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अलीगढ़ में बेटी ने दिखाई राह, बांट रहे हेलमेट
Updated Wed, 30 Aug 2017 01:55 AM IST
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बेटी ने दिखाई राह, बांट रहे हेलमेट
ब्यूरो, अमर उजाला, खैर (अलीगढ़)।
पूर्व ब्लाक प्रमुख खैर मुकेश तोमर ने एक हजार लोगों को नि:शुल्क हेलमेट वितरित करने के साथ ही हेलमेट के प्रति जागरूकता की मुहिम छेड़ दी है। लोगों को संकल्प दिला रहे हैं कि बाइक चलाते समय वह हेलमेट जरूर पहनें। अब तक ढाई सौ हेलमेट वह वितरित कर चुके हैं। मंगलवार को भी गौमत स्थित शीतगृह पर कैंप लगाकर उन्होंने बाइक सवार लोगों को हेलमेट बांटे।
दरअसल हेलमेट वितरण की यह प्रेरणा उनकी 16 साल की बेटी से मिली। मुकेश तोमर के अनुसार पिछले दिनों वह घांघौली निवासी एक किसान के घर शोक संवेदना प्रकट करने गए थे। किसान के 22 वर्षीय पुत्र की बाइक से हादसे में जान चली गई थी। कुछ दिन पहले ही नेवी में उसकी नौकरी लगी थी। परिवार को उससे काफी आशाएं थीं। लोग कह रहे थे कि हेलमेट लगाए होता तो जान बच जाती।
यह बात उन्हें अंदर कचोटती रही। घर पहुंचकर 16 वर्षीय बेटी गीतांजली को पूरा वाकया बताया। रात में अच्छे से नींद नहीं आई। सुबह बेटी उनके सामने अपना गुल्लक लेकर आई। उसमें जमा किए हुए 58 हजार रुपये थे।
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गीतांजली ने कहा कि पापा इतने रुपयों के हेलमेट नि:शुल्क बांट दो। इससे हम कुछ की जान तो बचा सकते हैं। बेटी की इस बात ने अंदर तक झकझोर दिया। तभी एक हजार हेलमेट बांटने और हेलमेट के प्रति लोगों को जागरूक करने का फैसला लिया।
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ब्यूरो, अमर उजाला, खैर (अलीगढ़)।
पूर्व ब्लाक प्रमुख खैर मुकेश तोमर ने एक हजार लोगों को नि:शुल्क हेलमेट वितरित करने के साथ ही हेलमेट के प्रति जागरूकता की मुहिम छेड़ दी है। लोगों को संकल्प दिला रहे हैं कि बाइक चलाते समय वह हेलमेट जरूर पहनें। अब तक ढाई सौ हेलमेट वह वितरित कर चुके हैं। मंगलवार को भी गौमत स्थित शीतगृह पर कैंप लगाकर उन्होंने बाइक सवार लोगों को हेलमेट बांटे।
दरअसल हेलमेट वितरण की यह प्रेरणा उनकी 16 साल की बेटी से मिली। मुकेश तोमर के अनुसार पिछले दिनों वह घांघौली निवासी एक किसान के घर शोक संवेदना प्रकट करने गए थे। किसान के 22 वर्षीय पुत्र की बाइक से हादसे में जान चली गई थी। कुछ दिन पहले ही नेवी में उसकी नौकरी लगी थी। परिवार को उससे काफी आशाएं थीं। लोग कह रहे थे कि हेलमेट लगाए होता तो जान बच जाती।
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यह बात उन्हें अंदर कचोटती रही। घर पहुंचकर 16 वर्षीय बेटी गीतांजली को पूरा वाकया बताया। रात में अच्छे से नींद नहीं आई। सुबह बेटी उनके सामने अपना गुल्लक लेकर आई। उसमें जमा किए हुए 58 हजार रुपये थे।
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गीतांजली ने कहा कि पापा इतने रुपयों के हेलमेट नि:शुल्क बांट दो। इससे हम कुछ की जान तो बचा सकते हैं। बेटी की इस बात ने अंदर तक झकझोर दिया। तभी एक हजार हेलमेट बांटने और हेलमेट के प्रति लोगों को जागरूक करने का फैसला लिया।