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Aligarh News: हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, दो एएमयू छात्रों समेत 12 गिरफ्तार

Thu, 07 May 2026 06:36 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Thu, 07 May 2026 06:36 PM IST
सार

सराय हकीम में हुई फायरिंग की घटना के बाद से ही पुलिस हथियारों की सप्लाई करने वालों की तलाश में जुटी थी। पंजीपुर रोड स्थित एक पुराने खंडहर किले में संदिग्धों के जमा होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से आठ बदमाशों को दबोच लिया, जिनमें दो एएमयू में बीए के छात्र हैं।

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12 arrested, including two AMU students
पकड़े गए अभियुक्त - फोटो : पुलिस

विस्तार

अलीगढ़ पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय) छात्रों समेत 12 बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो न केवल हथियारों की खरीद-फरोख्त में शामिल थे, बल्कि शहर में डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना भी बना रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध असलहे और जिंदा कारतूस, स्प्लेंडर बाइक सहित फर्जी नंबर प्लेट लगी एक स्विफ्ट कार बरामद की है। सभी आरोपियों को जेल भेजा गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों और उनके संभावित संपर्कों की तलाश में जुटी है। 

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एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि सराय हकीम में हुई फायरिंग की घटना के बाद से ही पुलिस हथियारों की सप्लाई करने वालों की तलाश में जुटी थी। 6 और 7 मई की मध्य रात्रि को थाना सिविल लाइन, क्वार्सी और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग की संयुक्त टीम को पंजीपुर रोड स्थित एक पुराने खंडहर किले में संदिग्धों के जमा होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से आठ बदमाशों को दबोच लिया, जिनमें दो एएमयू में बीए के छात्र हैं। जांच के दौरान गिरोह के अन्य चार सदस्यों को भी अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। 
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गिरफ्तार किए गए आरोपियों में टीचर्स कॉलोनी निवासी अहमद चिंगारी, ऊपर कोट निवासी ग्रुप लीडर हाजी कासिफ (ग्रुप लीडर, ऊपरकोट), शहवान खान (एएमयू छात्र, फिरोजाबाद) मो. कासिफ (एएमयू छात्र, जमालपुर), कासिम, असद उर्फ चेतन, मो. जुनैद, मो. अरसलान, कामरान, प्रमोद निवासी अलीगढ़, सौरभ (दिल्ली) और खैर बाईपास पर होटल क्राइन प्लाजा का मालिक प्रियेन्द्र प्रताप सिंह निवासी अलीगढ़ शामिल हैं। अहमद चिंगारी पर सात, शहवान खान पर दो, हाजी कासिफ पर दो, कासिम पर दो, असद पर दो, जुनैद पर तीन, अरसलान पर दो, कामरान पर चार, प्रमोद पर चार, प्रियेंद्र प्रताप सिंह पर चार और सौरभ पर पूर्व में एक मुकदमा पहले से ही दर्ज है। 
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डकैती की योजना बनाते हुए आठ लोगों को पकड़ा था। अन्य चार लोगों में एक अलीगढ़ के क्राउन प्लाजा के होटल का मालिक प्रियेंद्र प्रताप सिंह शामिल है। इस होटल में हथियारों की डीलिंग होती थी। हाजी कासिफ मुख्य सप्लायर है। सराय हकीम फायरिंग के आरोपी योगी को इसी ने हथियार दिए थे। जो लोग इनको हथियार सप्लाई करते थे, उनकी भी पुलिस तलाश कर रही है।  - नीरज जादौन, एसएसपी

पांच महीने पहले शुरू हुई थी घेराबंदी, एक वीडियो ने ढहाया साम्राज्य

हथियार तस्करी के जिस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, उसकी पटकथा रातों-रात नहीं लिखी गई। इसकी शुरुआत लगभग पांच महीने पहले 24 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब एएमयू के शिक्षक राव दानिश की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने पुलिस को एक ऐसे गहरे जाल की तरफ इशारा कर दिया था, जिसके तार अब जाकर पूरी तरह बेनकाब हुए हैं।

राव दानिश हत्याकांड के बाद जब पुलिस ने मुख्य आरोपियों जुबैर, फहद और यासिर की तलाश शुरू की, तो जांच टीम को अहसास हुआ कि यह केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे हथियारों की सप्लाई करने वाला एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस इन आरोपियों की गतिविधियों और उनके मददगारों पर नजर रख रही थी। इसी बीच सराय हकीम में हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस की सतर्कता को और बढ़ा दिया। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही थी कि इन अपराधियों को अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस कहां से मिल रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक ऐसा वीडियो लगा, जिसने इस पूरे मामले का रुख ही बदल दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वीडियो में गिरोह के सदस्य हथियारों की डीलिंग करते, उनकी नुमाइश करते और कीमतों को लेकर सौदेबाजी करते साफ नजर आए।

जब पुलिस ने इस फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। वीडियो के जरिए गिरोह के ठिकानों (जैसे होटल क्राउन प्लाजा) की पहचान हुई। हथियार सप्लाई करने वाले सफेदपोश और एएमयू के छात्रों के चेहरे सामने आए। तस्करों के नेटवर्क में शामिल बिचौलियों और दिल्ली के खरीदारों की शिनाख्त आसान हो गई। इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने कई हफ्तों तक गिरोह की हर हरकत को रडार पर रखा। जब पुलिस को पुख्ता जानकारी मिल गई कि गिरोह के सदस्य एक बार फिर डकैती की योजना बनाने और हथियारों की बड़ी खेप पहुंचाने के लिए एकत्रित हुए हैं, तब संयुक्त टीमों ने छापेमारी कर 12 बदमाशों को दबोच लिया।

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