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अलीगढ़... अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के लिए पाठ्यक्रम तक तय नहीं
Updated Sat, 21 Apr 2018 02:48 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रदेश सरकार की ओर से शुरू किए गए अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों पढ़ाई अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। इन विद्यालयों में पढ़ाई के लिए पाठ्यक्रम भी तय नहीं है। उधर एक नए शासनादेश से अब इन विद्यालयों में नियुक्ति के लिए नये सिरे से शनिवार को डायट में काउंसलिंग होगी।
प्रदेश सरकार का फैसला है कि हर ब्लाक में पांच-पांच परिषदीय स्कूलों को चयनित कर वहां विद्यार्थियों को शुरू से अंग्रेजी माध्यम में क्षिक्षा दी जाएगी। इसके लिए जनपद में 70 विद्यालयों का चयन किया गया। विद्यालयों के संचालन के लिए अध्यापकों से आवेदन मांगे गए।
250 से ज्यादा शिक्षकों ने आवेदन दिए, लेकिन इसमें से 27 विद्यालयों में हेडमास्टर व 77 अध्यापकों का इन अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के लिए चयन हुआ। मेरिट के आधार पर इनकी नियुक्ति कर दी गई। चूंकि अभी तक पर्याप्त शिक्षक ों की इन विद्यालयों में तैनाती नहीं हुई है, इसलिए इन विद्यालयों में पढ़ाई नहीं शुरू हो सकी है। अभी यह भी तय नहीं हुआ कि इन विद्यालयों में किन पुस्तकों से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। इसका पाठ्यक्रम शासन से नहीं आया है।
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इस पर पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कराई जा रही है। इधर, विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेक र शासन का एक और आदेश आ गया। इसमें कहा गया है कि जो शिक्षक अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में पूर्व में नियुक्त थे और अंग्रेजी माध्यम के लिए भी उनका चयन हो चुका है, उन्हें उनके पूर्व के विद्यालयों में ही वरीयता के साथ ही रखा जाए। बीएसए धीरेंद्र कुमार का कहना है कि शासनादेश पर फिर से काउंसलिंग कराई जा रही है और विद्यालय संचालित कराए जा रहे हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से शुरू किए गए अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों पढ़ाई अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। इन विद्यालयों में पढ़ाई के लिए पाठ्यक्रम भी तय नहीं है। उधर एक नए शासनादेश से अब इन विद्यालयों में नियुक्ति के लिए नये सिरे से शनिवार को डायट में काउंसलिंग होगी।
प्रदेश सरकार का फैसला है कि हर ब्लाक में पांच-पांच परिषदीय स्कूलों को चयनित कर वहां विद्यार्थियों को शुरू से अंग्रेजी माध्यम में क्षिक्षा दी जाएगी। इसके लिए जनपद में 70 विद्यालयों का चयन किया गया। विद्यालयों के संचालन के लिए अध्यापकों से आवेदन मांगे गए।
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250 से ज्यादा शिक्षकों ने आवेदन दिए, लेकिन इसमें से 27 विद्यालयों में हेडमास्टर व 77 अध्यापकों का इन अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के लिए चयन हुआ। मेरिट के आधार पर इनकी नियुक्ति कर दी गई। चूंकि अभी तक पर्याप्त शिक्षक ों की इन विद्यालयों में तैनाती नहीं हुई है, इसलिए इन विद्यालयों में पढ़ाई नहीं शुरू हो सकी है। अभी यह भी तय नहीं हुआ कि इन विद्यालयों में किन पुस्तकों से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। इसका पाठ्यक्रम शासन से नहीं आया है।
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इस पर पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कराई जा रही है। इधर, विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेक र शासन का एक और आदेश आ गया। इसमें कहा गया है कि जो शिक्षक अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में पूर्व में नियुक्त थे और अंग्रेजी माध्यम के लिए भी उनका चयन हो चुका है, उन्हें उनके पूर्व के विद्यालयों में ही वरीयता के साथ ही रखा जाए। बीएसए धीरेंद्र कुमार का कहना है कि शासनादेश पर फिर से काउंसलिंग कराई जा रही है और विद्यालय संचालित कराए जा रहे हैं।