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आरटीओ विभाग जल्द हो सकता है पेपरलेस
Updated Wed, 06 Jun 2018 02:00 AM IST
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यतीश शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़।
परिवहन विभाग को पेपरलेस बनाने के लिए सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाया है। इसके लिए एनआईसी ने डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर भी बनाकर तैयार कर दिया है। सब कुछ ठीक रहा तो कुछ दिन बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले पूरे प्रदेश के एआरटीओ (प्रशासन) की लखनऊ में ट्रेनिंग होगी। इस ट्रेनिंग से लौटने के बाद एआरटीओ को वाहन लीडर के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना होगा।
नए वाहन पंजीकरण कराने के लिए अब किसी को पेपर लेकर आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जल्द ही आपके वाहन के सभी कागजात वाहन डीलर के यहां से ही स्केन होकर आरटीओ कार्यालय पहुंचेंगे और यहां उनके सत्यापित होने के बाद पंजीकरण एवं वाहन का नंबर मिल जाएगा।
इसके लिए एनआईसी ने ‘डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर’ भी तैयार कर लिया है। इसमें वाहन लीडर का कर्मचारी सभी कागजातों को स्केन करके आरटीओ आफिस भेजेगा। यहां पर आरटीओ विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इन कागजातों के असली होने की पुष्टि होने पर पंजीयन अधिकारी सिस्टम पर ही अप्रूव कर वाहन का पंजीयन संख्या आवंचित करते हुए पंजीयन प्रमाण पत्र भी जारी कर देंगे। लखनऊ में इसके लिए पांच जून से लखनऊ स्थित परिवहन आयुक्त के यहां प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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नकली या गलत कागज भेजा तो मिलेगा एसएमएस
डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर में किसी वाहन डीलर ने कोई कागजात गलत या नकली भेज दिया तो विभाग वाहन डीलर के एसएमएस व ई-मेल आईडी पर सूचना देगा। हालांकि इस सूचना के बाद वाहन डीलर उस कागज को पुुन: लोड कर सकता है।
वर्जन
सात जून को लखनऊ प्रशिक्षण के लिए जाना है। यहां 15 दिन का प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण लेने के बाद वाहन डीलर के कर्मचारी को प्रशिक्षित किया जाएगा।
रंजीत सिंह, एआरटीओ ( ए)।
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परिवहन विभाग को पेपरलेस बनाने के लिए सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाया है। इसके लिए एनआईसी ने डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर भी बनाकर तैयार कर दिया है। सब कुछ ठीक रहा तो कुछ दिन बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले पूरे प्रदेश के एआरटीओ (प्रशासन) की लखनऊ में ट्रेनिंग होगी। इस ट्रेनिंग से लौटने के बाद एआरटीओ को वाहन लीडर के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना होगा।
नए वाहन पंजीकरण कराने के लिए अब किसी को पेपर लेकर आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जल्द ही आपके वाहन के सभी कागजात वाहन डीलर के यहां से ही स्केन होकर आरटीओ कार्यालय पहुंचेंगे और यहां उनके सत्यापित होने के बाद पंजीकरण एवं वाहन का नंबर मिल जाएगा।
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इसके लिए एनआईसी ने ‘डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर’ भी तैयार कर लिया है। इसमें वाहन लीडर का कर्मचारी सभी कागजातों को स्केन करके आरटीओ आफिस भेजेगा। यहां पर आरटीओ विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इन कागजातों के असली होने की पुष्टि होने पर पंजीयन अधिकारी सिस्टम पर ही अप्रूव कर वाहन का पंजीयन संख्या आवंचित करते हुए पंजीयन प्रमाण पत्र भी जारी कर देंगे। लखनऊ में इसके लिए पांच जून से लखनऊ स्थित परिवहन आयुक्त के यहां प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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नकली या गलत कागज भेजा तो मिलेगा एसएमएस
डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर में किसी वाहन डीलर ने कोई कागजात गलत या नकली भेज दिया तो विभाग वाहन डीलर के एसएमएस व ई-मेल आईडी पर सूचना देगा। हालांकि इस सूचना के बाद वाहन डीलर उस कागज को पुुन: लोड कर सकता है।
वर्जन
सात जून को लखनऊ प्रशिक्षण के लिए जाना है। यहां 15 दिन का प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण लेने के बाद वाहन डीलर के कर्मचारी को प्रशिक्षित किया जाएगा।
रंजीत सिंह, एआरटीओ ( ए)।