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नसबंदी हुई फेल, स्वास्थ्य केंद्र देगा 50 हजार
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:28 AM IST
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नसबंदी फेल हुई, स्वास्थ्य केंद्र देगा 50 हजार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नसबंदी का आपरेशन फेल होने के एक मामले में स्थायी लोक अदालत ने संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 हजार रुपये पीड़ित को देने का फैसला सुनाया है।
चंडौस के गांव भोगपुर की रहने वाली मीरा देवी उर्फ हीरा देवी ने 18 दिसंबर 2010 को चंडौस के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी का आपरेशन कराया था। इसके बाद केंद्र द्वारा नसबंदी का प्रमाण पत्र भी दिया गया था और ऑपरेशन के बाद दिये गए सभी निर्देशों का पालन भी किया।
छह वर्ष बाद अचानक मीरा देवी के पेट में दर्द उठा तब उसने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच करायी, जिसमें पता चला कि पांच माह का गर्भ है ये सुनकर मीरा देवी परेशान हो गई, क्योंकि उस पर पहले से ही तीन बच्चे थे, जिनका पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा था।
मीरा देवी के नसबंदी ऑपरेशन मैं लापरवाही हुई थी, जिसके कारण उसको गर्भ रुका। इन्हीं सब के चलते स्थायी लोक अदालत में गुहार लगाई गई। लोक अदालत की तीन सदस्यीय पीठ में शामिल पूर्व जिला जज रियासत हुसैन, वरिष्ठ सदस्या शाजिया सिद्दीकी, डॉ. मीना बंसल ने मीरा देवी के हक में फैसला सुनाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 हजार रुपये के भुगतान देने का आदेश पारित किया है। इसमें एक महीने से ज्यादा देरी होने पर प्रति माह 9 फीसदी की ब्याज भी तय की है।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नसबंदी का आपरेशन फेल होने के एक मामले में स्थायी लोक अदालत ने संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 हजार रुपये पीड़ित को देने का फैसला सुनाया है।
चंडौस के गांव भोगपुर की रहने वाली मीरा देवी उर्फ हीरा देवी ने 18 दिसंबर 2010 को चंडौस के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी का आपरेशन कराया था। इसके बाद केंद्र द्वारा नसबंदी का प्रमाण पत्र भी दिया गया था और ऑपरेशन के बाद दिये गए सभी निर्देशों का पालन भी किया।
छह वर्ष बाद अचानक मीरा देवी के पेट में दर्द उठा तब उसने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच करायी, जिसमें पता चला कि पांच माह का गर्भ है ये सुनकर मीरा देवी परेशान हो गई, क्योंकि उस पर पहले से ही तीन बच्चे थे, जिनका पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा था।
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मीरा देवी के नसबंदी ऑपरेशन मैं लापरवाही हुई थी, जिसके कारण उसको गर्भ रुका। इन्हीं सब के चलते स्थायी लोक अदालत में गुहार लगाई गई। लोक अदालत की तीन सदस्यीय पीठ में शामिल पूर्व जिला जज रियासत हुसैन, वरिष्ठ सदस्या शाजिया सिद्दीकी, डॉ. मीना बंसल ने मीरा देवी के हक में फैसला सुनाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 हजार रुपये के भुगतान देने का आदेश पारित किया है। इसमें एक महीने से ज्यादा देरी होने पर प्रति माह 9 फीसदी की ब्याज भी तय की है।
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