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जिला अस्पताल में घायलों के उपचार में लापरवाही का आरोप
Updated Thu, 06 Sep 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मलखान सिंह जिला अस्पताल में मडराक में हुई बस दुर्घटना के घायलों को सही से उपचार नहीं किए जाने का आरोप घायलों के परिवार वालों ने लगाया है। उनके मुताबिक घायलों को मंगलवार से केवल मरहम पट्टी करके छोड़ दिया गया है। घायलों का न एक्सरे हुआ है न अल्ट्रासाउंड और न प्लास्टर चढ़ाया गया है।
आगरा रोड पर दो बसों में भीषण दुर्घटना होने पर हादसे के घायल हुए लोगों को जिला अस्पताल भी लाया गया था। यहां पर लाते लाते कुछ मरीजों ने दम तोड़ दिया था। जो सामान्य रूप से घायल से उन्हें अस्पताल में ही भर्ती कराया गया।
अब घायलों के परिजनों का कहना है कि कुछ घायलों के हड्डी भी टूटी है। कुछ घायलों को अंदरूनी चोटें भी है। इसके लिए उम्मीद थी कि बुधवार को एक्सरे आदि किया जाएगा। लेकिन उसके उलट पट्टी भी नहीं बदली गई।
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हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि पहले बाहर के जख्म कुछ सही होने की स्थिति में हों तो फिर आर्थोपैडिक समस्याओं के लिए आगे बढ़ा जाए।
विचारणीय बात यह है कि कुछ दिन पहले ही गांधी पार्क बस स्टैंड से एक महिला मरीज को लेकर पहुंची मानव उपकार संस्था ने भी अस्पताल में उपचार के मामले में बदहाली की बातें सामने रखी थीं।
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मलखान सिंह जिला अस्पताल में मडराक में हुई बस दुर्घटना के घायलों को सही से उपचार नहीं किए जाने का आरोप घायलों के परिवार वालों ने लगाया है। उनके मुताबिक घायलों को मंगलवार से केवल मरहम पट्टी करके छोड़ दिया गया है। घायलों का न एक्सरे हुआ है न अल्ट्रासाउंड और न प्लास्टर चढ़ाया गया है।
आगरा रोड पर दो बसों में भीषण दुर्घटना होने पर हादसे के घायल हुए लोगों को जिला अस्पताल भी लाया गया था। यहां पर लाते लाते कुछ मरीजों ने दम तोड़ दिया था। जो सामान्य रूप से घायल से उन्हें अस्पताल में ही भर्ती कराया गया।
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अब घायलों के परिजनों का कहना है कि कुछ घायलों के हड्डी भी टूटी है। कुछ घायलों को अंदरूनी चोटें भी है। इसके लिए उम्मीद थी कि बुधवार को एक्सरे आदि किया जाएगा। लेकिन उसके उलट पट्टी भी नहीं बदली गई।
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हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि पहले बाहर के जख्म कुछ सही होने की स्थिति में हों तो फिर आर्थोपैडिक समस्याओं के लिए आगे बढ़ा जाए।
विचारणीय बात यह है कि कुछ दिन पहले ही गांधी पार्क बस स्टैंड से एक महिला मरीज को लेकर पहुंची मानव उपकार संस्था ने भी अस्पताल में उपचार के मामले में बदहाली की बातें सामने रखी थीं।