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हौसले की बदौलत दिव्यांग कनक ने पाया गोल्ड मेडल
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
हौसले जब बुलंद हो तो हर मंजिल मिल ही जाती है। भले ही मंजिल कितनी ही दूर और ऊंची क्यों न हो। यह कारनामा कर दिखाया है शेखा जलाली निवासी दिव्यांग कनक सिंह जादौन ने। उन्होंने पंजाब में आयोजित राइफल शूटिंग में गोल्ड मेडल पाकर जिले का नाम रोशन किया है। इतना ही नहीं कनक के मुताबिक उनका मजाक उड़ाने वाले दोस्तों व लोगों को इस मेडल से चौंकाया भी है।
कनक सिंह जादौन ने बताया कि वह पहले कभी जब घर से निकला करती थीं और दोस्त व मोहल्ले के बच्चे पूछा करते थे कि वह कहां जा रही हैं तो उनका जवाब हुआ करता था कि वह स्पोर्ट्स के लिए जा रही हैं।
उन्हें राइफल शूटिंग अच्छी लगती है। इस पर उनका मजाक उड़ाया जाता था कि राइफल शूटिंग नहीं कर पाओगी। यहीं आराम से कुछ भी खेल लिया करो। लेकिन कनक ने हाल ही में पंजाब के एक विश्वविद्यालय में आयोति विस्तार पांच स्पाइरल कोर्ड इंजरी रीहैबिलिटेशन कांफ्रेंस में गोल्ड मेडल हासिल किया है। इसे देखकर सभी का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। कनक ने बताया कि वह अन्य प्रतियोगिताओं में भी विभिन्न मेडल प्राप्त कर चुकी हैं।
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हौसले जब बुलंद हो तो हर मंजिल मिल ही जाती है। भले ही मंजिल कितनी ही दूर और ऊंची क्यों न हो। यह कारनामा कर दिखाया है शेखा जलाली निवासी दिव्यांग कनक सिंह जादौन ने। उन्होंने पंजाब में आयोजित राइफल शूटिंग में गोल्ड मेडल पाकर जिले का नाम रोशन किया है। इतना ही नहीं कनक के मुताबिक उनका मजाक उड़ाने वाले दोस्तों व लोगों को इस मेडल से चौंकाया भी है।
कनक सिंह जादौन ने बताया कि वह पहले कभी जब घर से निकला करती थीं और दोस्त व मोहल्ले के बच्चे पूछा करते थे कि वह कहां जा रही हैं तो उनका जवाब हुआ करता था कि वह स्पोर्ट्स के लिए जा रही हैं।
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उन्हें राइफल शूटिंग अच्छी लगती है। इस पर उनका मजाक उड़ाया जाता था कि राइफल शूटिंग नहीं कर पाओगी। यहीं आराम से कुछ भी खेल लिया करो। लेकिन कनक ने हाल ही में पंजाब के एक विश्वविद्यालय में आयोति विस्तार पांच स्पाइरल कोर्ड इंजरी रीहैबिलिटेशन कांफ्रेंस में गोल्ड मेडल हासिल किया है। इसे देखकर सभी का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। कनक ने बताया कि वह अन्य प्रतियोगिताओं में भी विभिन्न मेडल प्राप्त कर चुकी हैं।
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