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धरना दे रहे अभ्यर्थियों को नोटिस, विरोध में कैंडल मार्च
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रशासनिक ब्लाक पर धरना दे रहे पीएचडी अभ्यर्थियों ने कैंडल मार्च निकालकर विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों का विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने धरना दे रहे पांच अभ्यर्थियों को दिए गए नोटिस की प्रतियां जलाकर आक्रोश जताया। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन डराने धमकाने पर उतर आया है।
एएमयू में पिछले 10 दिन से धरने पर बैठे अभ्यर्थी विश्वविद्यालय में कैंडल मार्च निकालने वाले थे। इसी बीच प्रॉक्टर द्वारा दोपहर में धरने पर बैठे दाऊद बेग, आदिल वली फारूकी, मो. फराज, आबिद शेख और मो. नाजिम को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस देखकर मो. नाजिम डर से बेहोश हो गए।
अभ्यर्थियों से कहा गया है कि प्रशासनिक ब्लाक के सामने उनका धरना गैर कानूनी है। अगर धरना नहीं हटाया तो भविष्य में एएमयू में दाखिले पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन अभ्यर्थियों को अपना छात्र मानने से भी इंकार कर रहा है। उसके बाद अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए। शाम में मौलाना आजाद लाइब्रेरी से बाब-ए-सैयद तक कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज किया।
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इसके साथ ही नोटिस की प्रतियां भी जलायी। अभ्यर्थी इस बात से बेहद नाराज है कि उन्हें पर्चा बांटने एवं आंदोलन से संबंधित पोस्टर लगाने को भी रोका जा रहा है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
कैंडल मार्च में हुजैफा आमिर, पूर्व सचिव मो. फहद, आरिफ त्यागी, आदिल फारूकी, आकिब खुर्शीद, दाऊद बेग, फराज, आबिद शेख, नाजिम, यासिर, जैनब, मरियम, रबाब फातिमा, आरफा, लबीबा, शबीबा, उजैरा फारूकी आदि मौजूद थे। विश्वविद्यालय के अधिकारी पहले ही अभ्यर्थियों को एएमयू छात्र मानने से इंकार कर चुके हैं और उनके धरने को गैर कानूनी बता रहे है।
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प्रशासनिक ब्लाक पर धरना दे रहे पीएचडी अभ्यर्थियों ने कैंडल मार्च निकालकर विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों का विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने धरना दे रहे पांच अभ्यर्थियों को दिए गए नोटिस की प्रतियां जलाकर आक्रोश जताया। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन डराने धमकाने पर उतर आया है।
एएमयू में पिछले 10 दिन से धरने पर बैठे अभ्यर्थी विश्वविद्यालय में कैंडल मार्च निकालने वाले थे। इसी बीच प्रॉक्टर द्वारा दोपहर में धरने पर बैठे दाऊद बेग, आदिल वली फारूकी, मो. फराज, आबिद शेख और मो. नाजिम को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस देखकर मो. नाजिम डर से बेहोश हो गए।
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अभ्यर्थियों से कहा गया है कि प्रशासनिक ब्लाक के सामने उनका धरना गैर कानूनी है। अगर धरना नहीं हटाया तो भविष्य में एएमयू में दाखिले पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन अभ्यर्थियों को अपना छात्र मानने से भी इंकार कर रहा है। उसके बाद अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए। शाम में मौलाना आजाद लाइब्रेरी से बाब-ए-सैयद तक कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज किया।
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इसके साथ ही नोटिस की प्रतियां भी जलायी। अभ्यर्थी इस बात से बेहद नाराज है कि उन्हें पर्चा बांटने एवं आंदोलन से संबंधित पोस्टर लगाने को भी रोका जा रहा है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
कैंडल मार्च में हुजैफा आमिर, पूर्व सचिव मो. फहद, आरिफ त्यागी, आदिल फारूकी, आकिब खुर्शीद, दाऊद बेग, फराज, आबिद शेख, नाजिम, यासिर, जैनब, मरियम, रबाब फातिमा, आरफा, लबीबा, शबीबा, उजैरा फारूकी आदि मौजूद थे। विश्वविद्यालय के अधिकारी पहले ही अभ्यर्थियों को एएमयू छात्र मानने से इंकार कर चुके हैं और उनके धरने को गैर कानूनी बता रहे है।