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आज हो सकती है सरकारी अस्पतालों में दवा की किल्लत

Tue, 04 Jul 2017 01:19 AM IST
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:19 AM IST
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आज हो सकती है सरकारी अस्पतालों में दवा की किल्लत
आज हो सकती है सरकारी अस्पतालों में दवा की किल्लत
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

शहर के सरकारी अस्पतालों सहित जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में आज से अगले तीन दिनों तक मरीजों को दवाओं के लिए मुसीबत झेलनी पड़ सकती है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन ने मंगलवार से तीन दिन के लिए प्रतिदिन दो घंटे के कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। यहां स्पष्ट कर देने वाली बात यह है कि सुबह के समय यह दो घंटे वह होते हैं, जब मरीजों की संख्या सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सबसे अधिक होती है। इस कार्य बहिष्कार को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमएल अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है और बहिष्कार की स्थिति होने पर अपर निदेशक स्वास्थ्य और डीएम से कार्यवाही की संस्तुति कर देने की चेतावनी दी है।
डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के मंडलीय सचिव डॉ. मोहित चौहान और उप मंडलीय सचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि फार्र्मेसिस्टों की विभिन्न मांगे लंबे समय से लंबित हैं। इनमें से एक मांग है कि पोस्टमार्टम का रिकॉर्ड पहले की तरह जिला अस्पताल के रिकॉर्ड रूम को उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा पुलिस चिकित्सालय में कार्य चीफ फार्मेसिस्ट के आदेश के बाद भी पोस्टमार्टम के प्रभारी का चार्ज हस्तांतरित नहीं कराया गया है। जिले में कार्यरत तमाम फार्मेसिस्टों का वेतन नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह की अन्य विसंगतियों के संबंध में मांग मांगी गई हैं। इसको लेकर मंगलवार से प्रतिदिन दो घंटे के कार्य बहिष्कार की घोषणा की गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर जेवी सिंह का कहना है फार्मेसिस्ट के हितों के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जब तक मांग पूरी नहीं होंगी संघर्ष किया जाएगा।
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फार्मेसिस्टों की मांग पूरी तरह अवैध: सीएमओ
अलीगढ़। सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने कहा है कि फार्मेसिस्टों की जो मांग है वह पूरी तरह अवैध हैं। फार्मेसिस्ट एसोसिएशन से कहा गया था कि वह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम रिकॉर्ड को उपलब्ध कराए जाने के संबंध में शासनादेश दिखाए। हमारे पास 1993 का शासनादेश मौजूद है। इसके एक दिन बाद का भी शासनादेश दिखाने में वह नाकाम रहे हैं। अब कोई भी व्यवस्था अंग्रेजों के जमाने के हिसाब से तो चल नहीं सकती। दूसरी बात यह है कि पहले सीएमओ कार्यालय जिला अस्पताल परिसर में स्थित था, तो कभी इस तरह की स्थिति नहीं आई। अब काम नियमानुसार होगा इसलिये एसोसिएशन को असहजता हो रही है। अगर अकारण ही कार्य बहिष्कार कर स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया गया तो वह प्रशासन और शासन से सख्त से सख्त कार्रवाई की संस्तुति करेंगे।
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