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पद्मश्री प्रो. काजी अब्दुल सतार को मिर्जा गालिब अवार्ड
Updated Mon, 06 Nov 2017 01:50 AM IST
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पद्मश्री प्रो. काजी अब्दुल सत्तार को मिर्जा गालिब अवार्ड
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। उर्दू के प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री प्रो. काजी अब्दुल सत्तार को महाराष्ट्र सरकार की उर्दू एकेडमी द्वारा मिर्जा गालिब अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार के तहत एक लाख रुपये व प्रतीक चिन्ह प्रदान किया जाएगा।
प्रो. काजी अब्दुल सत्तार ने बताया कि 13 नवंबर को मुंबई में आयोजित एक समारोह में अवार्ड प्रदान किया जाएगा। उर्दू साहित्य में सबसे युवा साहित्यकार के रूप में उन्होंने पद्मश्री प्राप्त की थी। इसके साथ ही वर्तमान में भारतीय साहित्य का सबसे वरिष्ठ पद्मश्री भी है। 5 सितंबर 2017 को शिक्षक दिवस के अवसर पर पद्मश्री प्रो. सत्तार को अमर उजाला द्वारा एक भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किया गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रो. सत्तार पिछले पांच साल से लगातार कोई न कोई महत्वपूर्ण अवार्ड प्राप्त कर रहे हैं।
महाराष्ट्र सरकार के मिर्जा गालिब अवार्ड से पूर्व 2016 में जामिया उर्दू द्वारा उन्हें बाब-ए-उर्दू अवार्ड से सम्मानित किया गया था। 2015 में उन्हें बिहार उर्दू अकादमी द्वारा सम्मानित किया गया। 2014 में उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, 2013 में शोलापुर अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। उर्दू के प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री प्रो. काजी अब्दुल सत्तार को महाराष्ट्र सरकार की उर्दू एकेडमी द्वारा मिर्जा गालिब अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार के तहत एक लाख रुपये व प्रतीक चिन्ह प्रदान किया जाएगा।
प्रो. काजी अब्दुल सत्तार ने बताया कि 13 नवंबर को मुंबई में आयोजित एक समारोह में अवार्ड प्रदान किया जाएगा। उर्दू साहित्य में सबसे युवा साहित्यकार के रूप में उन्होंने पद्मश्री प्राप्त की थी। इसके साथ ही वर्तमान में भारतीय साहित्य का सबसे वरिष्ठ पद्मश्री भी है। 5 सितंबर 2017 को शिक्षक दिवस के अवसर पर पद्मश्री प्रो. सत्तार को अमर उजाला द्वारा एक भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किया गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रो. सत्तार पिछले पांच साल से लगातार कोई न कोई महत्वपूर्ण अवार्ड प्राप्त कर रहे हैं।
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महाराष्ट्र सरकार के मिर्जा गालिब अवार्ड से पूर्व 2016 में जामिया उर्दू द्वारा उन्हें बाब-ए-उर्दू अवार्ड से सम्मानित किया गया था। 2015 में उन्हें बिहार उर्दू अकादमी द्वारा सम्मानित किया गया। 2014 में उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, 2013 में शोलापुर अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
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