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अलीगढ़ में महिला सीएमएस समेत पांच अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्ट
Updated Sat, 22 Jul 2017 02:19 AM IST
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सीएमएस महिला अस्पताल समेत पांच अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जन सुनवाई प्रणाली पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण पर जहां योगी सरकार लगातार जोर दे रही है वही जनपद के कई अफसरों को उससे कोई सरोकार नहीं है। शुक्रवार को हुई जन सुनवाई प्रणाली की समीक्षा में ऐसा ही देखने को मिला।
पता चला कि जनपद के सीएमएस महिला अस्पताल समेत पांच अन्य वरिष्ठ अफसरों ने पोर्टल की शिकायत दूर करना तो दूर, इसे खोलकर भी नहीं देखा। इससे गुस्साए डीएम ने सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अनुपस्थित रहे 29 अफसरों को चेतावनी जारी की गई है।
जन सुनवाई पोर्टल पर आने वाली मुख्यमंत्री संदर्भ समेत अन्य शिकायतों के निस्तारण की शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में सुनवाई हुई। इस दौरान पता चला कि पीओ डूडा ने पोर्टल खोलकर तो देखा, लेकिन उन्हें उसके संचालन की जानकारी नहीं थी।
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इधर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला अस्पताल, सचिव कृषि विपणन, खान निरीक्षक, थानाध्यक्ष महिला थाना ने पोर्टल पर आई शिकायतों को निस्तारित करना तो दूर खोल कर भी नहीं देखा है। इससे गुस्साए डीएम ने सभी अफसरों को कड़ी फटकार लगाते हुए उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के आदेश दिए।
बैठक में कुल 88 अफसर बुलाए गए थे। इनमें से मात्र 59 अफसर ही उपस्थित हुए। यही नहीं बैठक से अनुपस्थित 29 अफसरों को चेतावनी जारी की है। सबसे ज्यादा 35 शिकायतें लीड बैंक मैनेजर के नाम रही तो दूसरे नंबर पर एसडीएम कोल रहे। डीएम ने सभी अफसरों को 25 जुलाई तक सभी 196 शिकायतों के निस्तारण के आदेश दिए हैं।
बताते चलें कि छह जुलाई को वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन सुनवाई पोर्टल की सभी शिकायतों के निस्तारण के लिए 31 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी। जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद ने कहा कि पांच अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जन सुनवाई प्रणाली पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण पर जहां योगी सरकार लगातार जोर दे रही है वही जनपद के कई अफसरों को उससे कोई सरोकार नहीं है। शुक्रवार को हुई जन सुनवाई प्रणाली की समीक्षा में ऐसा ही देखने को मिला।
पता चला कि जनपद के सीएमएस महिला अस्पताल समेत पांच अन्य वरिष्ठ अफसरों ने पोर्टल की शिकायत दूर करना तो दूर, इसे खोलकर भी नहीं देखा। इससे गुस्साए डीएम ने सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अनुपस्थित रहे 29 अफसरों को चेतावनी जारी की गई है।
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जन सुनवाई पोर्टल पर आने वाली मुख्यमंत्री संदर्भ समेत अन्य शिकायतों के निस्तारण की शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में सुनवाई हुई। इस दौरान पता चला कि पीओ डूडा ने पोर्टल खोलकर तो देखा, लेकिन उन्हें उसके संचालन की जानकारी नहीं थी।
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इधर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला अस्पताल, सचिव कृषि विपणन, खान निरीक्षक, थानाध्यक्ष महिला थाना ने पोर्टल पर आई शिकायतों को निस्तारित करना तो दूर खोल कर भी नहीं देखा है। इससे गुस्साए डीएम ने सभी अफसरों को कड़ी फटकार लगाते हुए उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के आदेश दिए।
बैठक में कुल 88 अफसर बुलाए गए थे। इनमें से मात्र 59 अफसर ही उपस्थित हुए। यही नहीं बैठक से अनुपस्थित 29 अफसरों को चेतावनी जारी की है। सबसे ज्यादा 35 शिकायतें लीड बैंक मैनेजर के नाम रही तो दूसरे नंबर पर एसडीएम कोल रहे। डीएम ने सभी अफसरों को 25 जुलाई तक सभी 196 शिकायतों के निस्तारण के आदेश दिए हैं।
बताते चलें कि छह जुलाई को वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन सुनवाई पोर्टल की सभी शिकायतों के निस्तारण के लिए 31 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी। जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद ने कहा कि पांच अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है।