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वर्ल्ड क्लास म्यूजिक सिस्टम बनाने वाली बोस कारपोरेशन पर सवा लाख का जुर्माना
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:22 AM IST
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वर्ल्ड क्लास म्यूजिक सिस्टम बनाने वाली
बोस कारपोरेशन पर सवा लाख का जुर्माना
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। वर्ल्ड क्लास म्यूजिक सिस्टम बनाने वाले कंपनी मैसर्स बोस कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड भ्रामक विज्ञापन जारी करने के मामले में फंस गई है। विधिक माप विज्ञान विभाग ने उन पर सवा लाख रुपये का जुर्माना ठोंका है।
दीपावली पर चेकिंग के दौरान विधिक माफ विज्ञान विभाग की टीम ने म्यूजिक सिस्टम बनाने वाली अंतर्राष्ट्रीय कंपनी बोस कारपोरेशन के एक विज्ञापन की जांच की। विज्ञापन में साउंड लिंक कलर ब्लू टूथ स्पीकर का मूल्य 9900 रुपये तो बताया गया, लेकिन स्पीकर की अन्य विशेषताएं नहीं बताई गईं। वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान हरीश कुमार प्रजापति ने बताया कि नियमानुसार किसी उत्पाद का मूल्य प्रकाशित करने के साथ आवश्यक है कि उपभोक्ता को उत्पाद की वह सभी विशेषताएं बताई जाएं जो मूल्य का निर्धारण करने में भूमिका रखती हैं। विभाग ने इसे भ्रामक विज्ञापन की श्रेणी में रखते हुए कंपनी को नोटिस जारी किया।
इसके बाद कंपनी के सभी जिम्मेदार लोगों एवं अन्य पर 25-25 हजार जुर्माना लगाते हुए कुल सवा लाख रुपया जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ निरीक्षक आरएस अकेला भी मौजूद थे।
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बोस कारपोरेशन पर सवा लाख का जुर्माना
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। वर्ल्ड क्लास म्यूजिक सिस्टम बनाने वाले कंपनी मैसर्स बोस कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड भ्रामक विज्ञापन जारी करने के मामले में फंस गई है। विधिक माप विज्ञान विभाग ने उन पर सवा लाख रुपये का जुर्माना ठोंका है।
दीपावली पर चेकिंग के दौरान विधिक माफ विज्ञान विभाग की टीम ने म्यूजिक सिस्टम बनाने वाली अंतर्राष्ट्रीय कंपनी बोस कारपोरेशन के एक विज्ञापन की जांच की। विज्ञापन में साउंड लिंक कलर ब्लू टूथ स्पीकर का मूल्य 9900 रुपये तो बताया गया, लेकिन स्पीकर की अन्य विशेषताएं नहीं बताई गईं। वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान हरीश कुमार प्रजापति ने बताया कि नियमानुसार किसी उत्पाद का मूल्य प्रकाशित करने के साथ आवश्यक है कि उपभोक्ता को उत्पाद की वह सभी विशेषताएं बताई जाएं जो मूल्य का निर्धारण करने में भूमिका रखती हैं। विभाग ने इसे भ्रामक विज्ञापन की श्रेणी में रखते हुए कंपनी को नोटिस जारी किया।
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इसके बाद कंपनी के सभी जिम्मेदार लोगों एवं अन्य पर 25-25 हजार जुर्माना लगाते हुए कुल सवा लाख रुपया जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ निरीक्षक आरएस अकेला भी मौजूद थे।
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