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अलीगढ़ के जिला पंचायत सदस्य फिर हाईकोर्ट जाएंगे
Updated Thu, 17 Aug 2017 03:15 AM IST
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फिर हाईकोर्ट जाएंगे विपक्षी जिपं सदस्य
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने में पूरी ताकत झोंकने वाले अजित गौड़ गुट को फिर मंगलवार को मायूसी हुई। बकौल अजित जिलाधिकारी ने मंगलवार को शाम पांच बजे इस गुट को मिलने के लिए बुलाया था लेकिन ऐन मौके पर प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग के कार्यक्रम का हवाला देकर मुलाकात टाल दी गई।
अजित गौड़ ने खुद इस मामले में शाम को जिलाधिकारी को फोन मिलाया तो उन्होंने जवाब दिया कि जब वक्त होगा तो बुला लेंगे। आज प्रमुख सचिव के साथ व्यस्त हैं।
इस दौरान कलक्ट्रेट के सामने वाली सड़क पर एक बस में जिला पंचायत सदस्यों को लाया गया था। बताया जा रहा है कि उसमें 29 जिला पंचायत सदस्यों को बैठाया गया था ताकि अगर जरूरत पड़े तो जिलाधिकारी के समक्ष तुरंत परेड कराई जा सके लेकिन इसका मौका नहीं आया।
जिला पंचायत सदस्य अजित गौड़ ने बताया कि अगर जिलाधिकारी ने जल्द ही उनका पक्ष नहीं सुना तो वह मजबूरी में अब हाईकोर्ट में ही अपने समर्थक जिला पंचायत सदस्यों की परेड करवाने की अपील करेंगे ताकि उच्च न्यायालय के स्तर से जिलाधिकारी को दोबारा से विधिक निर्देश मिल सके और वह हमारा पक्ष सुने।
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अज्ञातवास में गए सदस्य
कलक्ट्रेट पर बस में सवार होकर पहुंचे सदस्य यहां से फिर अज्ञातवास को चले गए हैं। बताया जा रहा है कि दूसरा खेमा विरोधी खेमे में सेंध लगाने की पूरी कोशिश कर रहा है इसलिए अजित गुट के सदस्य अज्ञातवास पर हैं।
पहली जुलाई से चल रहा प्रकरण
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की शुरूआत पहली जुलाई को हुई। विरोधी खेमे ने 29 जिला पंचायत सदस्यों के समर्थन का दावा कर खलबली मचा दी। दो दिन में ही उपेंद्र सिंह नीटू ने 34 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन का दावा पेश कर दिया। दोनों ओर से दी गई सूची में 12 नाम कामन थे। 52 सदस्यों वाली जिला पंचायत में 27 का समर्थन जरूरी है। इसके बाद विरोधी खेमा दो बार हाईकोर्ट जा चुका है। दूसरी बार में हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को इनका पक्ष सुनने का आदेश दिया था।
भाजपा में आने के बाद भी राहत नहीं
पहले बसपा के नेता रहे उपेंद्र सिंह नीटू और उनके चाचा पूर्व कबीना मंत्री ठा. जयवीर सिंह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद माना जा रहा था कि जिला पंचायत में उनका विरोधी खेमा कमजोर पड़ जाएगा लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में ठा. जयवीर सिंह के भाजपा में शामिल होने के फैसले को भी राजनीति के जानकार समझ नहीं पा रहे हैं।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने में पूरी ताकत झोंकने वाले अजित गौड़ गुट को फिर मंगलवार को मायूसी हुई। बकौल अजित जिलाधिकारी ने मंगलवार को शाम पांच बजे इस गुट को मिलने के लिए बुलाया था लेकिन ऐन मौके पर प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग के कार्यक्रम का हवाला देकर मुलाकात टाल दी गई।
अजित गौड़ ने खुद इस मामले में शाम को जिलाधिकारी को फोन मिलाया तो उन्होंने जवाब दिया कि जब वक्त होगा तो बुला लेंगे। आज प्रमुख सचिव के साथ व्यस्त हैं।
इस दौरान कलक्ट्रेट के सामने वाली सड़क पर एक बस में जिला पंचायत सदस्यों को लाया गया था। बताया जा रहा है कि उसमें 29 जिला पंचायत सदस्यों को बैठाया गया था ताकि अगर जरूरत पड़े तो जिलाधिकारी के समक्ष तुरंत परेड कराई जा सके लेकिन इसका मौका नहीं आया।
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जिला पंचायत सदस्य अजित गौड़ ने बताया कि अगर जिलाधिकारी ने जल्द ही उनका पक्ष नहीं सुना तो वह मजबूरी में अब हाईकोर्ट में ही अपने समर्थक जिला पंचायत सदस्यों की परेड करवाने की अपील करेंगे ताकि उच्च न्यायालय के स्तर से जिलाधिकारी को दोबारा से विधिक निर्देश मिल सके और वह हमारा पक्ष सुने।
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अज्ञातवास में गए सदस्य
कलक्ट्रेट पर बस में सवार होकर पहुंचे सदस्य यहां से फिर अज्ञातवास को चले गए हैं। बताया जा रहा है कि दूसरा खेमा विरोधी खेमे में सेंध लगाने की पूरी कोशिश कर रहा है इसलिए अजित गुट के सदस्य अज्ञातवास पर हैं।
पहली जुलाई से चल रहा प्रकरण
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की शुरूआत पहली जुलाई को हुई। विरोधी खेमे ने 29 जिला पंचायत सदस्यों के समर्थन का दावा कर खलबली मचा दी। दो दिन में ही उपेंद्र सिंह नीटू ने 34 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन का दावा पेश कर दिया। दोनों ओर से दी गई सूची में 12 नाम कामन थे। 52 सदस्यों वाली जिला पंचायत में 27 का समर्थन जरूरी है। इसके बाद विरोधी खेमा दो बार हाईकोर्ट जा चुका है। दूसरी बार में हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को इनका पक्ष सुनने का आदेश दिया था।
भाजपा में आने के बाद भी राहत नहीं
पहले बसपा के नेता रहे उपेंद्र सिंह नीटू और उनके चाचा पूर्व कबीना मंत्री ठा. जयवीर सिंह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद माना जा रहा था कि जिला पंचायत में उनका विरोधी खेमा कमजोर पड़ जाएगा लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में ठा. जयवीर सिंह के भाजपा में शामिल होने के फैसले को भी राजनीति के जानकार समझ नहीं पा रहे हैं।