{"_id":"5aad7ca64f1c1ba9758b6142","slug":"131521319078-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिषदीय स्कूलों में परीक्षा के नाम पर फिर पीटी गई लकीर।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिषदीय स्कूलों में परीक्षा के नाम पर फिर पीटी गई लकीर।
Updated Sun, 18 Mar 2018 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शनिवार से अव्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शुरू हो गईं। ज्यादातर विद्यालयों में प्रश्नपत्र बेहद कम पहुंचे और काफी विद्यालयों में यह स्थिति दिखी कि कक्षा एक से लेकर पांच और कक्षा छह से लेकर आठ तक के विद्यार्थी एक ही कमरे में परीक्षा देते हुए दिखे।
शनिवार से बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में परीक्षा शुरू हो गई। पहले ही दिन परीक्षा के दौरान अव्यवस्था दिखी। शनिवार कोे हिंदी की परीक्षा थी।
कक्षा एक के विद्यार्थियों की हिंदी मौखिक व अन्य विद्यार्थियों की हिंदी की लिखित व मौखिक परीक्षा हुई। शहरी क्षेत्र के ज्यादातर विद्यालयों में तो प्रश्नपत्र ही विद्यार्थियों की संख्या से कम पहुंचे। कन्या प्राथमिक पाठशाला 12 में 100 विद्यार्थियों के बीच में महज 50 प्रश्नपत्र आए। अन्य विद्यालयों में भी यही स्थिति रही।
ऐसे में दो या तीन विद्यार्थियों ने एक ही प्रश्नपत्र से काम चलाया। कई विद्यालयों में तो ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र लिख दिया गया। यही नहीं परिषदीय स्कूलों में पर्याप्त कमरे नहीं हैं।
विज्ञापन
ऐसे में ज्यादातर विद्यालयों में परीक्षा के दौरान एक ही कक्ष में कक्षा एक से पांच और छह से आठ तक के विद्यार्थी मिलजुलकर प्रश्नपत्र हल करते दिखाई दिए। हालांकि सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी बीबी पांडेय का कहना है कि उन पर किसी भी तरह की अव्यवस्था की शिकायत नहीं आई है।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शनिवार से अव्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शुरू हो गईं। ज्यादातर विद्यालयों में प्रश्नपत्र बेहद कम पहुंचे और काफी विद्यालयों में यह स्थिति दिखी कि कक्षा एक से लेकर पांच और कक्षा छह से लेकर आठ तक के विद्यार्थी एक ही कमरे में परीक्षा देते हुए दिखे।
शनिवार से बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में परीक्षा शुरू हो गई। पहले ही दिन परीक्षा के दौरान अव्यवस्था दिखी। शनिवार कोे हिंदी की परीक्षा थी।
कक्षा एक के विद्यार्थियों की हिंदी मौखिक व अन्य विद्यार्थियों की हिंदी की लिखित व मौखिक परीक्षा हुई। शहरी क्षेत्र के ज्यादातर विद्यालयों में तो प्रश्नपत्र ही विद्यार्थियों की संख्या से कम पहुंचे। कन्या प्राथमिक पाठशाला 12 में 100 विद्यार्थियों के बीच में महज 50 प्रश्नपत्र आए। अन्य विद्यालयों में भी यही स्थिति रही।
विज्ञापन
ऐसे में दो या तीन विद्यार्थियों ने एक ही प्रश्नपत्र से काम चलाया। कई विद्यालयों में तो ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र लिख दिया गया। यही नहीं परिषदीय स्कूलों में पर्याप्त कमरे नहीं हैं।
विज्ञापन
ऐसे में ज्यादातर विद्यालयों में परीक्षा के दौरान एक ही कक्ष में कक्षा एक से पांच और छह से आठ तक के विद्यार्थी मिलजुलकर प्रश्नपत्र हल करते दिखाई दिए। हालांकि सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी बीबी पांडेय का कहना है कि उन पर किसी भी तरह की अव्यवस्था की शिकायत नहीं आई है।