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12880 चुनाव कर्मी बिना कोरोना जांच के गांव-गांव रवाना
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कोविड-19 के दिशा निर्देशों के तहत मास्क नहीं लगाने वालों का जुर्माना एक हजार रुपये है। बीती 16 से 27 अप्रैल के बीच 2218 लोगों का जुर्माना काट कर उनसे 224600 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। वहीं, धनीपुर मंडी में बुधवार को पोलिंग पार्टियों की रवानगी में कोविड-19 के निर्देशों का बिल्कुल पालन नहीं हुआ। हां, मास्क जरूर चेहरों पर दिखा, लेकिन सामाजिक दूरी, सैनिटाइजेशन, कोरोना टेस्ट कहीं नजर नहीं आया। सभी कर्मियों को बिना टेस्ट किए ही रवाना कर दिया गया।
अकेले धनीपुर ही नहीं जिले के सभी रवानगी स्थलों पर ऐसा ही नजारा दिखा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगभग 12880 मतदान कर्मियों और 8096 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी है। पुलिस कर्मियों का एंटीजन टेस्ट किया गया, लेकिन ये स्पष्ट नहीं हुआ कि कितने संक्रमित थे और कितने फिट थे।
बहरहाल, रवानगी से अन्य मतदान कर्मियों का कोरोना टेस्ट नहीं हुआ। अब यही कर्मी गांव गांव में पहुंच कर मतदान कराएंगे और बृहस्पतिवार देर रात वापस आएंगे। मतदान कर्मियों को एक दवा किट, मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर दिए गए हैं, जिनसे उनको खुद को सुरक्षित रखना है। अब मतदान में कोरोना प्रोटोकाल का कितना पालन हुआ ये कुछ घंटे में आपके सामने होगा।
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बीते कुछ दिनों में हाथरस में चुनाव ड्यूटी से लौट कर आने वाले लगभग नौ कर्मियों की मौत हो चुकी है। जिसमें शिक्षक और शिक्षामित्र शामिल हैं। पंचायत चुनाव के तीन चरणों में जो जिले शामिल थे, वहां मतदान के बाद संक्रमण की दर पांच फीसदी अधिक हुई है।
ऐसे में बड़ा सवाल है कि मतदान के दिन अलीगढ़ में कोरोना संक्रमण के फैलने की रफ्तार कितनी होगी..? मतदान ड्यूटी में पहुंचे कर्मियों ने भी दबी जुबान में कोरोना के सबसे खतरनाक दौर में चुनाव कराने को लेकर मन ही मन व्यवस्था को खूब कोसा। खुल कर किसी ने कुछ यू नहीं कहा कि उसके खिलाफ मुकदमा न दर्ज हो जाए।
खैर, आज सुबह से जिले के 2969 मतदेय स्थलों पर लगभग 18 लाख 11552 मतदाता जुटेंगे। 15858 प्रत्याशी उनके एजेंट और समर्थक घर घर से लोंगो को वोट डालने के लिए बुलाएंगे। हालांकि प्रदेश सरकार ने मतदान में कोविड 19 के नियमों के पालन के लिए सीएमओ को प्रभारी अधिकारी बना कर उपयुक्त दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। लेकिन इन नियमों का पालन करना और कराना कितना मुश्किल काम है। ये शासन के नीति निर्माता भी भलीभांति जानते हैं।
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अकेले धनीपुर ही नहीं जिले के सभी रवानगी स्थलों पर ऐसा ही नजारा दिखा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगभग 12880 मतदान कर्मियों और 8096 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी है। पुलिस कर्मियों का एंटीजन टेस्ट किया गया, लेकिन ये स्पष्ट नहीं हुआ कि कितने संक्रमित थे और कितने फिट थे।
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बहरहाल, रवानगी से अन्य मतदान कर्मियों का कोरोना टेस्ट नहीं हुआ। अब यही कर्मी गांव गांव में पहुंच कर मतदान कराएंगे और बृहस्पतिवार देर रात वापस आएंगे। मतदान कर्मियों को एक दवा किट, मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर दिए गए हैं, जिनसे उनको खुद को सुरक्षित रखना है। अब मतदान में कोरोना प्रोटोकाल का कितना पालन हुआ ये कुछ घंटे में आपके सामने होगा।
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बीते कुछ दिनों में हाथरस में चुनाव ड्यूटी से लौट कर आने वाले लगभग नौ कर्मियों की मौत हो चुकी है। जिसमें शिक्षक और शिक्षामित्र शामिल हैं। पंचायत चुनाव के तीन चरणों में जो जिले शामिल थे, वहां मतदान के बाद संक्रमण की दर पांच फीसदी अधिक हुई है।
ऐसे में बड़ा सवाल है कि मतदान के दिन अलीगढ़ में कोरोना संक्रमण के फैलने की रफ्तार कितनी होगी..? मतदान ड्यूटी में पहुंचे कर्मियों ने भी दबी जुबान में कोरोना के सबसे खतरनाक दौर में चुनाव कराने को लेकर मन ही मन व्यवस्था को खूब कोसा। खुल कर किसी ने कुछ यू नहीं कहा कि उसके खिलाफ मुकदमा न दर्ज हो जाए।
खैर, आज सुबह से जिले के 2969 मतदेय स्थलों पर लगभग 18 लाख 11552 मतदाता जुटेंगे। 15858 प्रत्याशी उनके एजेंट और समर्थक घर घर से लोंगो को वोट डालने के लिए बुलाएंगे। हालांकि प्रदेश सरकार ने मतदान में कोविड 19 के नियमों के पालन के लिए सीएमओ को प्रभारी अधिकारी बना कर उपयुक्त दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। लेकिन इन नियमों का पालन करना और कराना कितना मुश्किल काम है। ये शासन के नीति निर्माता भी भलीभांति जानते हैं।