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अमेरिका के 87 वर्षीय डेविड को सताती है एएमयू की यादें
Updated Mon, 08 Oct 2018 02:36 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला अलीगढञ
अलीगढ़। छात्र जीवन की सुनहरे यादें भला किसे नहीं सताती। कुछ ऐसी ही यादों में इन दिनों खोए हैं अमेरिका के न्यू जर्सी निवासी 87 वर्षीय डेविड डिक्चर।
दरअसल 16 अक्तूबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पूर्व छात्रों का सम्मेलन (एल्युमिनाई मीट) होने जा रहा है। इसमें देश-विदेश से पूर्व छात्र आ रहे हैं। इसकी खबर मिलने के बाद एएमयू के पूर्व छात्र डेविड डिक्चर अपने आप को नहीं रोक सकें। उन्होंने एएमयू एल्युमिनाई अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन प्रो. एमएम सूफियान बेग को ई-मेल के माध्यम से खत लिखकर अपने आप को इंटरड्यूस किया है। उनका कहना है कि एएमयू से 1954 में ग्रेजुएट (प्रथम श्रेणी) है।
उनका यह भी विश्वास है कि भारत विभाजन के बाद पश्चिमी देशों से वह एएमयू के पहले ग्रेजुएट है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि ग्रेजुएशन के समय डॉ. जाकिर हुसैन उनके कुलपति थे। शिक्षकों में प्रो. मोहम्मद हबीब (राजनीति विज्ञान) एवं प्रो. मुहम्मद अली (भूगोल) के नाम का उल्लेख किये हैं। उन्होंने अपने प्रिंसिपल इंस्ट्रक्टर के रूप में प्रो. मतिन उज्जमा के नाम का उल्लेख किया है। छात्र जीवन में वह एसएस वेस्ट के अमीन हॉस्टल में रहते थे। एएमयू एल्युमिनाई अफेसर्य कमेटी के चेयरमैन प्रो. एमएम सूफियान बेग का कहना है कि डेविड डिक्चर के खत से बेहद खुशी हुई है। वह 87 वर्ष के हैं। अमेरिका में रह रहे एएमयू के पूर्व छात्र चाहते है कि डेविड डिक्चर एल्युमिनाई मीट में आए। उनके लिए सारे इंतजाम करने को तैयार है। उनको ई-मेल किया जा रहा है। वह आएंगे तो अलीग बिरादरी को बेहद खुशी होगी।
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अलीगढ़। छात्र जीवन की सुनहरे यादें भला किसे नहीं सताती। कुछ ऐसी ही यादों में इन दिनों खोए हैं अमेरिका के न्यू जर्सी निवासी 87 वर्षीय डेविड डिक्चर।
दरअसल 16 अक्तूबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पूर्व छात्रों का सम्मेलन (एल्युमिनाई मीट) होने जा रहा है। इसमें देश-विदेश से पूर्व छात्र आ रहे हैं। इसकी खबर मिलने के बाद एएमयू के पूर्व छात्र डेविड डिक्चर अपने आप को नहीं रोक सकें। उन्होंने एएमयू एल्युमिनाई अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन प्रो. एमएम सूफियान बेग को ई-मेल के माध्यम से खत लिखकर अपने आप को इंटरड्यूस किया है। उनका कहना है कि एएमयू से 1954 में ग्रेजुएट (प्रथम श्रेणी) है।
उनका यह भी विश्वास है कि भारत विभाजन के बाद पश्चिमी देशों से वह एएमयू के पहले ग्रेजुएट है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि ग्रेजुएशन के समय डॉ. जाकिर हुसैन उनके कुलपति थे। शिक्षकों में प्रो. मोहम्मद हबीब (राजनीति विज्ञान) एवं प्रो. मुहम्मद अली (भूगोल) के नाम का उल्लेख किये हैं। उन्होंने अपने प्रिंसिपल इंस्ट्रक्टर के रूप में प्रो. मतिन उज्जमा के नाम का उल्लेख किया है। छात्र जीवन में वह एसएस वेस्ट के अमीन हॉस्टल में रहते थे। एएमयू एल्युमिनाई अफेसर्य कमेटी के चेयरमैन प्रो. एमएम सूफियान बेग का कहना है कि डेविड डिक्चर के खत से बेहद खुशी हुई है। वह 87 वर्ष के हैं। अमेरिका में रह रहे एएमयू के पूर्व छात्र चाहते है कि डेविड डिक्चर एल्युमिनाई मीट में आए। उनके लिए सारे इंतजाम करने को तैयार है। उनको ई-मेल किया जा रहा है। वह आएंगे तो अलीग बिरादरी को बेहद खुशी होगी।
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