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पुलिस होती संवेदनशील तो बच सकता था कीर्तिपाल

Tue, 06 Jun 2017 01:16 AM IST
Updated Tue, 06 Jun 2017 01:16 AM IST
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पुलिस होती संवेदनशील तो बच सकता था कीर्तिपाल
पुलिस होती संवेदनशील तो बच सकता था कीर्तिपाल
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ब्यूरो, अमर उजाला, जवां (अलीगढ़)।

पुलिस जरा भी संवेदनशील होती तो 33 वर्षीय कीर्तिपाल बच सकता था जबकि पिता ने थाने में गुहार लगाई थी। नामजद तहरीर देते हुए बताया था कि कीर्तिपाल को ट्रैक्टर सही कराने के बहाने एक व्यक्ति ले गया था। उस व्यक्ति से झगड़ा हुआ था जिससे बेटे की जान खतरे में हैं।

पिता के बहते आंसू पर जवां थाना के कान पर जूं तक नहीं रेंगा। लापरवाही पुलिस ने एनसीआर तक दर्ज नहीं की। पिता और परिजन उसे तलाशते रहे। सोमवार को पड़ोसी गांव के जंगल स्थित कुएं में कीर्तिपाल का शव मिला तो परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करके कर्तव्य की इतिश्री कर ली।
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कीर्तिपाल पुत्र थान सिंह निवासी चंदौखा ट्रैक्टर मिस्त्री था। 30 मई की सुबह साहब सिंह अपना ट्रैक्टर सही कराने के लिए उसे बुला ले गया। उसके बाद से वह घर नहीं लौटा। पिता के अनुसार शाम को वह साहब सिंह के घर बेटे की जानकारी करने पहुंचे तो बताया गया कि वह तो जा चुका है।
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दूसरे दिन भी जब कीर्तिपाल नहीं लौटा तो पिता ने रिश्तेदारियों, हर मिलने-जुलने वाले के यहां खोजबीन की। वह दोबारा से साहब सिंह के यहां गए तो पड़ोसियों से पता चला कि कीर्तिपाल और साहब सिंह का रुपयों के लेनदेन को लेकर झगड़ा हुआ था। इस पर पिता थान सिंह ने तीन जून को जवां थाने में तहरीर दी। पुलिस तहरीर रद्दी में रखकर सोती रही।

सोमवार दोपहर 12 बजे पीपल के पत्ते काटने वालों ने खबर दी कि कलूपुरा निवासी भूरा सिंह के खेत में स्थित कुएं में शव पड़ा है। लोगों ने अथक प्रयास करके शव को बाहर निकाला तब पता चला कि वह कीर्तिपाल का है। इसकी सूचना जब 100 नंबर पर दी गई तब पुलिस मौके पर पहुंची। थाने से पहुंचे दरोगा गजेंद्र पाल सिंह ने पंचनामा भरा। उन्होंने बताया कि शव 3-4 दिन पुराना है।

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तथ्य स्पष्ट होंगे। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई होगी। - अमित कुमार, एसओ जवां

लापरवाह पुलिस ने मासूमों को बनाया अनाथ

कीर्तिपाल की दो मासूम बेटियां अनाथ हो गई हैं। इनकी उम्र क्रमश: 2 और 3 वर्ष है। वह यह भी नहीं जानती कि मौत क्या होती है? पिता के शव के पास परिजन रो रहे थे और बेटियां पिता की गोद में जाने की जिद कर रही थीं। तीन भाइयों में कीर्तिपाल दूसरे नंबर का था।


पुलिस के अनुसार शव 3-4 दिन पुराना है। वह 7 दिन से लापता था। पिता के अनुसार 3 जून को तहरीर दी थी। लोगों में चर्चा थी कि पुलिस तहरीर मिलते ही सक्रिय हो जाती तो शायद कीर्तिपाल की जान बचाई जा सकती थी।
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