी काफी लेट पहुंचाया। सुबह 10 बजे की जगह दोपहर 12 बजे बच्चों के लिए खाना स्कूल में पहुंचा। एसडीएम ने क्लास रूम में जाकर बच्चों से सवाल जवाब किए तो बच्चे न तो देश का नाम बता सके और देश के पीएम का नाम। बच्चों को किताबी ज्ञान तो था, लेकिन सामान्य ज्ञान की कोई जानकारी नहीं थी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय करसौरा के भवन की छत जर्जर अवस्था में मिली। एसडीएम ने विद्यालय के शिक्षकों को शिक्षण कार्य की गुणवत्ता को सुधारने, सामान्य ज्ञान से बच्चों को अवगत कराने के निर्देश दिए। मिड-डे-मील की गुणवत्ता पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजेंगी।
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सादाबाद। सरकारी सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए तमाम प्रयास कर रही है, लेकिन इनकी जमीनी हकीकत हैरान कर देने वाली है। एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने सोमवार को प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय करसौरा का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राएं न तो अपने देश का नाम ही बता सके और न ही प्रदेश के पीएम का। इसे लेकर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की और शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के निर्देश दिए। एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने बताया कि वह एमडीएम का निरीक्षण करने विद्यालय पहुंची थीं। दोनों विद्यालयों में खाने की गुणवत्ता बेहद खराब मिली। एसडीएम ने जब सब्जी को चखा तो सोयाबीन की सब्जी में मिर्च काफी तेज थीं। हल्दी काफी अधिक थी और सब्जी काफी पतली थी।
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एनजीओ ने विद्यालय में खाना भी काफी लेट पहुंचाया। सुबह 10 बजे की जगह दोपहर 12 बजे बच्चों के लिए खाना स्कूल में पहुंचा। एसडीएम ने क्लास रूम में जाकर बच्चों से सवाल जवाब किए तो बच्चे न तो देश का नाम बता सके और देश के पीएम का नाम। बच्चों को किताबी ज्ञान तो था, लेकिन सामान्य ज्ञान की कोई जानकारी नहीं थी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय करसौरा के भवन की छत जर्जर अवस्था में मिली। एसडीएम ने विद्यालय के शिक्षकों को शिक्षण कार्य की गुणवत्ता को सुधारने, सामान्य ज्ञान से बच्चों को अवगत कराने के निर्देश दिए। मिड-डे-मील की गुणवत्ता पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजेंगी।
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