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नगर पालिका खैर में छुट्टी के दिन कागजों की हेराफेरी का प्रकरण, पिछले कार्यकाल में हुई भर्तियों व खर्चो की होगी जांच
Updated Fri, 16 Feb 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खैर।
चेयरमैन खैर द्वारा पिछले कार्यकाल में नगर पालिका में हुई भर्तियों में गोलमाल व कार्यरत कर्मचारियों से अधिक का वेतन निकालने की शिकायत के मामले में जिलाधिकारी ने ईओ खैर को जांच के आदेश दिए हैं।
अब ईओ खैर संदीप सक्सेना पिछले कार्यकाल में हुई कर्मचारियों की भर्तियों, कर्मचारियों के वेतन तथा विकास कार्यों में किए गए खर्चों की जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। ईओ गुरुवार को नगर पालिका पहुंच गए तथा जांच शुरू की।
उन्होंने कार्यालयों के ताले खुलवा सभी कार्यालय पटल बाबुओं की फाइलें उन्होंने अपने कब्जे में लेकर एक नई अलमारी मंगाकर उसमें ताले में रखवा दी थीं। घटनाक्रम से बाबुओं व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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बता दें कि खैर चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने पालिका में तैनात बाबुओं द्वारा कर्मचारियों की सूची न देने तथा मनमानी करने के चलते जिलाधिकारी से शिकायत कर ऑडिट कराने तथा पूर्व में हुई भर्तियों की जांच कराने की मांग की थी। जैसे ही यह सूचना बाबुओं को मिली। उनमें हड़कंप मच गया था।
महाशिवरात्रि के दिन वे नगर पालिका पहुंच गए तथा सीसीटीवी कैमरे बंद कर कागजों में उलटफेर करने लगे। यह सूचना जैसे ही चेयरमैन को मिली। वो कुछ सभासदों सहित पालिका पहुंच गए। उन्हें देख बाबू कार्यालय खुला छोड़ भाग गए थे। बाद में चेयरमैन ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए कार्यालय की तालाबंदी कर चाबियां खैर ईओ को सौंप दी थीं।
गुरुवार को खैर ईओ जिलाधिकारी अलीगढ़ से मिले तथा उन्हें पूरा घटनाक्रम बताया। जिस पर डीएम ने ईओ खैर को पिछले कार्यकाल में हुई भर्तियों, सभी खर्चों से संबंधित खातों का ऑडिट करने तथा कर्मचारियों से अधिक वेतन की निकासी की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
आरोप है कि पूर्व चेयरमैन के कार्यकाल में स्टाफ द्वारा पैंतीस संविदा कर्मियों से साढ़े सात हजार रुपये वेतन पर हस्ताक्षर कराए जाते थे, जबकि उन्हें केवल साढ़े तीन हजार रुपये ही दिए जाते थे।
इस संबंध में संबंधित सविंदा कर्मियों ने चेयरमैन व ईओ को हस्ताक्षर व फोटो युक्त नोटरी शपथपत्र देकर शोषण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
चेयरमैन का कहना है कि पिछले कार्यकाल में पैंतीस करोड़ का घोटाला किया गया है। उन्हें जनता ने विश्वास कर चुना है, वे पूर्व की भांति भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे। विकास का पैसा विकास में लगाया जाएगा। ईओ संदीप सक्सेना ने बताया कि भ्रष्टाचार व अवैध नियुक्ति की जांच शुरू हो गई है। पूरी जांच रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। जो दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फाइलें देख ईओ की बिगड़ी हालत
डीएम के आदेश के बाद ईओ खैर नगर पालिका पहुंचकर फाइलों की जांच कर रहे थे। उन्हें फाइलों में कुछ ऐसा मिला कि उनकी तबियत बिगड़ गई। अचानक बेचैनी, बीपी हाई और शरीर पसीने में तरबतर हो गए। डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टर ने जांचकर दवा देकर आराम की सलाह दी। जिस पर ईओ शनिवार को आने की बात कहकर अपने घर चले गए। उनसे तो बात नहीं हो सकी, लेकिन तबियत खराब होने का कारण जब मौके पर मौजूद चेयरमैन संजीव अग्रवाल बिंटू ने जाना तो उन्होंने बताया कि दो ही फाइलों में बड़ी हेराफेरी सामने आई है। जिसे देख अधिशासी अधिकारी का बीपी बढ़ गया।
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चेयरमैन खैर द्वारा पिछले कार्यकाल में नगर पालिका में हुई भर्तियों में गोलमाल व कार्यरत कर्मचारियों से अधिक का वेतन निकालने की शिकायत के मामले में जिलाधिकारी ने ईओ खैर को जांच के आदेश दिए हैं।
अब ईओ खैर संदीप सक्सेना पिछले कार्यकाल में हुई कर्मचारियों की भर्तियों, कर्मचारियों के वेतन तथा विकास कार्यों में किए गए खर्चों की जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। ईओ गुरुवार को नगर पालिका पहुंच गए तथा जांच शुरू की।
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उन्होंने कार्यालयों के ताले खुलवा सभी कार्यालय पटल बाबुओं की फाइलें उन्होंने अपने कब्जे में लेकर एक नई अलमारी मंगाकर उसमें ताले में रखवा दी थीं। घटनाक्रम से बाबुओं व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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बता दें कि खैर चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने पालिका में तैनात बाबुओं द्वारा कर्मचारियों की सूची न देने तथा मनमानी करने के चलते जिलाधिकारी से शिकायत कर ऑडिट कराने तथा पूर्व में हुई भर्तियों की जांच कराने की मांग की थी। जैसे ही यह सूचना बाबुओं को मिली। उनमें हड़कंप मच गया था।
महाशिवरात्रि के दिन वे नगर पालिका पहुंच गए तथा सीसीटीवी कैमरे बंद कर कागजों में उलटफेर करने लगे। यह सूचना जैसे ही चेयरमैन को मिली। वो कुछ सभासदों सहित पालिका पहुंच गए। उन्हें देख बाबू कार्यालय खुला छोड़ भाग गए थे। बाद में चेयरमैन ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए कार्यालय की तालाबंदी कर चाबियां खैर ईओ को सौंप दी थीं।
गुरुवार को खैर ईओ जिलाधिकारी अलीगढ़ से मिले तथा उन्हें पूरा घटनाक्रम बताया। जिस पर डीएम ने ईओ खैर को पिछले कार्यकाल में हुई भर्तियों, सभी खर्चों से संबंधित खातों का ऑडिट करने तथा कर्मचारियों से अधिक वेतन की निकासी की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
आरोप है कि पूर्व चेयरमैन के कार्यकाल में स्टाफ द्वारा पैंतीस संविदा कर्मियों से साढ़े सात हजार रुपये वेतन पर हस्ताक्षर कराए जाते थे, जबकि उन्हें केवल साढ़े तीन हजार रुपये ही दिए जाते थे।
इस संबंध में संबंधित सविंदा कर्मियों ने चेयरमैन व ईओ को हस्ताक्षर व फोटो युक्त नोटरी शपथपत्र देकर शोषण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
चेयरमैन का कहना है कि पिछले कार्यकाल में पैंतीस करोड़ का घोटाला किया गया है। उन्हें जनता ने विश्वास कर चुना है, वे पूर्व की भांति भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे। विकास का पैसा विकास में लगाया जाएगा। ईओ संदीप सक्सेना ने बताया कि भ्रष्टाचार व अवैध नियुक्ति की जांच शुरू हो गई है। पूरी जांच रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। जो दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फाइलें देख ईओ की बिगड़ी हालत
डीएम के आदेश के बाद ईओ खैर नगर पालिका पहुंचकर फाइलों की जांच कर रहे थे। उन्हें फाइलों में कुछ ऐसा मिला कि उनकी तबियत बिगड़ गई। अचानक बेचैनी, बीपी हाई और शरीर पसीने में तरबतर हो गए। डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टर ने जांचकर दवा देकर आराम की सलाह दी। जिस पर ईओ शनिवार को आने की बात कहकर अपने घर चले गए। उनसे तो बात नहीं हो सकी, लेकिन तबियत खराब होने का कारण जब मौके पर मौजूद चेयरमैन संजीव अग्रवाल बिंटू ने जाना तो उन्होंने बताया कि दो ही फाइलों में बड़ी हेराफेरी सामने आई है। जिसे देख अधिशासी अधिकारी का बीपी बढ़ गया।